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ranchi

  • Jun 12 2019 7:42AM
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महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी का विरोध पूरे राज्यभर में, आंदोलन शुरू, गर्भवती महिलाओं की नहीं हुई अल्ट्रासाउंड जांच

महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी का विरोध पूरे राज्यभर में, आंदोलन शुरू, गर्भवती महिलाओं की नहीं हुई अल्ट्रासाउंड जांच
दो दिन और रहेगी परेशानी
 
रांची : कोडरमा में पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के आरोप में डॉ सीमा मोदी को गरिफ्तार किया गया है. इसके विरोध में राज्यभर के डॉक्टर ने आंदोलन शुरू कर दिया है. इस कड़ी में मंगलवार को राज्य भर के अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों में गर्भवती महिलाओं समेत अन्य मरीजों की भी अल्ट्रासाउंड जांच नहीं की गयी. यह सिलसिला गुरुवार रात 12 बजे तक चलेगा. यानी तब तक गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं हो पायेगी. 
 
आंदोलन का आह्वान आइएमए, फॉग्सी, सोनोलॉजिस्ट एसोसिएशन, रेडियोलॉजिकल सोसाइटी, झासा,  प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम एसोसिएशन और रिम्स  जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने किया था. हालांकि, राज्य के तीनों मेडिकल  काॅलेजों को इस आंदोलन से छूट देने के कारण वहां गर्भवती महिालाओं की जांच की गयी. रिम्स, पाटलिपुत्रा मेडिकल कॉलेज धनबाद और एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में पूर्व की तरह जांच की गयी. आइएमए के राज्य सचिव डॉ प्रदीप कुमार ने बताया कि पूरे राज्य में आंदोलन का पहला दिन पूरी तरह सफल रहा है. हमारा उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को परेशान नहीं है. 
 
निजी अस्पताल में भी नहीं हुई गर्भवती महिलाओं की जांच : आइएमए के आह्वान पर राज्य के सभी निजी अस्पतालों में भी गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं की गयी. अस्पताल प्रबंधन द्वारा सूचना चस्पां करायी गयी थी कि गर्भवती महिलाओं की जांच 13 जून तक नहीं की जायेगी. 14 जून से पूर्व की भांति  गर्भवती महिलाओं की जांच की जायेगी. 
 
क्या है मांग : डॉक्टरों का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो. स्वास्थ्य सचिव को  दिये  गये आदेश के बाद भी 72 घंटे में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. सरकार सभी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर अपना एक प्रतिनिधि नियुक्त करे जिनके देखरेख में गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाये
 
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