प्रकृति के प्रति जागरूक हों

बढ़ते वायु प्रदूषण से पूरी दुनिया चिंतित है. इन दिनों देश की राजधानी दिल्ली वायु प्रदूषण की वजह से सुर्खियों में है. मगर सवाल उठता है कि सिर्फ राजधानी में ही चिंता का विषय क्यों है? पूरे भारत में क्यों नहीं? एक दिन दीवाली पर पटाखों पर रोक और चार-पांच दिनों के लिए ऑड-इवन स्कीम […]

बढ़ते वायु प्रदूषण से पूरी दुनिया चिंतित है. इन दिनों देश की राजधानी दिल्ली वायु प्रदूषण की वजह से सुर्खियों में है. मगर सवाल उठता है कि सिर्फ राजधानी में ही चिंता का विषय क्यों है?

पूरे भारत में क्यों नहीं? एक दिन दीवाली पर पटाखों पर रोक और चार-पांच दिनों के लिए ऑड-इवन स्कीम लागू कर देने से क्या हमें प्रदूषण से निजात मिल सकती है या सिर्फ दिल्ली के प्रदूषण को रोक कर हम इस समस्या से मुक्ति पा लेंगे? जरूरी यह है कि जिस तरह अलग-अलग मुद्दों पर लोग जागरूक हो रहे हैं वैसे ही प्रकृति के प्रति भी हों. और, यह बड़े पैमाने पर हो. आज समस्या सिर्फ वायु प्रदूषण की ही नहीं, प्रकृति में हो रही विभिन्न परिवर्तनों के प्रति भी चिंता बढ़नी चाहिए. हम सभी इस परिवर्तन के जिम्मेदार हैं.

हमें इसका समाधान निकाल कर जल्द से जल्द उसपर अमल करना चाहिए. प्रकृति के प्रति लोगों को जवाबदेह होना चाहिए. इससे पहले कि देर हो जाए, सरकार को भी इस विषय को राष्ट्रीय प्राथमिकता के स्तर पर देखना चाहिए.

अमृता चतुर्वेदी, इमेल से

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