Advertisement

ranchi

  • Jul 14 2019 5:16PM
Advertisement

RIMS में एडमिट मरीजों के परिजन के ठहरने के लिए 245 बेड के विश्राम सदन का शिलान्‍यास

RIMS में एडमिट मरीजों के परिजन के ठहरने के लिए 245 बेड के विश्राम सदन का शिलान्‍यास

- मुख्यमंत्री रघुवर दास और केंद्रीय विद्युत एवं ऊर्जा राज्य मंत्री आर के सिंह ने किया शिलान्यास

- ट्रामा सेंटर, गर्ल्‍स हॉस्‍टल और प्रशासनिक भवन का हुआ उद्घाटन 

रांची : रिम्स झारखण्ड का गौरव है, मुकुट है. रिम्स आधुनिक सुविधाओं से युक्त संस्थान के तौर पर अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है. रिम्स आधुनिक तकनीकों से युक्त संस्थान के रूप में जाना जाए, इसके लिए 23 करोड़ 82 लाख की लागत से निर्मित प्रशासनिक भवन, 64 करोड़ की लागत से निर्मित ट्रामा सेंटर और 89.70 लाख की लागत से छात्राओं के लिए निर्मित हॉस्टल का उद्घाटन किया गया. 

 

मरीजों के साथ रिम्स आने वाले परिजनों को परेशानी न हो इसके लिए आज 245 बेड के विश्राम सदन की आधारशिला रखते हुए बेहद खुशी हो रही है. 15 करोड़ की लागत से विश्राम सदन का निर्माण होगा. इसके निर्माण की अवधि 15 माह निर्धारित है. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रिम्स परिसर में पावरग्रिड विश्राम सदन के शिलान्यास कार्यक्रम में कही. 

 

गरीब मरीजों के परिजनों को समर्पित है विश्राम सदन 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिम्स में ज्यादातर गरीब मरीज इलाज कराने आते हैं और उनके साथ उनके परिजन भी होते हैं. रिम्स में परिजनों के ठहरने की व्यवस्थित व्यवस्था नहीं होने की जानकारी मुझे थी. मैं गरीब की पीड़ा को समझ सकता हूं कि मरीज के परिजनों को होटल या किराए में आश्रय लेना उनपर कितना अधिक आर्थिक बोझ डाल देता है. उनकी इस पीड़ा को कम करने के उद्देश्य से ही विश्राम सदन बनवाया जा रहा जो गरीब मरीजों के परिजनों को समर्पित होगा. 

 

108 एम्बुलेंस सेवा की चर्चित और सफल कहानी 

मुख्यमंत्री ने बताया कि 108 एम्बुलेंस सेवा लगातार सकारात्मक रूप से चर्चा में है और यह जरूरतमंदों को समय पर अपनी सेवा देकर परोपकार की कहानी कह रहा है. इस बात का दंभ नहीं, लेकिन 108 एम्बुलेंस सेवा ने अबतक करीब 2.50 लाख लोगों को अपनी सेवा दे चुका है. सबसे अधिक लाभ राज्य के गरीब और जनजाति क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है, जिन्होंने अपने जीवन को सुरक्षित किया. 

 

23 सितंबर तक 57 लाख परिवारों को मिलेगा 5 लाख का निःशुल्क गोल्डन कार्ड 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना का शुभारंभ झारखंड से 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री ने किया था. सरकार ने इस योजना में राज्य के 57 लाख परिवारों को लाभान्वित करने के लिए 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रवधान बजट में किया. अब तक 25 लाख गरीब परिवारों को गोल्डेन कार्ड दिया गया है. करीब 30 लाख परिवार अब भी गोल्डन कार्ड से वंचित हैं. 23 सितंबर 2019 तक राज्य के सभी 57 लाख परिवारों को 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा योजना से आच्छादित कर दिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि रिम्स और सदर अस्पताल ने इस योजना पर बेहतर कार्य किया है. अबतक 32 लाख लोगों का इलाज सुनिश्चित किया गया है. 

