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sheohar

  • Apr 20 2018 5:06AM

महिला हेल्पलाइन के आकड़ों पर गौर करेंगे

 शिवहर : जिले में घरेलू विवाद दिन प्रतिदिन बढ़ रहे है. महिला हेल्पलाइन के आकड़ों पर गौर करेंगे, तो वर्ष 2016 -17 में 49 मामले दर्ज किये गये, जबकि वर्ष 2017-18 में बढ़कर दर्ज किये गये मामलों की संख्या 54 पर पहुंच गयी है. जिले में वर्ष 2010 से महिला हेल्पलाइन कार्य कर रही है. अब तक 420 मामले दर्ज किये गये हैं, जिसमें करीब 14 मामले लंबित है. परियोजना प्रबंधक रानी कुमारी, काउंसेलर आशा कुमारी ने बताया कि अधिकतर मामले भरण -पोषण व घरेलु हिंसा से संबंधित है. करीब पांच मामले पेंचीदा है. जिसमें काउंसेलिंग के बावजूद पीड़िता के परिजन सहयोग करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं.

कुछ केस में पीड़ित के परिवार के लोग बात करने से भी कतराते हैं, ऐसे मामलों को चिंहित किया गया है. ऐसे में पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए महिला हेल्पलाइन कोर्ट में घरेलू घटना प्रतिवेदन देकर मामला दर्ज करा सकता है. कहा देकुली धर्मपुर के यतेंद्र पांडेय की पत्नी मीरा देवी द्वारा दर्ज कराये गये मामले में पूर्व एसपी से मुलाकात कर मामले को सुलझाने में सहयोग करने की अपील की गयी. किंतु उनके तबादले में मामले का अभी तक समाधान नहीं हो सका है. 

नये एसपी से मिल कर बतायेंगे प्रताड़ना की बात
 
नव पदस्थापित एसपी से मुलाकात करने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिये पहल किया जायेगा. कहा कि इस मामले में पिपराही थाना से सहयोग लिया जा रहा है. कहा कि देकुली धरमपुर के यतेंद्र पांडे की पत्नी ने महिला हेल्पलाइन में परिवाद दायर किया., जिसमें उनके ससुर एवं पति के साथ काउंसेलिंग कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया है, किंतु उनके ससुर गौरी शंकर पांडे इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं. इस मामले में घरेलू घटना प्रतिवेदन कोर्ट में सुपुर्द कर मामला दर्ज कराने की महिला हेल्पलाइन तैयारी कर रहा है. पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा. कहा कि पीड़िता के आरोप के अनुसार उसके ससुर प्रताड़ित करते हैं. फिलहाल पीड़िता अपने पिता के घर रेजमा गांव में रह रही है. उन्होंने बताया कि अठकोनी का एक मामला भी काउंसेलिंग के बावजूद सुलझ नहीं पा रहा है. 
मामले को सुलझाने में 
 
नहीं मिल रहा सहयोग
इस गांव के सुनीता देवी के पति पनापुर निवासी हंस लाल पंजियार महिला हेल्पलाइन को सहयोग नहीं कर रहे हैं. घटना में समझौता को लेकर काउंसेलिंग के बावजूद उनका कोई सहयोग नहीं मिला है. इस मामले में भी घरेलू घटना प्रतिवेदन देकर कोर्ट में मामला दर्ज कराने की महिला हेल्पलाइन तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि 2010 में महिला हेल्पलाइन का गठन किया गया. तब से जिले के घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलवाने व काउंसेलिंग के द्वारा समझौता के आधार पर उनके समस्या समाधान में अहम योगदान कर रहा है.
अब तक महिला उत्पीड़न से जुड़े दर्ज हैं 420 मामले
 
अधिकांश मामले भरण पोषण व घरेलू हिंसा के 
ससुर, सास, पति व अन्य पर है प्रताड़ना का आरोप
 
कार्यसमिति गठित कर जिला कार्यालय को सौंपें सूची
ये है आयुर्वेदिक अस्पताल, यहां नहीं होता उपचार
 
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