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ranchi

  • Aug 23 2019 2:31AM
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सम्मान से विदा हुए देश के दो सपूत, शोक में डूबा पूरा गांव

सम्मान से विदा हुए देश के दो सपूत, शोक में डूबा पूरा गांव
ओरमांझी में एयर फोर्स के कारपोरल व मांडर में सेना के जवान की मौत से शोक
वायरल बुखार से पीड़ित थे, आर्मी अस्पताल में चल रहा था  इलाज 
राष्ट्रीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
शोक में डूबा रहा आनंदी गांव
 
ओरमांझी : दिल्ली में एयर फोर्स में कारपोरल के पद पर पदस्थापित आनंदी निवासी पवन कुमार साहू (28 वर्ष) का बुधवार की रात आर्मी अस्पताल नामकुम में इलाज के क्रम में निधन हो गया. उन्हें वायरल बुखार था. वह इसी हालत में दिल्ली से घर के लिए  ट्रेन से चले थे. 17 अगस्त को रांची पहुंचने पर बुखार बढ़ जाने पर उन्होंने इसकी सूचना परिजनों को दी व मेडिका अस्पताल में भर्ती हो गये. 
 
जहां गुरुवार की शाम तक तबीयत में सुधार होता नहीं देख परिजनों ने उन्हें आर्मी अस्पताल  में भर्ती कराया था. शुक्रवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद दिल्ली से आये एयर फोर्स के अधिकारियों व जवानों की उपस्थिति में डोंबा नदी घाट पर पवन का अंतिम संस्कार राष्ट्रीय सम्मान के साथ किया गया. पवन का विवाह ढाई माह पूर्व ही हुआ था. 
 
वह पत्नी को लेने के लिए घर आ रहे थे. 24 अगस्त का वापसी का रिजर्वेशन भी करा रखा था. पवन के निधन के बाद उनकी पत्नी निशु का रो-रोकर बुरा हाल था. इधर, पवन कुमार साहू के निधन से आनंदी गांव में किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला. जवान के अंतिम संस्कार में सिल्ली डीएसपी, ओरमांझी थाना प्रभारी  सहित क्षेत्र के जन प्रतिनिधि व ग्रामीण शामिल हुए.
 
मांडर : ट्रैक्टर धोने के दौरान पैर फिसलने से तालाब के गहरे पानी में डूब गये

18 बिहार रेजिमेंट में हवलदार के पद पर थे कार्यरत
 
मांडर : प्रखंड के कानीजाड़ी निवासी सेना के जवान पालन प्रसिद्ध किस्पोट्टा (42 वर्ष) की  बुधवार को गांव के ही तालाब में डूबने से मौत हो गयी. दो सप्ताह पूर्व छुट्टी में घर आये पालन प्रसिद्ध किस्पोट्टा   बुधवार की दोपहर अपने ट्रैक्टर को धोने के लिए तालाब पर गये थे. 
 
इसी दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में चले गये व डूब गये. इसकी सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने उन्हें तालाब से बाहर निकाला व कॉन्स्टेंट लिवेंस अस्पताल ले गये. जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया. परिजनों ने उन्हें नामकुम मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया. जहां इलाज के क्रम में शाम करीब सात बजे उनकी मौत हो गयी. गुरुवार की शाम जवान का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. उनकी अंतिम  विदाई में 18 बिहार रेजिमेंट के जवानों के अलावा ग्रामीण शामिल थे. 
 
22 को लौटने वाले थे, एक दिन पहले हो गया हादसा : परिजनों के अनुसार 18 बिहार रेजिमेंट में हवलदार के पद पर कार्यरत पालन प्रसिद्ध किस्पोट्टा सिक्किम के डोकलाम में तैनात थे. पत्नी सरिता किस्पोट्टा ने बताया कि छुट्टी बिताने के बाद वह 22 अगस्त को ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए घर से रवाना होनेवाले थे. लेकिन इसी बीच हादसा हो गया. पालन प्रसिद्ध किस्पोट्टा के चार बच्चे हैं.
 
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