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ranchi

  • Jun 11 2019 8:26AM
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रांची : हटाये गये राणा, अभय सिंह बने राजद के प्रदेश अध्यक्ष

रांची : हटाये गये राणा, अभय सिंह बने राजद के प्रदेश अध्यक्ष
रांची : गौतम सागर राणा को राजद के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. इनकी जगह युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय कुमार सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया है. इस संबंध में राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एसएम कमर आलम ने आदेश जारी कर दिया है. पुरानी कमेटी को भंग कर दिया गया है. इनका मनोनयन राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के निर्देश पर किया गया है. 
 
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह को पार्टी संविधान के अनुरूप शीघ्र कमेटी का गठन कर राष्ट्रीय नेतृत्व से अनुमोदित कराने को कहा गया है. लोकसभा चुनाव से पहले तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी के पार्टी छोड़ कर भाजपा में जाने पर गौतम सागर राणा को राजद का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. 
 
गौतम सागर राणा के नेतृत्व में राजद ने चतरा व पलामू सीट पर चुनाव लड़ा था. दोनों सीटों पर पार्टी प्रत्याशी को हार सामना करना पड़ा. इसके बाद से पार्टी के अंदर भितरघात शुरू हो गया था. इधर, युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व का फैसला स्वागतयोग्य है. उन्होंने कहा कि अभय सिंह के नेतृत्व में पार्टी मजबूत होगी. सामाजिक न्याय और धर्म निरपेक्षता को लेकर  राजद का आलाकमान शुरू से चिंतित रहा है. 
 
उन्होंने कहा कि पार्टी सभी धर्म और संप्रदाय के लोगों को मजबूती के साथ जोड़ कर देश की जनता को राष्ट्रभक्ति के नाम पर बरगलाने वाली ताकतों को करारा जवाब देगी. उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के समय से ही दल को कुछ लोगों ने गलत दिशा देने का काम किया है. अब पुराने समर्पित कार्यकर्ताओं को एक सूत्र में बांध कर कर संगठन में स्थान दिया जायेगा. संगठन की मजबूती को लेकर सभी जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाया जायेगा.
 
रांची : जिसे निष्कासित करने की हुई अनुशंसा, उसे बना दिया प्रदेश   अध्यक्ष : डॉ मनोज  
 
रांची : प्रदेश राजद के पूर्व महासचिव सह पूर्व प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार, पूर्व महासचिव आबिद अली, मनोज पांडेय, कैलाश यादव, पूर्व सचिव प्रणव कुमार बबलू ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा है कि राजद में विनाश काले विपरित बुद्धि वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. जिस व्यक्ति को पार्टी की अनुशासन समिति ने अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित करने की अनुशंसा की, उसे प्रदेश अध्यक्ष  बना दिया जाना अनुचित है.  पार्टी के लिए यह बदलाव आत्मघाती होगा. पार्टी टूट के कगार पर खड़ी है. इस अध्यक्ष को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. पार्टी नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद से इस फैसले पर पुर्नविचार करने का आग्रह किया है.
 
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