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Singhbhum west

  • Aug 19 2019 1:22PM
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झारखंड : बाढ़ में बह गया पश्चिम सिंहभूम का इंदकाटा पुल, दर्जनों गांवों का संपर्क कटा, सरकारी व निजी स्कूल बंद

झारखंड : बाढ़ में बह गया पश्चिम सिंहभूम का इंदकाटा पुल, दर्जनों गांवों का संपर्क कटा, सरकारी व निजी स्कूल बंद

सुकेश कुमार

चाईबासा : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम में शनिवार-रविवार को हुई मूसलाधार बारिश की वजह से कई गांव जलमग्न हो गये, जबकि इंदकाटा पुल टूट गया. इससे चक्रधरपुर से कई गांवों का संपर्क कट गया है. बड़ी संख्या में घरों को नुकसान पहुंचा है. जिला प्रशासन बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन में जुट गया है.

उपायुक्त अरवा राजकमल ने बाढ़ प्रभावित घरों को चिह्नित करने का आदेश संबंधित पदाधिकारियों को दिया है. चक्रधरपुर अनुमंडल में सबसे अधिक नुकसान की बात कही जा रही है. सोमवार को उपायुक्त ने सभी सरकारी व निजी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिये. शनिवार को हुई बारिश से जिले के कई तालाब धंस गये हैं.

चक्रधरपुर प्रखंड के आसनतलिया पंचायत अंतर्गत इंदकाटा गांव में संजय नदी पर बने पुल से सटी सड़क बाढ़ में बह गयी. इसकी वजह से पुल भी टूट गया. फलस्वरूप शहर से गांवों का संपर्क टूट गया. शनिवार देर रात को पुल सुरक्षित था. इसको थोड़ा नुकसान जरूर पहुंचा था, लेकिन रविवार देर रात पुल का एक भाग पूरी तरह टूट गया.

इससे दो दर्जन से अधिक गांवों का सड़क मार्ग से संपर्क कट गया है. इस पुल का निर्माण वर्ष 2012 में हुआ था. इससे जुड़े संपर्क पथ के बाढ़ के पानी में बह जाने से पुल तक आना-जाना बंद हो गया. मध्य विद्यालय आसनतलिया के समीप बने हेलीपैड के सामने उक्त पुल व सड़क हैं.

इन गांवों का कटा संपर्क

पुल से सटी सड़क के बह जाने के कारण बड़ी संख्या में गांवों का संपर्क चक्रधरपुर से कट गया है. इंदकाटा, मोरांगटांड, कुदर साई, ठसकपुर, सिकीदीकी, लांडुपोदा, रोलाडीह व अन्य गांवों के ग्रामीण शहर से अब कट गये हैं. सबसे अधिक परेशानी एक बार फिर स्कूली बच्चों को होगी. अब बच्चे स्कूल नहीं आ पायेंगे.

चर्चा में रही थी सड़क व पुल

इंदकाटा के संजय नदी पर बना यह पुल व सड़क शुरू से ही चर्चा में रही. पहले तो नदी पर पुल नहीं था. इसकी वजह से बच्चों को नदी में तैर कर स्कूल जाना पड़ता था. इसकी तस्वीरें समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई, तो अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में खलबली मच गयी. तब तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री सुदेश महतो के प्रयास से वर्ष 2012 में इंदकाटा पुल का निर्माण कराया गया.

खूंटपानी प्रखंड के कई गांवों पर दिखा असर

विंजन नदी का जल स्तर बढ़ने से कई गांवों को क्षति पहुंची है. एसडीओ परितोष ठाकुर के नेतृत्व में वैसे परिवारों को चिह्नित किया जा रहा है, जो बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद देंगे : उपायुक्त

बाढ़ से प्रभावित स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है. चक्रधरपुर प्रखंड में अधिक क्षति हुई है. संबंधित अधिकारियों को क्षति के आकलन की जिम्मेदारी सौंप दी गयी है. जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के साथ है. कई जगहों पर राहत शिविर लगाकर प्रशासन की ओर से सहयोग किया जा रहा है. पीड़ितों को हरसंभव मदद दी जायेगी.

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