simdega

  • Dec 14 2019 8:47PM
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उग्रवाद-ग्रस्‍त सिमडेगा के इस गांव में तैयार हो रही खिलाड़ियों की नयी पौध

उग्रवाद-ग्रस्‍त सिमडेगा के इस गांव में तैयार हो रही खिलाड़ियों की नयी पौध
photo pk

।। रविकांत साहू ।।

सिमडेगा : कभी उग्रवाद के नाम से जाना जाने वाला गांव डोंगापानी अब खिलाड़ियों के नाम से जाना जायेगा. यह बदलाव गांव के बच्चों और सरस्वती शिशु मंदिर के शिक्षक की पहल से संभव हो पा रहा है. 25 दिनों के अंदर हॉकी सिमडेगा व सरस्वती शिशु मंदिर के द्वारा 06 से 14 वर्ष के 250 से अधिक संसाधन विहीन गरीब बच्चों के बीच नि:शुल्क खेल एवं पढ़ाई की व्यवस्था की शुरुआत की योजना है.

सरस्वती शिशु मंदिर एवं हॉकी सिमडेगा के सहयोग से जिला मुख्यालय से लगभग 14 किलोमीटर दूर उग्रवाद प्रभावित डोंगापानी गांव में बाल संस्कार केंद्र सह खेलकूद केंद्र की शुरुआत की गई.

अब यहां के 06 से 14 वर्ष के बच्चों को प्रतिदिन प्रातः में ढेड़ घंटा खेलकूद की ट्रेनिंग दी जायेगी. शाम को 1 घंटा पढ़ाई कराई जायेगी. सरस्वती शिशु मंदिर सिमडेगा के प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू, हॉकी सिमडेगा के महासचिब मनोज कोनबेगी, तीरंदाजी कोच राजू मांझी, पूर्व मुखिया चंद्रदेव मुंडा एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में गांव की महिला सदस्यों ने नारियल फोड़कर काय्रक्रम की शुरुआत की. 

हॉकी सिमडेगा के मनोज कोनबेगी, पूर्व मुखिया चंद्रदेव मुंडा तथा स्थानीय युवक राहुल मुंडा के अगुवाई में गांव के खाली पड़े निजी जमीन को सफाई कर खेल मैदान बनाने की शुरुआत कर दी गयी है. मनोज कोनबेगी ने मौके पर बच्चों को फिजिकल ट्रेंनिग भी दी. दो दिनों के अंदर सभी बच्चे जंगलों की लकड़ी से हॉकी स्टिक तैयार कर लेंगे. इसके बाद हॉकी की ट्रेंनिग दी जायेगी. पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद ट्रेनिंग में 45 से 50 बच्चे भाग ले रहे हैं. इसमें गांव के ही युवक राहुल मुंडा  प्रतिदिन पढ़ाई एवं खेलुकद का अभ्यास करायेंगे. विशेष प्रशिक्षक भी यहां पंहुचकर विशेष ट्रेनिंग देंगे. 

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