 

300 कृषि फीडर, 60 ग्रिड और 24 घंटे बिजली देने की ओर झारखण्ड के बढ़ते कदम 

मुख्यमंत्री ने बताया कि 67 साल में राज्य में मात्र 38 ग्रिड थे. साढ़े 4 साल में राज्य सरकार ने 60 ग्रिड, 257 सब स्टेशन और किसानों के लिए 300 कृषि फीडर निर्माण के कार्य में 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर चुकी है. दिसंबर 2019 तक 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास सरकार का होगा. सुदूरवर्ती पहाड़ पर निवास करने वाले लोग हों या घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र यथा सारंडा का गुदड़ी, लातेहार का गारू व सरजू या फिर लोहरदगा का पेशरार. सरकार ने इन सभी क्षेत्रों तक बिजली पहुंचा दी है. 67 साल में जिस झारखंड के 38 लाख घरों तक बिजली पहुंची थी उस झारखंड में वर्तमान सरकार ने मात्र साढ़े 4 साल में 30 लाख घरों तक बिजली पहुंचा दी है. 

 

100 बेड की अतरिक्त व्यवस्था करें 

केंद्रीय राज्य मंत्री विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर के सिंह ने कहा कि रिम्स की जरूरत को देखते हुए विश्राम सदन में 100 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था करें. 100 बेड के विश्राम सदन निर्माण हेतु जमीन आपको उपलब्ध करा दिया गया है. केंद्र सरकार इसकी अनुमति पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को देती है. मरीजों के परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जायेगा. समय की मांग के अनुसार एक से अधिक विश्राम सदन बनाने की दिशा में भी कार्य होंगे. केंद्र सरकार वैसे स्थानों पर विश्राम स्थल बनाने पर जोर दे रही है, जहां गरीब मरीजों का अधिक संख्या में आना होता है. 

 

लोड सेडिंग हुई तो उपभोक्ता को मिलेगा हर्जाना 

केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का संकल्प है वन नेशन वन ग्रिड. 2014 से पूर्व बिजली से वंचित लोग सोचते थे कि क्या कभी उनके घरों तक बिजली पहुंचेगी. लेकिन 2014 के बाद निरंतर बिजली के क्षेत्र में कार्य हुए और बिजली से वंचित घर तक बिजली पहुंचायी गयी. अब पूरी दृढ़ता से बिजली की सुदृढ़ता हेतु कार्य हो रहें हैं ताकि 24 घंटे बिजली दी जा सके. यह सिर्फ कहने की बात नहीं बल्कि अगर लोड शेडिंग हुआ तो सरकार उपभोक्ता को हर्जाना भी देगी. यह है वर्तमान सरकार के कार्य करने का मनोभाव. 

 

समय की मांग के अनुसार संसाधन जुटाये गये 

स्वास्थ्य, शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि रिम्स में समय की मांग के अनुरूप संसाधन जुटाये गये हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर एम्स की तर्ज पर रिम्स में भी ट्रामा सेंटर बना और आज उसका उद्घाटन भी हुआ. यह सपने को मूर्तरूप देने जैसा है. राज्य के लिए यह बड़ी सौगात है. प्रशासनिक भवन का निर्माण होने से अब रिम्स में कार्यरत लोगों को परेशानी नहीं होगी. रिम्स में पढ़ाई कर रही बच्चियों को हॉस्टल की सौगात दी गयी. 2014 से पहले और आज के रिम्स में बड़ा बदलाव आया है. 

 

इस अवसर पर रांची के सांसद संजय सेठ, कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम, सचिव स्वास्थ्य विभाग डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, निदेशक रिम्स डी के सिंह, सीएमडी पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के रवि प्रकाश सिंह, रिम्स के निदेशक डी के सिंह, रिम्स के चिकित्सक, शिक्षक, पारा मेडिकल स्टाफ व अन्य उपस्थित थे.

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement