हर भारतवासी अपने विद्यार्थी जीवन में इतिहास का अध्ययन किया है. लेकिन वर्तमान में इतिहास को बदला जा रहा है. इसे बदलने में लगे नेताओं में से कई उसी इतिहास को पढ़कर स्नातक और स्नातकोत्तर हुए हैं.
अब ये लोग भारतीय इतिहास से छेड़छाड़ क्यों कर रहे हैं यह समझ से परे है. इतिहास में कई बुरे और अच्छे शासक हुए, पर राजनीतिक लाभ के लिए एक वंश-विशेष शासकों को इतिहास से हटा देना हास्यास्पद है.
इतिहास के कारण ही अहमदाबाद को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा यूनेस्को ने दिया है. सुल्तान अहमद शाह ने अहमदाबाद शहर को 15 वीं सदी में साबरमती नदी के किनारे बसाया था. इन नेताओं को देशहित में कोई अच्छे काम करने चाहिए वरना इनको भी इतिहास में जगह नहीं मिलेगी.
अनमोल रंजन, रांची
