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siliguri

  • Apr 15 2019 8:15PM

सिलीगुड़ी : फ्रेंड्स क्लब के नाम पर चल रहा है देह व्‍यापार, कई सेंटरों का हो रहा संचालन

सिलीगुड़ी : फ्रेंड्स क्लब के नाम पर चल रहा है देह व्‍यापार, कई सेंटरों का हो रहा संचालन

- फोन ओ फ्रेंड की आड़ में भी लाखों रुपये की ठगी 

- पड़ोसी देश नेपाल और भूटान से लायी जाती हैं युवतियां

- बैक ऑफिस काम व मासिक वेतन के लुभावने वादे 

- अय्याश व युवाओं से रुपये ऐंठ कर फल-फूल रहा है गिरोह

सिलीगुड़ी : बदलते दौर में सिलीगुड़ी शहर भी काफी आगे बढ़ा है. पूर्वोत्तर का प्रवेशद्वार माना जाने वाला यह शहर व्यापारिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है. हालांकि अब व्यवसाय के साथ ही अवैध कारोबार भी काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. विभिन्‍न प्रकार के मादक पदार्थों से लेकर, बहुमूल्य वन संपत्ति व वन्यप्राणों के देहावशेष, सुपारी व सोना आदि की तस्करी काफी बढ़ी है. 

 

इसी क्रम में सिलीगुड़ी शहर में देह व्यापार का धंधा भी काफी फल-फूल रहा है. पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए मसाज पार्लर, फ्रेंड्स क्लब व बैक ऑफिस की आड़ में देह व्यापार का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. बीते दस वर्षों में सिलीगुड़ी शहर काफी तेजी से आगे बढ़ा है. इसी क्रम में अवैध कारोबार भी तेजी से पनपा है. खासकर देह व्यापार के धंधे में काफी तेजी आयी है.

 

पहले तो मसाज पार्लर की आड़ में लेकिन अब फ्रेंड्स क्लब व फोन ओ फ्रेंड आदि की आड़ में यह गोरखधंधा परवान चढ़ रहा है. चिटफंड व नौकरी के नाम पर पहले ठगी होती थी. अब तो अय्याशी का झांसा देकर ठगी का कारोबार भी काफी तेजी से बढ़ रहा है. अय्याशी के चक्कर में ठगी एक ऐसी मार है जिसे पीड़ित अमूमन बता भी नहीं कर पाते हैं. इसी मजबूरी का फायदा उठाकर यह गिरोह करोड़ों रुपये की कमाई कर रहा है. 

 

अभी हाल में ही सिलीगुड़ी थाना अंतर्गत पानीटंकी पुलिस आउटपोस्ट के आश्रमपाड़ा इलाके में कॉल सेंटर की आड़ में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. घटना स्थल से पुलिस ने 12 युवतियों व चार युवकों के साथ कम्प्यूटर, डायरी व बैंक पासबुक आदि जब्त किये थे. सिलीगुड़ी शहर के कालेजपाड़ा, हाकिमपाड़ा, आश्रमपाड़ा, शक्तिगढ़, भारत नगर, भक्ति नगर, देशबंधु पाड़ा, विधान रोड व सेवक रोड आदि इलाके में यह रैकेट धड़ल्ले से चल रहा है.

 

विश्‍वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैक ऑफिस में काम का हवाला देकर बैनर, पोस्टर व विज्ञापन दिया जाता है. उसके माध्यम से युवतियों को 15 से 20 हजार मासिक वेतन का प्रलोभन देकर अय्याश लोगों से फोन पर बात करने का काम दिया जाता है. कारोबार चलाने के लिए इलाके में फ्रेंड्स क्लब या फोन ओ फ्रेंड्स के नाम पर फ्लैट या मकान किराये पर लेकर कार्यालय खोला जाता है. 

 

कार्यालय में 10 से अधिक युवती व कुछ युवकों को रखा जाता है. युवा व अय्याश लोगों का नंबर संग्रह कर फोन पर लंबी बातें कर उन्हें जाल में फंसाया जाता है और फिर ठगी व ब्लैकमेल का खेल शुरू होता है. इसके अतिरिक्‍त अधिक रुपये लेकर बंद कमरे में देह व्यापार भी चलाया जा रहा है. इस कारोबार को चलाने के लिए पड़ोसी देश नेपाल व भूटान से भी युवतियों व विवाहित महिलाओं को लाया जाता है. 

 

एक दंपती का नाम आया सामने 

शहर के कई नामचीन इस कारोबार के कर्ताधर्ता बताये जा रहे हैं. वर्ष 2011 तक चिटफंड कंपनी से जुड़े शहर के एक नामचीन दंपती देह व्यवसाय का किंग-पिन माना जा रहा है. इसी कारोबार के जरिए उनलोगों ने बीते कुछ वर्षों में शहर व आस-पास के इलाकों में करोड़ो रुपये की संपत्ति भी बनायी है. फ्रेंड्स क्लब व फोन ओ फ्रेंड्स की आड़ में प्रताड़ना के कई मामले राज्य सहित देश के विभिन्‍न थानों में दर्ज हैं. तार जुड़े होने की वजह से विभिन्‍न राज्यों की पुलिस सिलीगुड़ी से कई लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है. 

 

कहां-कहां गोरखधंधा 

हैदरपाड़ा स्थित बहुचर्चित क्लब के सामने खड़ी इमारत, भारत नगर स्थित एक क्लब के आस-पास, हैदरपाड़ा स्थित दो भवन के ईद-गिर्द, विधान मार्केट स्थित दो होटल, पानीटंकी मोड़, राजाराम मोहन राय रोड, आश्रमपाड़ा, चंपासारी, प्रधान नगर, सेवक रोड इलाके में फ्रेंड्स क्लब के सेंटर हैं. बल्कि रात के अंधेरे में युवतियां व महिलाएं भी इस कारोबार को सह दे रही हैं. 

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