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saran

  • Jul 21 2016 4:13AM

एक साल में पूरी हो जायेगी फोरलेन सड़क

छपरा (सदर) : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने छपरा से हाजीपुर के बीच चल रही सड़क निर्माण योजना को गति देने के लिए वित्त पोषण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से करार किया है. इससे 67 किलोमीटर लंबी इस सड़क के एक साल के अंदर पूरी होने की उम्मीद जगी है. एनएचएआइ के चेयरमैन की ओर से छपरा-हाजीपुर मार्ग के अलावे अन्य तीन योजनाओं के लिए यह करार किया गया है. 

2011 में शुरू हुई योजना में बाधक बना भूमि का अधिग्रहण : छपरा से हाजीपुर के बीच फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 2011 में मधुकॉन प्रोजेक्ट इंडिया को निर्माण कार्य की जिम्मेवारी दी गयी थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण को लेकर मंथर गति व विरोध के कारण यह योजना अभी तक अधूरी है. इससे पूर्व में इस योजना पर खर्च होने वाली कुल लागत 575 करोड़ के अलावे इसे पूरा करने के लिए 388 करोड़ अतिरिक्त पूंजी की जरूरत थी.
 
एनएचएआइ ने यह करार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रबंधन के साथ किया. एनएचएआइ के चेयरमैन राघो चंद्रा ने बताया कि यदि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ इसको लेकर करार नहीं होता तो यह योजना अधूरी रह जाती. इस योजना को बीओटी, (बिल्ड, ऑपरेट, ट्रांसफर)   एन्यूटी, परियोजना के तहत एक साल में पूरा करने के उद्देश्य से करार किया गया है. एनएचएआइ के लिए सुखद बात यह है कि एसबीआइ ने इस परियोजना और राजस्व पर अपना पहला अधिकार छोड़ दिया है तथा एनएचएआइ को धन जुटाने की अनुमति दी गयी है.    
 
दिसंबर 2016 तक होना था निर्माण कार्य पूरा : हाजीपुर से सोनपुर, नयागांव, दिघवारा, छपरा शहर के उत्तर होते छपरा-सीवान एसएच में मिलने वाली इस सड़क का निर्माण कार्य दिसंबर 2016 तक पूरा करना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण में देर व अन्य परेशानियों के कारण अभी भी 60 से 65 प्रतिशत ही काम हो पाया है. लंबी अवधि से कार्य की मंथर गति के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के चालकों को जहां परेशानी होती है, वहीं अधूरे कार्यों की वजह से आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं. 
 
सड़क निर्माण पूरा होने से छपरा शहर में जाम से मिलेगी निजात : छपरा से हाजीपुर को जोड़ने वाली यह सड़क इन कई मुख्य बाजारों के बाहर से गुजरेगी. अभी राज्य या राज्य के बाहर से पूरब की ओर से आने वाले वाहनों को शहर के पश्चिम जाना हो तो उन्हें छपरा शहर से ही होकर गुजरना पड़ता है. इससे छपरा शहर के आधे क्षेत्र में पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है, वहीं रात के दौरान शहर के मुख्य सड़कों पर जाम के कारण आस-पास के लोगों की नींद हराम हो जाती है. 
 
यदि इस सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा होता है तो वाहन मालिकों, नागरिकों को जहां सुविधा होगी वहीं अनावश्यक ईंधन की बर्बादी भी रुकेगी. 
 
वित्त पोषण के लिए एनएचएआई ने किया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से करार 
67 किलोमीटर लंबी इस सड़क के अतिरिक्त लागत 388 करोड़ से सुस्त पड़ी योजना को मिलेगी रफ्तार
बीओटी, एन्यूटी परियोजना के तहत होगा निर्माण कार्य: चेयरमैन 
 
सुस्त पड़ी सड़क निर्माण योजना को गति देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एनएचएआइ ने वित्तपोषण के लिए करार किया है. सुस्त योजनाओं को गति देने के लिए पूरे देश के 20 सड़कों की योजनाओं की प्रगति के लिए एसबीआइ के सामान ही पीएनबी, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक आदि के साथ करार कर सभी योजनाओं को पूरा किया जायेगा. 
राघो चंद्रा, चेयरमैन, भारतीय राष्ट्रीय, राजमार्ग प्राधिकरण
 
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