Advertisement

ranchi

  • Dec 3 2019 1:58AM
Advertisement

गैंगरेप मामले में शीघ्र जांच कर चार्जशीट दायर करें

 रांची :  महाधिवक्ता अजीत कुमार ने कांके गैंगरेप घटना की त्वरित जांच करते हुए  चार्जशीट दायर करने का निर्देश दिया है, ताकि स्पीडी ट्रायल कर रिकॉर्ड समय में दोषियों को सजा दिलायी जा सके. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, पुलिस-प्रशासन का यह नैतिक दायित्व है कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. 

 
विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राएं उत्साह व सुरक्षा की भावना के साथ अपना अध्ययन पूरा कर समाज में अपना योगदान दे सकें. मामले में पुलिस द्वारा तेजी से कार्रवाई करने से एक संदेश गया है. महाधिवक्ता अजीत कुमार, झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष होने के नाते वह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कार्यकारिणी समिति के सदस्य भी हैं. 
 
उन्होंने 30 नवंबर को कुलपति व अन्य अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा का जायजा लिया था. सोमवार को महाधिवक्ता ने ऊर्जा विभाग के सचिव व डीजीपी को पत्र लिख कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है.
 
 उन्होंने ऊर्जा सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि कांके रोड के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार से लेकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रिंग रोड तक स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है. यूनिवर्सिटी  परिसर के उत्तर दिशा में भी रिंग रोड पर भी स्ट्रीट लाइट नहीं है. पूरा इलाका अंधेरे में रहता है. वहां पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है. महाधिवक्ता ने पूरे क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने को कहा है. इस दिशा में शीघ्र कदम उठाने की जरूरत है.
 
आरोपियों की पेशी
रांची : लॉ की छात्रा से किये गये गैंगरेप मामले के सभी 12 आरोपियों को एसटी, एसी मामले के अपर न्यायायुक्त विशाल श्रीवास्तव की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया. पेशी की अगली तारीख नौ दिसंबर तय की गयी है़   मालूम हो कि 26 दिसंबर को सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी.  27 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज हुई थी और 28 दिसंबर को आरोपियों को पकड़ लिया गया था़  29 दिसंबर को सभी को अदालत में पेश किया गया था और दो दिसंबर तक जेल भेज दिया गया.
 
 12 आरोपियों में से  कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप  तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, अमन  उरांव, रोहित उरांव,  ऋषि उरांव को अपर न्यायायुक्त की स्पेशल अदालत में  पेश किया गया था. वहीं, सुनील मुंडा को आर्म्स एक्ट में मुख्य  न्यायिक दंडाधिकारी फहीम किरमानी की अदालत में पेश किया गया.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement