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ranchi

  • Mar 23 2015 10:43PM

बीटोत्सव का समापन, सलीम-सुलेमान ने बिखरे सुरों के रंग

बीटोत्सव का समापन, सलीम-सुलेमान ने बिखरे सुरों के रंग
बीटोत्सव जिस जोश और उमंग के साथ शुरू हुआ था आज उसके दोगुणे उमंग और जोश के साथ अपने समापन की ओर बढ़ गया. समारोह के अंतिम शाम को रौशन किया. बॉलीवुड के जानेमाने संगीतकार सलीम-सुलेमान ने कई हिट फिल्मों में सगीत दिये है. जिनमें कई शानदार गानें शामिल है.  स्टेज पर उतरते ही सलीम सुलेमान ने एक अलग ही माहौल बना दिया. 
 
उनका पहला गाना... ऐ खुदा मुझको बता तु रहता कहां क्या तेरा पता... छात्रों को खुब पसंद आया. इसके बाद तो दोनों ने एक के बाद एक शानदार गानें सुनाये. सलीम सुलेमान ने बीटोत्सव की थीम की भी चर्चा करते हुए कहा, महिलाओं के प्रति पुरुषों की सोच को बदलना होगा. इस समारोह में जितने लड़के मौजुद हैं वो कसम खाये की वो लड़कियों की किसी भी मामले में खुद से कम नहीं समझेगें.
यह संदेश देने के बाद उन्होंने छु ले आसमां सुनाया जो लड़कियों का दर्द बयां करता था. इन गंभीर संदेशों के बीच भी लोगों को भरपूर मनोरंजन होता रहा. सलीम सुलेमान के शो शुरू करने से पहले बीआईटी के फ्लाइंग पाडा बैंड ने शानदार प्रदर्शन किया.  
 
बीआईटी के छात्रों को ये शाम कई महीनों तक याद रहेगी. जिस तरह उन्होंने पांच दिनों तक का आयोजन बीटोत्सव का आयोजन किया और आज पूरी सफलता के साथ इसे अंजाम तक पहुंचाया. हालांकि इवेंट में कई तरह की छोटी मोटी कमियां रही पर आज की शाम कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण रही. अंतिम दिन भी कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया.
इस रंगीन शाम के मुख्य अतिथि पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, डीसी मनोज कुमार, बीआईटी कुलपती एम. के. मिश्रा, एसएसपी प्रभात कुमार, दीपांकर पांडा व आईजी एम. एस. पांडा थे. इसके अलावा एसएसपी भाटिया समेत कई अन्‍य सम्मानित लोग भी मौजूद थे. 
 

अंतिम दिन कौन- कौन सी हुई प्रतियोगिता
 
डॉस सागा
 
बीटोत्सव में संगीत और नृत्य जैसी प्रतियोगिताओं पर विशेष ध्यान दिया गया.इसी कड़ी में स्ट्रीट डॉस और डॉस सागा जैसे आयोजन किये गये. डॉस सागा में प्रतिभागियों को नये कॉन्सेप्ट, ग्रुप में कॉडिनेशन के साथ डॉस करना था. 
 
मेक ओवर
 
मेक ओवर में प्रतियोगियों को ऐसा लुक देना था जो हटकर हो. इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की रचनात्मक क्षमता को निखार कर लाने की कोशिश की गयी थी. 
 
डीबेट
 
बीआईटी डीबेट का फाइनल राउंड आज किया गया. इसमें किसी एक विषय पर छात्रों को अपनी राय और विचार रखने थे. साथ ही अपने विचारों का खुलकर तर्कों के साथ बचाव करना था.
 
कैरीओके 
 
इसमें छात्रों को कैरीओके मशीन में लिखकर आ रहे गानों को सुर में गाना था कैरीओके मशीन अंक देगी जिसके आधार पर प्रतियोगिता के विजेता की घोषणा की गयी. 
 
इसके अलावा चार दिनों से चले आ रहे प्रतियोगिताओं के परिणाम की घोषणा भी आज की गयी. आज सुबह से उन सभी आयोजनों को अंतिम रूप देने की जल्दीबाजी दिखी. मिस और मिस्टर  बीटोत्सव की घोषणा कल ही कर दी गयी विष्णु और मिनल बंकोटी को चुना गया.  इस तरह के आयोजन से कई जगह के छात्रों को एक जगह इकट्ठा होकर अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है. 
 
हर साल बीटोत्सव का आयोजन इसी तरह किया जाता है. अब छात्रों को कल के बाद अगले बीटोत्सव का इंतजार रहेगा और अगर कुछ साथ रहेगा तो पूरे साल इस बीटोत्सव में बीताये गये खुशी के पल. जीते गये प्रतियोगिताओं की यादें. कई छात्र ऐसे होंगे  जो प्रतियोगिताओं में भले हार गये पर उनके प्रयास की सराहना हुई होगी. दूसरे कॉलेजों से यहां आये छात्रों से हुई दोस्ती उनके साथ हमेशा रहेगी. इस बीटोत्सव की खट्टी मिट्ठी यादें और हार जीत से मिली सीख और प्रेरणा इन युवाओं के लिए भविष्य में आने वाली नयी चुनौतियों से जीतने का ताकत देगी. 
 

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