Advertisement

Technology

  • Sep 5 2019 9:30PM
Advertisement

चांद पर भारत की ‘सॉफ्ट लैंडिंग' के दौरान सभी की निगाहें ‘विक्रम' और ‘प्रज्ञान' पर होंगी

चांद पर भारत की ‘सॉफ्ट लैंडिंग' के दौरान सभी की निगाहें ‘विक्रम' और ‘प्रज्ञान' पर होंगी
सांकेतिक तस्वीर.

बेंगलुरु : चांद पर शनिवार तड़के ‘सॉफ्ट लैंडिंग' के भारत के प्रयास के दौरान लैंडर ‘विक्रम' और रोवर ‘प्रज्ञान' सभी के आकर्षण का केंद्र होंगे. चांद के अध्ययन के लिए भेजा गया चंद्रयान 2 देश में विकसित प्रौद्योगिकी से परिपूर्ण है.

 

इसके 1,471 किलोग्राम वजनी लैंडर का नाम ‘विक्रम' है और यह नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम ए साराभाई के नाम पर रखा गया है.

लैंडर के चांद पर उतरने के बाद इसके भीतर से रोवर ‘प्रज्ञान' बाहर निकलेगा और एक चंद्र दिवस यानी के पृथ्वी के 14 दिनों की अवधि तक अपने वैज्ञानिक कार्यों को अंजाम देगा.

रोवर 27 किलोग्राम वजनी छह पहिया रोबोटिक वाहन है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस है. इसका नाम ‘प्रज्ञान' है जिसका मतलब ‘बुद्धिमत्ता' से है. यह ‘लैंडिंग' स्थल से 500 मीटर तक की दूरी तय कर सकता है और यह अपने परिचालन के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा.

यह लैंडर को जानकारी भेजेगा और लैंडर बेंगलुरु के पास ब्याललु स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क को जानकारी प्रसारित करेगा.

इसरो के अनुसार लैंडर में तीन वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं जो चांद की सतह और उप सतह पर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा, जबकि रोवर के साथ दो वैज्ञानिक उपकरण हैं जो चांद की सतह से संबंधित समझ में मजबूती लाने का काम करेंगे.

लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में दो गड्ढों-‘मैंजिनस सी' और ‘सिंपेलियस एन' के बीच उतरेगा.

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement