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siliguri

  • Jan 12 2019 6:02AM

सिलीगुड़ी : एक साल में तस्करी से बचाये गये 669 बच्चे

सिलीगुड़ी : एक साल में तस्करी से बचाये गये 669 बच्चे
  • विभिन्न स्टेख्शनों और ट्रेनों से हुई बरामदगी
  • नौ तस्करों को भी दबोचा गया जीआरपी को सौंपा
  • लगातार अभियान चला रही है आरपीएफ की विशेष टीम
 
सिलीगुड़ी :  पूर्वोत्तर सीमा रेलवे ने पिछले 1 साल के दौरान विभिन्न रेलवे स्टेशनों से 669 नाबालिक लड़के-लड़कियों को तस्करी से बचा लिया है. यह तमाम बच्चे सिलीगुड़ी, न्यू जलपाईगुड़ी, मालदा सहित पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से बचाए गए हैं. इस दौरान कुल 9 तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है.
 
 शुक्रवार को यह आंकड़ा पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के सीपीआरओ पीजे शर्मा ने जारी किया. श्री शर्मा ने बताया है कि वर्ष 2018 में जनवरी से लेकर दिसंबर तक कुल 669 बच्चे विभिन्न स्टेशनों से या फिर ट्रेनों से बरामद किए गए हैं.
 
 इन बच्चों को बहला-फुसलाकर तस्कर अन्यत्र ले जा रहे थे. आरपीएफ जवानों की इन पर नजर पड़ी तो इन लोगों को बचा लिया गया. पिछले दिसंबर महीने में ही कई बच्चे बचाए गए हैं. श्री शर्मा ने बताया कि पिछले महीने की 17 तारीख को दीमापुर के 5 नाबालिग लड़कों को आरपीएफ के सीपीडीएस की टीम ने बरामद किया. तस्कर ब्रह्मपुत्र मेल में तीन बच्चों को कहीं ले जा रहे थे. ड्यूटी पर तैनात सीपीडीएस टीम के हेड कांस्टेबल विक्रम बोस तथा ए के सिंह की नजर इन बच्चों पर पड़ी. 
 
उसके बाद इनसे  पूछताछ पर पता चला कि इन्हें बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जाया जा रहा है. इन बच्चों को अपने कब्जे में ले लिया. इस मामले में तस्कर की भी गिरफ्तारी हुई है. उसके अगले ही दिन 18 तारीख को जनशताब्दी एक्सप्रेस से भी दो नाबालिग बच्चे बरामद किए गए. ये सभी बच्चे नागालैंड के दीमापुर के रहने वाले हैं. बच्चों की बरामदगी के बाद उनके परिवार वालों को सूचना दी गई. 
 
परिवार के लोग आए एवं उचित पहचान बता कर अपने बच्चे को ले गए. श्री शर्मा ने आगे बताया कि जनवरी महीने में भी आरपीएफ ने एक नाबालिक बच्चे को तस्करी से बचाया है. इस बच्चे की बरामदगी कटिहार स्टेशन से की ग.ई श्री शर्मा के अनुसार आरपीएफ की विशेष टीम लगातार इस तरह की अभियान चला रही है. 
 
बच्चों को बचाने के साथ साथ तस्करों को भी दबोचा जा रहा है. इस काम में चाइल्ड लाइन सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों की भी मदद ली जा रही है. तस्करों को कब्जे में लेने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंप दिया जाता है. श्री शर्मा ने आगे कहा कि पूर्वोत्तर सीमा रेलवे क्षेत्र में आरपीएफ की विशेष टीम लगातार इस तरह का अभियान चलाती रहेगी.
 

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