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saran

  • Jul 16 2013 1:50PM

फंसे हैं बिहार के 160 तीर्थयात्री

फंसे हैं बिहार के 160 तीर्थयात्री

* उत्तराखंड में कहर थमा, चारों तरफ पसरा है तबाही का मंजर
* गये थे. इनमें वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे और उनके परिजन भी हैं. तीर्थयात्रियों में पश्चिम चंपारण के 27,पूर्वी चंपारण के छह, समस्तीपुर के दो , जमुई के दो , पटना के सात, सारण व गोपालगंज के 60 लोग हैं. -

छपरा : छपरा के दर्जनों महिला-पुरुष उत्तराखंड में फंसे हुए हैं. हालांकि उनमें से दर्जनों सलामत बताये जा रहे हैं. सोनपुर प्रखंड के गोपालपुर, महदलीचक, वरियारचक, त्रिलोक चक, शोभेपुर, बभनगांवा, परमानंदपुर के अलावा भावलपुर और बनियापुर के लगभग दो दर्जन पुरुष और एक दर्जन से अधिक महिलाएं बद्रीनाथ के रास्ते में फंसे हैं. इस यात्रा में शामिल सोनपुर के ब्रजभूषण सिंह ने दूरभाष पर बताया कि गोपालपुर पंचायत की मुखिया सिरजा देवी के साथ महिला-पुरुष एक बस में बद्रीनाथ जा रहे थे.

चांचर नामक जगह उनकी बस घिर गयी. किसी तरह बस जोशी मठ पहुंची. वे लोग वहां काली कमली धर्मशाला में टिके हुए हैं. उनके जत्थे में मुखिया सिरजा देवी, शकुंतला देवी, बेबी देवी, रंजू देवी, चिंता देवी, गायत्री देवी, कृष्णा देवी, राजकुमारी देवी, चंद्रकला देवी, कमला देवी, अनु कुमारी, दीप राजो देवी और मोती राज देवी शामिल हैं.

पुरुषों में गोपालपुर के ब्रजेश सिंह, संजय सिंह, संजीत कुमार सिंह, इंद्रदेव साह, कृष्णा सिंह, अमरजीत साह, दहाउर राय और नागेंद्र सिंह के अलावा परमानंदपुर के रतन लाल साह के अलावा दो बच्चे प्रियांशु तथा अंकित, बनियापुर के प्रभुनाथ सिंह, भावलपुर के अशोक सिंह शामिल हैं. इनके साथ बरियाचक के महंत रघुवीर दास, बभनगांवा मठ के नन्हकी बाबा, त्रिलोकचक के हुकूम दास और शोभेपुर के महंत विश्वनाथ दास भी हैं. वे लोग वर्षा का पानी पीकर प्यास बुझा रहे हैं.

* चौबे के साथ गये कई लोग लापता
केदारनाथ की यात्रा पर गये पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के कई रिश्तेदार लापता बताये जाते हैं. श्री चौबे व उनके परिजनों को आपदा राहत टीम ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है. फिलहाल वे गुप्तकाशी में हैं. यहां से उन्हें देहरादून पहुंचाया जायेगा. श्री चौबे की तबियत ठीक नहीं है.

इसलिए उन्हें देहरादून से दिल्ली ले जाया जायेगा. उनके नजदीकी सूत्रों के मुताबिक, श्री चौबे के साथ केदारनाथ की यात्रा पर गये उनके साढ़ू सुबोध मिश्र, उनकी पत्नी, एक पीए, सुरक्षा गार्ड और भागलपुर के एक व्यक्ति की खोज की जा रही है. चूंकि उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा के कारण संचार सेवा भी ध्वस्त हो गयी है, इसलिए कोई संपर्क भी नहीं हो रहा है.

* चांचर के पास होटल में टिके हैं भोरे के 40 श्रद्धालु
* लमीचौर से 42 लोगों को लेकर निकली थी बस
भोरे(गोपालगंज) : उत्तराखंड के केदारनाथ में फंसे भोरे समेत आस-पास के तीर्थयात्री सुरक्षित हैं. तीन दिनों के बाद तीर्थयात्रियों का संपर्क परिजनों से हो पाया है. 10 जून को भोरे प्रखंड के लामीचौर बाजार से यात्रियों को लेकर एक बस केदारनाथ के लिए चली थी. लामीचौर के विक्रमा गुप्ता की पत्नी शांति देवी के पास वहां से मंगलवार की देर रात फोन आया, जिसमें कहा गया कि बस में गये सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं.

ये लोग गंगोत्री एवं यमुनोत्री के दर्शन के बाद केदारनाथ के लिए चले थे. बारिश और चट्टान खिसकने के कारण वे उत्तराखंड के जानकी चट्टी पुलिस चौकी के पास स्थित रैनबो होटल एवं अन्य होटलों में ठहरे हुए हैं. बस में ड्राइवर समेत कुल 42 तीर्थयात्री सवार थे.

भोरे थाना क्षेत्र के भोरे के रामाशीष प्रसाद व पत्नी, राम विचारी प्रसाद , रवि प्रसाद, रमेश प्रसाद व उनकी पत्नी रमैना देवी, विश्वनाथ मिश्र के साथ उनकी पत्नी व पतोहू, लामीचौर गांव के विक्रमा गुप्ता उनका पुत्र फुलवदन गुप्ता, तिवारी चकिया से हरेंद्र मिश्र, शारदा देवी, माधुरी देवी, नारू चकरवां से केशव शुक्ल, जनार्दन शुक्ल, दीक्षितौली से राजनाथ दीक्षित, पड़ौली से सुदामा पांडेय, कांता पांडेय, शारदा पांडेय,हरि सिंह, बंतरिया से शशिकांत पांडेय, कटेया के पटखौली से रूमाली बैठा, मीरगंज के कुसौधी से रामायण सिंह, व उनकी पत्नी, दूबे जिगना से दिनेश पांडेय यूपी के पडरौना से रमेंद्र पांडेय व उनकी पत्नी, बेलपार पंडित से दिनेश पांडेय आदि शामिल है. इनमें से कुछ लोगों की सकुशल लौटने की खबर भी आ रही है.

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