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siliguri

  • Sep 12 2019 1:47AM
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बूंद-बूंद बचाने से ही दूर होगा जल संकट : मीनाक्षी

 गोद लिये गांव के ग्रामीणों को पढ़ाया जल संरक्षण का पाठ

जल शक्ति टीम की छात्र-छात्राएं भी ग्रामीण महिलाओं को देंगी प्रशिक्षण

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जल संरक्षण का लिया संकल्प
 
सिलीगुड़ी : बूंद-बूंद पानी की बचत से ही जल संकट को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. यह केवल बोलने या फिर भाषणबाजी मात्र से नहीं बल्कि बेवजह पानी की बर्बादी को रोकने के लिए हम सभी को अपनी आदत बदलनी होगी. यह कहना है प्रगति कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल मीनाक्षी कुमारी का. वे बुधवार को शहर से सटे दागापुर के लुटियाजोत गांव स्थित कॉलेज कैंपस में आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा के तहत चलाये जा रहे ‘जल शक्ति अभियान’ जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी. 
 
उन्होंने कहा कि पानी बचाने के लिए हम सभी को पहले खुद पहल करनी होगी. साथ ही इसके लिए दूसरों को भी जागरूक करना होगा. श्रीमती कुमारी ने कहा कि शोधकर्ताओं ने साबित कर दिया है कि जल संकट की ऐसी ही समस्या बनी रही तो आनेवाले समय में पानी के लिए हर जगह हाहाकार मचेगा. भविष्य में अगर दुनिया में युद्ध भी होगा तो पानी के लिए ही होगा. जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ-साथ कॉलेज द्वारा गोद लिये गये गांव लुटिया जोत के ग्रामीणों को भी जल संरक्षण का पाठ पढ़ाया गया.
 
साथ ही शिक्षिका प्रतीक्षा दीवान के नेतृत्व में पांच छात्र-छात्राओं लीना तिर्की, तन्मय सरकार, उज्जवल छेत्री, भाग्यश्री शर्मा व खुशबू कुमारी को लेकर ‘जल शक्ति’ नामक एक टीम गठित की गयी. साथ ही पांच ग्रामीण महिलाओं को भी मिलाकर एक अलग से टीम बनायी गयी. इन महिलाओं को प्रतीक्षा दीवान के नेतृत्व में पहले जल संरक्षण की तालीम दी जायेगी. बाद में महिलाओं को साथ लेकर जल शक्ति टीम घर-घर जाकर जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों को जागरूक करेंगे. इसके तहत ग्रामीणों को बेवजह पानी बर्बाद न करने, पानी संचय करने, बारिश के पानी को भी टैंक या फिर अन्य साधनों द्वारा जमा करने आदि के लिए जागरूक किया जायेगा. 
 
 मीनाक्षी कुमारी की अगुआई में कॉलेज के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों ने भी जल संरक्षण करने का संकल्प लिया. श्रीमती कुमारी ने बताया कि यह स्वच्छता पखवाड़ा केंद सरकार के ह्यूमन रिसॉर्स डेवलपमेंट मंत्रालय के निर्देश पर एक सितंबर को शुरू हुआ जो 15 सितंबर को समाप्त होगा. 16-30 सितंबर तक प्लास्टिक फ्री इंडिया जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा. 
 
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