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siliguri

  • Mar 14 2019 2:03AM

काला सुब्रत समेत तीन गिरफ्तार

 विधान मार्केट में है तीनों का दबदबा

विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ मामला

जांच के लिए नागालैंड भी जायेगी पुलिस

कोर्ट ने सभी को दस दिनों के रिमांड पर भेजा
 
सिलीगुड़ी : कानून को धोखा देने के इरादे से फर्जी कागजात बनाकर आग्नेयास्त्र रखने के आरोप में सिलीगुड़ी के तीन दिग्गजों को सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों में सुब्रत साहा उर्फ काला सुब्रत, परिमल सरकार व रवींद्र सरकार शामिल है. बुधवार तीनों आरोपियों को सिलीगुड़ी एसीजेएम अदालत में पेश किया.
 
अदालत ने  तीनों आरोपियों को दस दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है. जांच के लिए सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस अब नागालैंड रवाना होगी. आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी के लिए भारतीय दंड विधान की धारा 420, अपराधिक मकसद के लिए कागजी जालसाजी के लिए धारा 465 व 468 के साथ आर्म्स एक्ट 30 के तहत मामला दर्ज किया है.
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते वर्ष तीनों ने अपने आर्म्स लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट में आवेदन किया. तीनों के पास नागालैंड से जारी आर्म्स लाइसेंस था. नवीनीकरण के लिए इन तीनों ने उस लाइसेंस की एक प्रति भी जमा करायी. लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में जांच के दौरान पुलिस को फर्जीवाड़े की बू आयी. इसके बाद सितंबर महीने में इन तीनों से सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने आग्नेयास्त्र जमा करा लिया.
 
जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे. इसके बाद  मंगलवार रात को सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस की माटीगाड़ा थाना पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया. आरोपियों में शामिल सुब्रत साहा उर्फ काला सुब्रत शहर के हाकिमपाड़ा, परिमल सरकार सुभाष पल्ली व रवींद्र साहा माटीगाड़ा इलाके का निवासी है. तीनों की तिकड़ी की सिलीगुड़ी में अलग ही पहचान है. शहर के विधान मार्केट में इनकी तूती बोलती है. पुलिस की मानें तो इन तीनों के खिलाफ सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के विभिन्न थानों में कई अपराधिक ममले दर्ज है.
 
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार फर्जी लाइसेंस के आधार पर ये तीनों कई आग्नेयास्त्र की खरीद-बिक्री भी की है. जांच में पुलिस को मालूम हुआ कि सुब्रत साहा उर्फ काला सुब्रत को नागालैंड प्रशासन ने कभी लाइसेंस जारी ही नहीं किया. बल्कि परिमल सरकार व रवींद्र साहा ने लाइसेंस में जो पता दिया है वह पूरी तरह से फर्जी है. उस स्थान पर ये दोनों कभी रहे ही नहीं. इसके बाद पुलिस ने इन दोनों से पूछताछ की और मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया.
 
हैरान करने वाली बात यह है कि तीनों आरोपियों का लाइसेंस ऑल इंडिया परमिट का बताया जा रहा है. अर्थात हथियार लेकर ये तीनों भारत के किसी भी कोने में आ-जा सकते हैं. बल्कि हथियार का ऑल इंडिया परमिट वाले लाइसेंस के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति भी अनिवार्य है. सूत्रों के मुताबिक नागालैंड में हथियारों का फर्जी लाइसेंस बनवाने का गिरोह बड़े पैमाने पर पूरे देश में कार्य कर रहा है. उसी गिरोह द्वारा इन तीनों ने लाइसेंस लिया हो. यही संदेह पुलिस को है. 
 
आरोपी परिमल सरकार के वकील अत्रीदेव शर्मा ने बताया कि पुलिस का आरोप है कि इनका लाइसेंस फर्जी है. ऑल इंडिया परमिट वाले हथियार के लाइसेंस में जो पता दर्ज है वह फर्जी बताया जा रहा है. इधर सरकारी पक्ष के वकील सुदीप राय बासुनिया ने बताया कि तीनों आरोपियों के हथियार लाइसेंस पूरी तरह से फर्जी हैं.
 
लाइसेंस फर्जी होने के कई दस्तावेज न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया है. नागालैंड प्रशासन से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार सुब्रत साहा के नाम पर कभी कोई लाइसेंस जारी ही नहीं हुआ है. बल्कि अन्य दो के लाइसेंस में दर्ज पता पूरी तरह से फर्जी है. ये दोनों कभी उस पते पर रहे ही नहीं. दस्तावेजों से संतुष्ट होकर एसीजेएम न्यायाधीस ने जांच के लिए तीनों को 10 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है.
 
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