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ranchi

  • Jul 17 2019 7:02AM
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रांचीः जज के आदेश के बाद भी कुरान नहीं बांटेगी ऋचा, फैसले के खिलाफ जाएगी हाइकोर्ट

रांचीः जज के आदेश के बाद भी कुरान नहीं बांटेगी ऋचा, फैसले के खिलाफ जाएगी हाइकोर्ट
कुरान बांटने की शर्त पर जमानत का मामला गरमाया
 
पिठोरिया/रांची : सोशल साइट पर धार्मिक टिप्पणी करने पर पिठोरिया की युवती ऋचा पटेल उर्फ ऋचा भारती को जेल भेजना फिर उसे सशर्त जमानत देने का मामला गरमा गया है. 
 
जमानत मिलने के बाद मंगलवार को जेल से बाहर आयी ऋचा पटेल ने कहा कि वह कुरान की पांच प्रतियां नहीं बांटेगी. निचली अदालत के फैसले की कॉपी का इंतजार कर रही है. कॉपी मिलने के बाद हाइकोर्ट जायेगी. उसने मीडिया से कहा कि कुरान बांटने का आदेश उसे सही नहीं लग रहा है. वह बुरा महसूस कर रही है. 
 
ऋचा ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन उसके मौलिक अधिकारों का हनन कोई कैसे कर सकता है. क्या फेसबुक पर अपने धर्म के बारे में लिखना अपराध है. ऐसे में पिठोरिया पुलिस ने उसे अचानक कैसे गिरफ्तार कर लिया. 
 
कहा : मैं रांची वीमेंस कॉलेज में स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा हूं. एक सवाल के जवाब में ऋचा ने कहा कि जिस पोस्ट के लिए पुलिस ने मुझे अरेस्ट किया, वह पोस्ट उसने 'नरेंद्र मोदी फैंस क्लब' नामक ग्रुप से काॅपी कर अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया था. इसमें किसी दूसरे धर्म के खिलाफ कोई बात नहीं थी. इधर, ऋचा से मिलने मंगलवार को उसके घर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव समेत कई लोग पहुंचे़
बार एसोसिएशन ने जमानत की शर्तों का किया विरोध : रांची जिला बार एसोसिएशन ने पिठोरिया की युवती ऋचा भारती को कुरान बांटने की शर्त पर जमानत देने का विरोध किया है. महासचिव कुंदन प्रकाशन ने कहा कि अधिवक्ता इस तरह की सशर्त जमानत का विरोध करते हैं. 
 
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा इस तरह की सशर्त जमानत देने का अौचित्य नहीं है. अधिवक्ता बुधवार को न्यायायुक्त नवनीत कुमार से मुलाकात कर जज मनीष कुमार के तबादले की मांग करेंगे. जज के खिलाफ प्रदर्शन करने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि ऐसे फैसले को राजनीतिक रूप नहीं दिया जाये.
 
कोर्ट के आदेश की कॉपी का है इंतजार, हाइकोर्ट जाऊंगी
पुलिस ने नहीं बताया कुछ : प्रकाश पटेल
 
ऋचा के पिता प्रकाश पटेल ने कहा कि उनकी विभिन्न संगठनों से बात हो रही है. इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया जायेगा. मंगलवार की शाम चार बजे तक ऋचा को एक कुरान बांटना था, लेकिन बिना पुलिस प्रोटेक्शन के बाहर उनको घर से निकलने को नहीं कहा गया है. उन्होंने पिठोरिया के थाना प्रभारी को कई बार फोन किया कि आप बतायें कि हमें क्या करना है. तब थानेदार ने उनसे कहा कि मैं कोर्ट से जानकारी लेकर बताता हूं.
 
कोर्ट जमानत देने के लिए शर्त निर्धारित कर सकता है. जमानत के लिए उन शर्तों का पालन करना आवश्यक होता है. अगर कोई व्यक्ति शर्तों का उल्लंघन करता है, तो कोर्ट उसकी जमानत रद्द कर सकता है.-नीलेश, अधिवक्ता
 
कोर्ट की शर्तें नहीं मानने पर ऋचा की जमानत रद्द हो सकती है. हालांकि उसे हाइकोर्ट में रिवीजन फाइल करने का अधिकार है. रिवीजन फाइल करने के बाद जब तक उसमें फैसला नहीं आता, जमानत रद्द नहीं की जा सकती है.-अविनाश पांडे, अधिवक्ता
 
क्या है मामला
 
बता दें कि ऋचा पटेल द्वारा धार्मिक पोस्ट किये जाने को लेकर अंजुमन इस्लामिया के प्रमुख मंसूर खलीफा ने पिठोरिया थाने में शुक्रवार (12 जुलाई) को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ऋचा पटेल के फेसबुक और व्हाट्सएप पोस्ट से मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है. 
 
इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार की शाम ऋचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस मामले में सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत ने कुरान की पांच प्रति बांटने की शर्त पर ऋचा भारती को जमानत दी थी. 
 
साथ ही अदालत ने कहा था कि पिठोरिया थाना प्रभारी के संरक्षण में मंगलवार शाम चार बजे तक ऋचा भारती कुरान की एक प्रतिलिपि अंजुमन इस्लामिया, पिठोरिया  के सदर मंसूर खलीफा को दे. कोर्ट के आदेश के अनुसार कुरान की चार प्रतियां रांची के विभिन्न शिक्षण संस्थानों को देनी हैं. ऋचा को 15 दिनों में यह काम पूरा कर अदालत को अवगत कराना है.
 

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