siliguri

  • Dec 15 2019 1:16AM
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हिंसक घटनाओं के लिए ममता सरकार जिम्मेवार

वोट बैंक के चक्कर में बंगाल को पश्चिमी बांग्लादेश बनाना चाहती हैं ममता 

राज्य में हालात बदतर, सेना बुलाने की नौबत
 
सिलीगुड़ी : नागरिकता संशोधन बिल (कैब) को लेकर राज्य में एक खास समुदाय द्वारा इसका विरोध जताया जा रहा है. मुर्शिदाबाद व हावड़ा के उलवेड़िया में रेल स्टेशन पर तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. बसों-ट्रेनों में पत्थरबाजी व आग लगाने वाले लोग क्या भारतीय हैं ? इस घटना के लिए राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पूरी तरह जिम्मेवार है.
 
ये बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कही. शनिवार को वे सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. पत्रकारों से बातीचीत के दौरान दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पिछले दो दिनों में जो घटना हुई है, वह भारत की छवि को कलंकित करनेवाला है. उन्होंने कहा कि यह भारत की तस्वीर नहीं है.
 
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी राज्य को बांग्लादेश बनाना रही है. उनके इशारे पर ही इस तरह की घटनाएं हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के पास पुलिस प्रशासन भी है, फिर भी घुसपैठियों के आंदोलन को रोकने में सरकार नाकाम साबित हो रही है. उन्होंने बताया कि हालात इतने बदतर हो गये हैं कि राज्य में सेना बुलाने की नौबत आ गई है.
 
उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल का विरोध देश के संविधान का अपमान है. उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल के अंतर्गत तीन देशों के छह समुदायों को भारत की  नागरिकता दी जायेगी. दिलीप घोष ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि इसे लेकर भारत के मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है. जितना अधिकार उन्हें है, उतना ही अधिकार भारत में रहने वाले हर मुसलमान को संविधान में दिया गया है.
 
उन्होंने कहा कि जो लोग भारतीय मुसलमानों पर अत्याचार की बात कह रहे हैं, वे ये मान रहे हैं कि मुस्लिम बहुल देशों में उनके उपर अत्याचार हुआ है. तभी वे भारत में शरणार्थी के तौर पर आये हैं. उन्होंने बताया कि हाथ में राष्ट्रीय झंडा लेकर सरकारी संपत्ति को नष्ट करने का अधिकार किसी को नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग ट्रेन-बसों में आगजनी कर रहे है, वे कभी भारतीय नहीं हो सकते हैं. उन्होंने ऐसे लोगों को घुसपैठिया करार दिया.
 
उन्होंने कहा कि 60 से 70 लाख घुसपैठिया वोटर बंगाल में है. इन सभी से वोट लेकर ममता बनर्जी सत्ता पर कब्जा बनाये रखना चाहती है. बंगाल में हो रही हिंसा का जिम्मेदार ममता बनर्जी को ठहराते हुए दिलीप घोष ने कहा कि एनआरसी के नाम पर इन घुसपैठियों को भड़का कर  शांति -व्यवस्था को चौपट करने की साजिश हो रही है. बार-बार इन घुसपैठियों को एनआरसी के नाम पर बहला-फुसला कर अशांति फैलाने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है. राज्य की पुलिस भी डर के मारे उन्हें हाथ नहीं लगा रही है. 
 
उन्होंने कहा कि देश को विभाजन की ओर धकेला जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई हिंसक घटनाओं को राज्य सरकार रोक सकती थी, लेकिन तृणमूल ने इसे बढ़ावा दिया. तसलीमा नसरीन के मुद्दे को लेकर इन्हीं लोगों ने अशांति फैलाने की कोशिश की थी. तब बाध्य होकर ज्योति बसु को सेना का सहारा लेना पड़ा.
 
उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार इन हिंसक घटनाओं पर काबू पाने में विफल हो रही है तो केन्द्र सरकार मदद को तैयार है. दिलीप घोष ने कहा कि 2005 में ममता बनर्जी ने ही बंगाल में घुसपैठियों को लेकर आवाज बुलंद की थी. उस वक्त उन्होंने बंगाल के लिए इसे खतरा बताया था. आज ममता क्यों बंगाल में एनआरसी के खिलाफ है? उन्होंने कहा कि राज्यपाल इन घटनाओं की रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेजेगी.  
 
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