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ranchi

  • Dec 3 2019 1:57AM
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कृषि कार्य में केंद्र की राशि का अत्यधिक करें उपयोग : सीएस

 रांची  : मुख्य सचिव  ने कृषि कार्य  में केंद्र सरकार की योजनाओं की राशि का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए यह महत्वपूर्ण है. राज्य को अधिक से अधिक केंद्र सरकार की  योजनाओं का फंड प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए.  मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य को दक्षिण के  राज्यों का पैटर्न अपनाना चाहिए.

 
  राशि प्राप्त करने व उसके उपयोग में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को स्पष्टीकरण करना चाहिए.  ऐसे  अधिकारियों को चिह्नित कर उनके एसीआर में भी यह दर्ज कर देना चाहिए. मुख्य सचिव सोमवार को कृषि विभाग के साथ ही स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा कर रहे थे.  साथ ही उन्होंने आगामी योजनाअों पर विचार-विमर्श किया. 
 
क्षेत्र की जरूरत के अनुसार हो खेती : मुख्य सचिव ने कहा कि पूरे राज्य में एक समान कृषि योजनाअों को लागू न करें, बल्कि क्षेत्र की जरूरत के मुताबिक कृषि योजनाअों को अपनायें. 
 
उन्होंने कहा कि  जहां धान की खेती होती है, वहां ड्रिप सिंचाई योजना की जरूरत नहीं होगी. इसी तरह कई फसल के लिए कुछ खास किस्म की जमीन और मौसम ज्यादा बढ़िया होते हैं. ऐसे में योजना बनाते समय तथा उसे लागू करते समय इन बातों पर खास ध्यान दें. उन्होंने कृषि विभाग की राज्य में चल रही 24 योजनाओं को इलाका तय कर लागू करने को कहा. 
 
अनुपयोगी प्लॉट पर नर्सरी बनायें : डॉ तिवारी ने कहा कि प्रखंडों में दो-दो एकड़ के 200 से ज्यादा अनुपयोगी प्लॉट पर नर्सरी बनायें. अगर स्थानीय लोग फलदार पौधे के नर्सरी के लिए इच्छुक हैं, तो उन्हें प्रेरित करें. 
 
इसमें सरकारी धन नहीं लगेगा और बेकार पड़ी जमीन का उपयोग होगा. मुख्य सचिव ने अपनी संपदा का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने का निर्देश अफसरों को दिया. उन्होंने सीड विलेज योजना को और कारगर बनाने को कहा. वहीं कृषि फार्मों की उपयोगिता बढ़ाने को कहा.  इन फार्मों में भी पीपीपी मोड में बीज उत्पादन कराने को कहा.  इसके लिए उन्होंने नीति बनाने का निर्देश दिया. 
 
राज्य स्तर पर कृषि मेला लगायें : मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय स्तर पर छोटे कृषि मेला लगते हैं, लेकिन राज्य स्तर पर कृषि मेला आयोजित करने की आवश्यकता है. इसमें दूसरे राज्यों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित करने को कहा गया है. मेला लगने से कृषि के क्षेत्र में निरंतर आ रहे आधुनिक तकनीकों का लाभ किसानों को मिलेगा.  
 
 मुख्य सचिव ने योजना के तहत किसानों को दिये गये यंत्रों की वर्तमान स्थिति, यंत्रों से हुए फायदे, आमदनी में बढ़ोतरी आदि का डाटा बेस तैयार करने का निर्देश दिया है.  वहीं कृषि विभाग द्वारा रबी फसलों का दायरा बढ़ाने संबंधी  किये गये कार्यों की सेटेलाइट मैपिंग (जीआइएस) कराने का निर्देश दिया. इससे योजना क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा. 
 
केवल आवश्यक परीक्षण ही हो प्रयोगशाला में
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि कृषि प्रयोगशाला में अावश्यक परीक्षण ही करें. इसका ख्याल रखें कि परीक्षण से ज्यादा से ज्यादा किसान लाभान्वित हो. अनावश्यक परीक्षण से सरकारी धन का खर्च भी रुकेगा.  
 
उन्होंने कृषि विभाग से   निगमों, एजेंसियों और मिशन की कार्यों की उपयोगिता को देखते हुए समीक्षा करने को कहा, ताकि यह पता चल सके कि यह कृषि के विकास में कितना जरूरी है. अगर जरूरी हो, तो तभी इसे रखें.  
 
अच्छे प्रदर्शन पर प्रोत्साहित करें, अन्यथा कार्रवाई 
मुख्य सचिव ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा के दौरान अफसरों से कहा कि वे शिक्षकों के प्रदर्शन का आकलन करें. जिन शिक्षकों का प्रदर्शन अच्छा है, उन्हें प्रेरित करें. जिनका प्रदर्शन घटिया हो, उन्हें कार्य मुक्त करें. 
 
उन्होंने सारे स्कूलों में मध्याह्न भोजन पकाने-खाने के बरतन को बदलने का भी निर्देश दिया. उन्होंने  कहा कि विभाग कुछ चयनित स्कूलों में कक्षा एक के बच्चे की मातृभाषा के साथ हिंदी व अंग्रेजी भाषा की शिक्षा पर भी जोर दें. शिक्षा को ज्यादा से ज्यादा रोजगारपरक बनाने का निर्देश दिया.  उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि हम हर स्तर पर शिक्षा को लेकर अपना माइंडसेट बदलें. 
 
हर प्रखंड में एक लीडर स्कूल की परिकल्पना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रमंडल स्तर पर विज्ञान और कॉमर्स की विशेष पढ़ाई का इंफ्रास्ट्रक्चर बनायें. बैठक में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, योजना सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, स्कूली शिक्षा के प्रधान सचिव एपी सिंह, कृषि सचिव पूजा सिंघल आदि मौजूद थे.
 
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