ranchi

  • Mar 21 2016 1:33AM
Advertisement

स्थानीय नीति की मांग: आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच ने किया था बंद का आह्वान, झारखंड बंद का मिलाजुला असर

स्थानीय नीति की मांग: आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच ने किया था बंद का आह्वान, झारखंड बंद का मिलाजुला असर
स्थानीय नीति लागू करने की मांग को लेकर आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच ने रविवार को झारखंड बंद बुलाया़  राजधानी रांची सहित अन्य जिलों में बंद का ज्यादा असर नहीं दिखा़  इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई़.
 
रांची  : आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के झारखंड बंद का मिलाजुला असर रहा़  राजधानी रांची समेत अन्य जिलों में जनजीवन आम दिनों की तरह सामान्य रहा. सिर्फ हजारीबाग में नेशनल हाइवे को बंद समर्थकों ने कुछ देर के लिए जाम रखा. राजधानी रांची सहित अन्य जिलों में बंद के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. रांची में रविवार को बंद समर्थक चुटिया, कांटाटोली व बहू बाजार में बंद कराने के लिए निकले. रांची में लगभग 50 बंद समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिन्हें देर शाम छोड़ दिया गया.
 
रांची में सड़कों पर चहल-पहल रही : रांची में सभी मार्गों पर आवगमन सामान्य रहा. दोपहिया व चार पहिया वाहन भी आराम से चले. हालांकि सुबह में खादगढ़ा व अन्य बस स्टैंड से बसें नहीं चलीं.  शाम में लगभग सभी स्थानों के लिए बसें चलीं. मेन रोड, सर्कुलर रोड, लालपुर, कोकर, बरियातू, मोरहाबादी, रातू रोड, डोरंडा, हीनू, धुर्वा आदि इलाके में वाहनों का परिचालन सामान्य रहा. वहीं लालपुर सहित अन्य इलाकों में सड़कों के किनारे सब्जी मंडी भी लगी. रविवार होने की वजह से ज्यादातर दुकानें स्वत: बंद थीं. 
 
बंद सफल रहा : राजू महतो : आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के मुख्य संयोजक राजू महतो ने कहा कि मंच का झारखंड बंद सफल रहा. उन्होंने दावा किया कि राज्य के कई जिलों में बंद समर्थकों ने गिरफ्तारियां दीं, जिन्हें शाम में छोड़ दिया गया. जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. स्थानीयता आदिवासी मूलवासियों का संवैधानिक अधिकार है. मंच के आजम अहमद, अनथन लकड़ा, कुरमी विकास मोरचा के शीतल अोहदार सहित धर्मदयाल साहू, रामपदो महतो सहित अन्य ने बंद को सफल बताते हुए जनता के प्रति आभार व्यक्त किया है.
 
बंद समर्थकों से धक्का-मुक्की, आग पर गिरा युवक
चुटिया के महादंव मंडा के समीप बंद समर्थकों ने टायर में आग लगा कर आवागन बाधित करने का प्रयास किया. इस दौरान बाइक से अपने दोस्त को परीक्षा देने के लिए ले जा रहे केतारी बगान निवासी चंद्रशेखर को कुछ बंद समर्थकों ने रोक लिया. उसके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे युवक चंद्रशेखर जल रहे टायर पर गिर गया. उसके हाथ और पैर जल गये. घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार कराने के बाद वह घर चला गया. कुछ लोगों ने बहुबाजार के पास हंगामा करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सक्रियता से बंद समर्थक सफल नहीं हो सके.
 
यात्री बसें कम चलीं, स्टेशन पर उमड़ी भीड़
बंद के कारण यात्री बस नहीं चले, जिसका असर ट्रेनों पर दिखा. ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री उमड़े. झारखंड बंद के दौरान रविवार को आइटीआइ बस स्टैंड से काफी कम यात्री बसें निकली. वहीं बाहर से भी बसें कम आयीं. यात्रियों की संख्या भी कम थी. बाहर से जो यात्री अाये, उन्हें अॉटो मिलने में परेशानी हुई. बड़ी संख्या में यात्रियों को पैदल आते-जाते देखे गये. कुल मिला कर बस स्टैंड सूना रहा.
 
ऑटो नहीं मिलने से परेशान रहे छात्र
रविवार को विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर छात्रों को शहर में भटकना पड़ा. बहुत कम संख्या में अॉटो चलने की वजह से छात्रों को परीक्षा सेंटर तक पहुंचने में परेशानी हुई. पुंदाग स्थित लाला राजपत राय स्कूल में भी सेंटर था. वहां छात्रों को धुर्वा से पैदल जाना पड़ा. बंदी से सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को हुई.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement