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ranchi

  • Apr 20 2017 6:44AM

ब्रांडेड जेनरिक दवाओं में भी ठगे जा रहे हैं लोग, आठ रुपये की दवा बेचते हैं 79 में

ब्रांडेड जेनरिक दवाओं में भी ठगे जा रहे हैं लोग, आठ रुपये की दवा बेचते हैं 79 में
जेनरिक दवाएं उन लोगों के लिए वरदान होती हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है, लेकिन ब्रांडेड जेनरिक दवाओं के नाम पर भी मुनाफे का बड़ा खेल चल रहा है. ब्रांडेड जेनरिक दवाओं में भी कई दवाएं ऐसी हैं, जिनमें 20 गुना का मार्जिन है. जेनरिक दवा बनानेवाली कंपनियां दवाओं की एमआरपी  (मैक्सीमम रीटेल प्राइस) कई गुना बढ़ा कर लिखती हैं, जबकि उसका वास्तविक  मूल्य काफी कम होता है. दवा विक्रेता मरीजों को बड़ी छूट देने के बाद भी काफी लाभ कमाते हैं. सरकार जेनरिक दवाआें की कीमत तय कर दे, ताे यह लाभ राेगियाें काे मिल सकता है.
 
राजीव पांडेय
 
रांची : ब्रांडेड जेनरिक दवाओं में ज्यादा मार्जिन होने के कारण इसका लाभ फुटकर दवा विक्रेता को होता है. आम आदमी को ब्रांडेड और  ब्रांडेड जेनरिक दवा में अंतर पता नहीं होता है. इस वजह से फुटकर दवा विक्रेता आम आदमी को महंगे दाम में ब्रांडेड जेनरिक दवा दे कर अच्छी कमाई कर लेते हैं. 

मिसाल के तौर पर गैस की दवा रेमेप्राजोल डीएसआर के ब्रांडेड दवा का एमआरपी 79 रुपये है, लेकिन दवा विक्रेता को यह आठ रुपये में मिल जाती है. अब दवा विक्रेता छह  रुपये से 79 रुपये तक के बीच मेें बेच सकता है. यह दवा विक्रेता के ईमान पर है कि वह मरीज से कितना पैसा कमाना चाहता है. वहीं, डायबिटीज के ब्रांडेड जेनरिक दवा का एमआरपी 108 रुपये है, लेकिन इसकी वास्तविक कीमत 12 रुपये है. अब दवा दुकान 12 रुपये से 108 रुपये में यह दवा मरीज को आसानी से बेच सकता है.    
 
दवाई दोस्त से मरीजों को लाभ : रिम्स समेत राजधानी के कई इलाकाें में  चैरेटिबल संस्था ‘दवाई दोस्त’ का काउंटर है. राज्य सरकार ने इसे अधिकृत किया है. दवाई दोस्त पर मरीजों को काफी कम कीमत पर ब्रांडेड जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करायी जाती हैं. राज्य के दूर-दराज क्षेत्र से आैर स्थानीय मरीजों को काफी लाभ मिलता है. जैसे गैस की दवा पेंटेप्राजोल एंड डोमपेरिडाेन की कीमत (प्रिंट रेट) 104 रुपये है, लेकिन दवाई दाेस्त यह दवा 18 रुपये में उपलब्ध कराता है. 
 
आम आदमी को नहीं है ब्रांडेड जेनरिक की पकड़ : दवा खरीदने जाने वाले आम आदमी ब्रांडेड जेनरिक दवा की वास्तविक कीमत को पता नहीं कर सकता है, क्योंकि इसकी पैकेजिंग ब्रांडेड दवाओं की तरह होती है. इन दवाओं का एमआरपी भी ब्रांडेड दवाओं की तरह अधिक होता है, लेकिन उसकी वास्तविक खरीद कीमत काफी कम होती है. फुटकर दवा विक्रेता इसी का फायदा उठा कर महंगी दवाएं बेचते हैं. 
 
समझें ब्रांडेड जेनरिक दवाओं के मार्जिन को 
बीमारी दवा दवा की दवा की 
का नाम का नाम एमआरपी सही कीमत 
गैस पेंटेप्राजोल 40एमजी 73 10
गैस पेंटेप्राजोल व डोमपेरीडोन 104 18 
गैस रेमेप्राजोल 20 एमजी 79 08
गैस रेमेप्राजोल डीएस 99 13 
डायबिटीज गिल्मीप्राइड दो एमजी 55 04 
डायबिटीज मेटफार्मिन 500 एमजी 15 06 
डायबिटीज गिल्मीप्राइड वन एमजी और 
मेटफार्मिन वन ग्राम 99 13 
डायबिटीज वोग्लोबोस 108 12 
कोलेस्ट्रोल वायोवास 53 08 
कोलेस्ट्राल रॉसभास्टीन 210 38 
थायराइड थायरोक्सीन 70 32 
ब्लड प्रेशर एम्लोडीपीन 37 05 
ब्लड प्रेशर रेमीप्रील 77 08 
ब्लड प्रेशर मेट्रोपोलोल 84 15 
बुखार पारासिटामोल 13. 07 08 
दर्द डाइक्लोफेनिक 50 एमजी 120 07 
दर्द डाइक्लोफेनिक जेल 97 19 
एलर्जी मान्टूलुकास व लेभोसेट्रीजीन 117 18 
एलर्जी सेट्रीजीन 15 04 
एलर्जी लेभोसेट्रीजन 28 04 
एलर्जी मान्टूलुकास्ट 217 17 
न्यूरो सीटीकोलीन 500 एमजी 493 276
 न्यूरो सीटीकोलीन 500 एमजी इंजेक्शन 113 38 
न्यूरो पाइरेक्टीम 400 एमजी इंजेक्शन 75 39 
एंटी फंगल फ्लूकोनाजोल 12 05 
एंटी फंगल एसीक्लोवीर 200 33 09 
एंटी फंगल केटोकोनाजोल 59 35
एंटीबॉयोटिक लाइनजोलाइड 412 107
एंटीबॉयोटिक मॉक्सीफ्लोक्सासीन 247 90 
एंटीबॉयोटिक एमाइकासीन इंजेक्शन 63 31
 

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