भारत से बेहतर संबंध चीन की प्राथमिकता नहीं

ब्रिक्स घोषणापत्र पर चीन की सहमति महज सम्मेलन सफल बनाने की उसकी फौरी रणनीति थी. उसकी हमेशा से यही कोशिश रही है कि वैश्विक मंचों पर नयी दिल्ली के बढ़ते कद को रोकने के लिए भारत के बराबर पाकिस्तान को खड़ा किया जाये और उसकी यह रणनीति फिलहाल बदलने वाली नहीं है. मसूद अजहर पर […]

ब्रिक्स घोषणापत्र पर चीन की सहमति महज सम्मेलन सफल बनाने की उसकी फौरी रणनीति थी. उसकी हमेशा से यही कोशिश रही है कि वैश्विक मंचों पर नयी दिल्ली के बढ़ते कद को रोकने के लिए भारत के बराबर पाकिस्तान को खड़ा किया जाये और उसकी यह रणनीति फिलहाल बदलने वाली नहीं है.
मसूद अजहर पर अड़ंगा लगाकर चीन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत से बेहतर संबंध उसकी प्राथमिकता में नहीं है. वह भारत के क्षेत्रीय व वैश्विक रसूख में हो रही वृद्धि को रोकने की रणनीति का पोषण करता रहेगा. भारत को इसी संदर्भ में अपनी आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक तैयारियां करनी चाहिए.
डाॅ हेमंत कुमार, गोराडीह (भागलपुर)

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