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rochak khabre

  • Jul 11 2019 7:48PM
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200 रुपये का उधार चुकाने 30 साल बाद भारत आये केन्या के सांसद, जानें पूरा मामला

200 रुपये का उधार चुकाने 30 साल बाद भारत आये केन्या के सांसद, जानें पूरा मामला
काशीनाथ गवली के परिवार के साथ रिचर्ड और मिशेल टोंगी.

मुंबई : औरंगाबाद के रहनेवाले 70 वर्षीय काशीनाथ गवली ने जब दस्तक की आवाज सुन कर घर का दरवाजा खोला, तो वहां एक अनजान शख्स को खड़ा पाया. गवली कुछ समझ पाते, इससे पहले उस शख्स ने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह केन्या के सांसद रिचर्ड टोंगी हैं और 30 साल पहले उनसे लिया 200 रुपये का कर्ज लौटाने आये हैं. पूरा माजरा जानकर गवली भाव विभोर हो उठे. रिचर्ड केन्या के न्यारीबरी चाचे निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं. 1985-89 के दौरान रिचर्ड औरंगाबाद में एक स्थानीय कॉलेज में प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे थे. स्वदेश लौटने से पहले उन्होंने गवली से 200 रुपये का कर्ज लिया था.

 

गवली चलाते हैं किराने की दुकान

काशीनाथ गवली की किराना की दुकान कॉलेज के पास थी. वहां से रिचर्ड अपनी जरूरत का सामान खरीदते थे. कई बार रिचर्ड के पास पैसे नहीं होते थे, तो काशीनाथ गवली उन्हें उधार देते थे. ऐसे में दोनों के बीच विश्वास का रिश्ता बन गया. जब पैसे आते, तो रिचर्ड काशीनाथ को दे देता था. जब पैसा नहीं होता था तो काशीनाथ की दुकान से उधार पर सामान ले जाता था. ऐसे लगभग चार साल तक चला.

30 साल में कई बार हुई मिलने की इच्छा

पढ़ाई के बाद रिचर्ड केन्‍या वापस चले गये. वहां जाकर वह राजनीति में सक्रिय हो गये. सांसद भी बने और केन्‍या के विदेश मंत्रालय का उपाध्यक्ष भी बने. अपने इस 30 साल के सफर में उन्हें कई बार भारत आकर काशीनाथ से मिलने की इच्छा हुई. रिचर्ड को इनके 200 रुपये लौटाने थे, जो उधार के तौर पर उनके पास बाकी थे.


(रिचर्ड टोंगी के साथ काशीनाथ गवली)

200 के बदले 19 हजार रुपये वापस किये

इस बार रिचर्ड केन्‍या के मंत्रीगण के साथ भारत आये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले. दिल्ली में अपना काम करने के बाद वह अपनी पत्नी मिशेल के साथ औरंगाबाद गये. वहां जाकर उन्होंने काशीनाथ गवली और उनकी दुकान की तलाश की. 30 साल बाद उन्होने औरंगाबाद शहर को काफी बदला हुआ पाया था. आखिरकार उन्होंने काशीनाथ को ढूंढ निकाला. पहले तो काशीनाथ रिचर्ड और उनके 200 रुपये के उधार को याद नहीं कर पा रहे थे, लेकिन रिचर्ड ने उन्हें याद दिलाया. उनके 200 रुपये के बदले 19 हजार रुपये वापस किये. यह पैसा काशीनाथ नहीं ले रहे थे, लेकिन रिचर्ड ने कहा यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है.

काशीनाथ को केन्या का न्योता

इस अनोखे मिलन पर रिचर्ड और काशीनाथ, दोनों की आंखें नम हो गईं. रिचर्ड और मिशेल टोंगी ने काशीनाथ और उनके परिवार को केन्या आने का न्योता दिया है. रिचर्ड ने बताया कि जो चार साल उन्होंने भारत में बिताये, उस दौरान यहां के लोगों ने उन्हें जो प्यार दिया, उसे वह जिंदगी कभी नहीं भुला सकते.

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