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ranchi

  • Aug 21 2019 6:55AM
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झारखंड के मजदूरों को स्वावलंबी बनाने में सहयोग करेगा यूके

झारखंड के मजदूरों को स्वावलंबी बनाने में सहयोग करेगा यूके
इरबा स्थित ओरिएंट क्राफ्ट कारखाने में रिस्पाॅन्सिबल माइग्रेशन प्रोजेक्ट लांच, ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने कहा
 
रांची : भारत में ब्रिटिश हाई कमिश्नर डोमिनिक एस्क्रिथ ने इरबा स्थित ओरिएंट क्राफ्ट कारखाने में रिस्पाॅन्सिबल माइग्रेशन प्रोजेक्ट की शुरुआत की. ब्रिटिश सरकार तथा यूके की कंपनी मार्क्स एंड स्पेंसर द्वारा संयुक्त रूप से इस परियोजना का वित्तीय भार वहन किया जायेगा. एनजीओ पार्टनरिंग होप इन टू एक्शन (पीएचआइए) फाउंडेशन द्वारा झारखंड और गुड़गांव में टेक्सटाइल श्रमिकों और समुदाय के लिए शोध अध्ययन और जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग किया जायेगा. 
 
एस्क्रिथ ने कहा कि झारखंड से हर साल हजारों लोग बाहर कमाने जाते हैं. उन्हें कई समस्याएं होती हैं. खासकर महिलाओं का शोषण होता है. ऐसे में कार्यस्थल पर ये कैसे सुरक्षित रहें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें, इसका ध्यान में रखते हुए ही जिम्मेवार सुरक्षित पलायन परियोजना आरंभ की गयी है. उन्होंने कहा कि एक शोषण रहित और जबरदस्ती काम करानेवाले की प्रवृति मुक्त दुनिया बनाने के लिए  ब्रिटेन और भारत इस दिशा में एक साथ काम कर रहे हैं. वह उम्मीद करते हैं कि झारखंड के मजदूरों की बेहतरी के लिए भारत और यूके सरकार बेहतर काम करेंगी. इस मौके पर एस्क्रिथ ने पौधरोपण भी किया.  
 
दो वर्षों में और 40 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा 
 
उद्योग सचिव के रविकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह सपना है कि यहां के लोगों को यहीं पर रोजगार मिले. इसके लिए ही वस्त्र नीति बनायी गयी. आज इस क्षेत्र में यहां 10 हजार लोगों को रोजगार मिला हुआ है. आनेवाले दो वर्षों में और 40 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा. 35 कंपनियां और खुलनेवाली हैं. जेएसएलपीएस के सीओओ दीपक उपाध्याय ने कहा कि आज खुशी की बात है कि बाहर काम करनेवाले कामगार झारखंड लौट रहे हैं. 
 
रिवर्स माग्रेशन हो रहा है.  पीएचएआइ फाउंडेशन के निदेशक आनंद कुमार बोलिमेरा ने कहा कि फाउंडेशन गरीब और हाशिये पर रहनेवाले समूहों को सशक्त बनाने और पलायन करनेवाले मजदूरों के बीच उनकी सुरक्षा और अधिकारों की जागरूकता लाने के लिए प्रतिबद्ध है.
 
ओरिएंट क्राफ्ट के चेयरमैन सुधीर ढिंगरा ने कहा कि उनकी कंपनी में मजदूरों के हर अधिकार की रक्षा की जाती है. आज श्रमिक यहां काम करके आर्थिक रूप से सबल हो रहे हैं. कार्यक्रम में नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन के कोर मेंबर विराफ एम मेहता, इटीअाइ के आलोक सिंह राणा भी मौजूद थे.
 
राज्य में रोजगार होगा, तो पलायन नहीं होगा : डोमेनिक
 
ब्रिटिश हाइकमिश्नर डोमेनिक एस्क्रिथ ने बातचीत में कहा कि झारखंड से पलायन रोकने के लिए जरूरी है कि लोगों को स्किल्ड बनाया जाया.
ज्यादा से ज्यादा स्थानीय स्तर पर ही रोजगार सृजन किया जाये तो पलायन रुक सकता है. वर्कर को स्किल्ड करेंगे तो उन्हें यहीं पर टेक्सटाइल क्षेत्र में ही काम मिलने लगेगा. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के उपभोक्ता जो वस्त्र पहनना चाहते हैं तो वह यह भी चाहते हैं उनके वस्त्र बनानेवालों के साथ हर नैतिक मूल्यों का अनुपालन हुआ हो. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील भी हमारे यहां काम कर रही है.
 
झारखंड में मार्क्स एंड स्पेंसर काम कर रही है : निधि दुआ
 
ब्रिटिश कंपनी मार्क्स एंड स्पेंसर की भारत प्रमुख निधि दुआ ने कहा कि मार्क्स एंड स्पेंसर झारखंड में काम कर रही है. ओरिएंट क्राफ्ट में कंपनी के वस्त्रों का निर्माण किया जाता है. जिसे दुनिया के बाजारों में भेजा जाता है. 
 
कंपनी एथिक्स पर काम करती है. जहां श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जाती है. उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी के 78 आउटलेट हैं. झारखंड में आउटलेट के बाबत उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सारा काम होता है. कुछ स्ट्रेटजी के तहत पहले हर बातों की जानकारी नहीं दी जाती. पर झारखंड में हम काम कर रहे हैं और वस्त्रों का निर्माण करा रहे हैं.
 
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