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  • Dec 4 2019 8:14PM
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Google Alphabet CEO Sundar Pichai: भारतीय मूल का टेक-एग्जीक्यूटिव यूं चढ़ता गया सफलता के पायदान

Google Alphabet CEO Sundar Pichai: भारतीय मूल का टेक-एग्जीक्यूटिव यूं चढ़ता गया सफलता के पायदान
फोटो सोशल मीडिया से.

भारतीय मूल के टेक-एग्जीक्यूटिव सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) गूगल के सीईओ (Google CEO) चुने जाने के 4 साल बाद ही पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) के सीईओ भी बना दिये गए हैं. गौरतलब है कि अल्फाबेट के अंतर्गत गूगल के सभी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज आते हैं.

 

खबर है कि गूगल के दोनों फाउंडर्स सर्जेई ब्रिन (Sergey Brin) और लैरी पेज (Larry Page) अब अपना पद छोड़ रहे हैं. लैरी पेज ने अल्फाबेट के सीईओ के पद से रिजाइन कर दिया, जबकि सर्जेई ब्रिन ने अल्फाबेट के प्रेसिडेंट का पद छोड़ दिया है.

हालांकि ये दोनों को-फाउंडर्स और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के तौर पर कंपनी के साथ बने रहेंगे. यहां खास बात यह है कि अब सुंदर पिचाई के पास कई नयी जिम्मेदारियां होंगी.

सुंदर पिचाई का वास्तविक नाम पिचाई सुंदराजन है. उनका जन्म 1972 में तमिलनाडु स्थित मदुरई के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. उन्होंने आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) से इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री ली है. यहीं पर वह अंजली से मिले और बाद में उनसे शादी कर ली.

पिचाई ने अपने बैच में सिल्वर मेडल हासिल किया था. इसके बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) से मास्टर्स की डिग्री ली और वॉर्टन यूनिवर्सिटी (Wharton University) से एमबीए किया.

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मैकिंजी (McKinsey & Companies) ज्वाइन किया और 2004 में प्रोडक्ट और इनोवेशन ऑफिसर के तौर पर गूगल से जुड़े.

इसके बाद उन्होंने गूगल क्रोम (Google Chrome), क्रोम ओएस (Chrome OS) और गूगल ड्राइव (Google Drive) के डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

इसके बाद उन्होंने जीमेल (Gmail) और गूगल मैप्स (Google Maps) के डेवलपमेंट पर भी काम किया. 2013 में पिचाई को एंड्रॉयड (Android) में भी अहम रोल दिया गया.

सुंदर पिचाई ने गूगल के लगभग हर बड़े प्रोडक्ट्स के लिए काम किया है और उनके रहते उन सभी प्रोडक्ट्स ने काफी तरक्की की है. जीमेल, गूगल क्रोम, गूगल ड्राइव और क्रोम ओएस तक में वह सक्रिय रहे हैं.

पिचाई के नेतृत्व में गूगल सभी प्रमुख ट्रेंड जैसे- क्लाउड, मोबाइल, सर्च और एडवर्टाइजिंग में अग्रणी है. यही नहीं, नयी तकनीक पर खर्च करने में भी कंपनी आगे है. पिचाई ने प्राइवेसी, नफरत फैलाने वाले बयान, गलत जानकारी और राजनीतिक भेदभाव जैसे विवादों से भी गूगल को उबारा.

पिचाई के नेतृत्व में गूगल का सालाना ऐड रेवेन्यू पिछले तीन साल में 85% बढ़ा. 2015 में 4.35 लाख करोड़ रुपये था, 2018 में 8.31 लाख करोड़ पहुंच गया. वहीं, अल्फाबेट के रेवेन्यू में गूगल के ऐड बिजनेस की 85% हिस्सेदारी है.

कंपनी बीती 15 तिमाही से लगातार मुनाफे में है. पिछले साल अल्फाबेट का कुल रेवेन्यू 9.52 लाख करोड़ रुपये रहा. बीते चार साल में कंपनी के शेयर ने 80% से ज्यादा रिटर्न दिया.

बताया जाता है कि ट्विटर ने 2011 में पिचाई को जॉब ऑफर किया था, लेकिन गूगल ने उन्हें 5 करोड़ डॉलर (305 करोड़ रुपये) देकर रोक लिया था.

सेलिब्रेटी और बिजनेस लीडर्स की कमाई से जुड़े आंकड़े पेश करने वाले पोर्टल 'सेलिब्रिटीवर्थ डॉट कॉम' के मुताबिक, पिचाई के पास लगभग 60 करोड़ डॉलर यानी करीब 43,200 करोड़ रुपये की संपत्ति है. इस तरह वह दुनिया के सबसे अमीर कॉरपोरेट एग्जीक्यूटिव्स में से एक हैं.

15 साल तक गूगल में काम करने के बाद अब सुंदर पिचाई अपने करियर के पीक पर हैं. टाइग्रेस फाइनेंशियल पार्टनर्स के डायरेक्टर (रिसर्च) इवान फेनसेथ का कहना है कि यह उम्मीद हमेशा से थी कि एक न एक दिन पिचाई को ज्यादा जिम्मेदारियां दी जाएंगी. अल्फाबेट के नेतृत्व के लिए वे सही व्यक्ति हैं.

अल्फाबेट का सीईओ बनाये जाने के बाद सुंदर पिचाई ने गूगल के को-फाउंडर्स - लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन का शुक्रिया अदा किया है और कहा है कि वह इस नये ट्रांजिशन से उत्साहित हैं.

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