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saraikela kharsawan

  • Jun 16 2019 11:15AM
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नक्सली हमला: सरायकेला पुलिस को खुफिया विभाग ने किया था अलर्ट, नहीं चेती पुलिस और हो गयी घटना

नक्सली हमला: सरायकेला पुलिस को खुफिया विभाग ने किया था अलर्ट, नहीं चेती पुलिस और हो गयी घटना

 -सरायकेला में पिछले चार-पांच महीने में बढ़ गयी थी नक्सलियों की गतिविधियां
रांची :
सरायकेला जिले में नक्सलियों की गतिविधियां पिछले चार-पांच महीनों से बढ़ी हुई थी. नक्सली पुलिस को निशाना बना सकते हैं और हथियार लूट सकते हैं. इसको लेकर खुफिया विभाग ने पिछले माह सरायकेला पुलिस को अलर्ट किया था. लेकिन इसके बाद भी पुलिस के स्तर से जो सतर्कता बरतनी चाहिए थी, वह नहीं बरती गयी और पांच जवानों की शहादत के तौर पर परिणाम सामने आया. हालांकि नक्सली घटना को तिरुलडीह थाना क्षेत्र में ही अंजाम देंगे, ऐसी कोई जानकारी अलर्ट के दौरान नहीं दी गयी थी.

जानकार बताते हैं कि पूर्व में प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के नक्सलियों की गतिविधि तिरुलडीह में थी. लेकिन लंबे समय से उनके द्वारा इस थाना क्षेत्र में कोई वारदात को अंजाम नहीं दिया गया था. शायद यही वजह रही कि पुलिस इस थाना क्षेत्र को शांत थाना क्षेत्र मान कर रोजमर्रा के काम तक सीमित रही. जबकि काफी बेहतर प्लानिंग कर नक्सली वारदात को अंजाम देने में सफल रहे. 

मोटरसाइकिल से घूम रहे थे नक्सली : पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना में शामिल नक्सली दस्ता पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में लगातार घूम रहा था. लेकिन नक्सलियों की गतिविधि को पुलिस भांप नहीं सकी. थाना के स्थानीय खुफिया सूत्रों ने भी पुलिस को कोई जानकारी मुहैया नहीं करायी. यही वजह रही कि नक्सली वारदात को अंजाम देकर निकल आराम से निकल गये. 

कई दिनों की रेकी के बाद नक्सलियों ने वारदात को दिया अंजाम : शुक्रवार को सरायकेला के तिरुलडीह थाना क्षेत्र के कुकरुहाट में हुई घटना कई चीजाें की ओर इशारा करता है. जैसे हर शुक्रवार को कुकरू में हाट लगती है.  गश्ती के बहाने पुलिस वाले आते हैं. लेकिन गश्ती की जगह पर उनके द्वारा सतर्कता नहीं बरती जाती. आसानी से पुलिस को निशाना बनाकर उनके हथियार लूटे जा सकते हैं. हुआ भी ऐसा ही. 

वापसी के लिए जीप पर सवार होने के दौरान नक्सलियों ने पुलिस पर किया हमला
घटना को लेकर यह बात सामने आ रही है कि चालक सुखलाल कुदादा घटना के वक्त हाट में जीप खड़ी कर बगल की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक पी रहा था. जब हाट से पुलिसकर्मी वापस जाने के लिए गाड़ी पर सवार होने जा रहे थे, तब नक्सलियों ने आसानी से उनको कब्जा में ले लिया. पहले धारदार हथियार से उन पर वार किया. फिर हथियार से गोली मारकर हत्या की और पुलिसवालों के हथियार लूटकर भाग गये. लेकिन चालक को नक्सलियों ने निशाना नहीं बनाया. जबकि नक्सलियों की तादाद काफी थी.

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