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ranchi

  • Jun 18 2019 8:49AM
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रांची : ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में झारखंड को नंबर-वन राज्य बनायें : रघुवर दास

रांची : ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में झारखंड को नंबर-वन राज्य बनायें : रघुवर दास
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग, फीडबैक बेस्ड बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक
जिन विभागों में ऑफ लाइन काम हो रहा है, वहां शीघ्र ऑनलाइन काम किये जायें : सीएम   
 
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश भर में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है. हमारा लक्ष्य है पहला स्थान पाना, लेकिन यह केवल कागजों पर ही न रहे. वास्तविकता में भी लोगों को इसका अनुभव होना चाहिए. इस मामले में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए. 
 
जिन विभागों में अभी काम ऑफ लाइन हो रहा है, वहां जल्द से जल्द ऑनलाइन किये जायें. अधिकारी अफसरशाही छोड़ें. हम जनता के सेवक हैं, इस भावना के साथ काम करें. श्री दास ने उक्त बातें सोमवार को प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयोजित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग, फीडबैक बेस्ड बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान से संबंधित समीक्षा बैठक में कही.  
 
अधिकारी काम को उलझायें नहीं, समाधान पर जोर दें : मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी काम को उलझायें नहीं. समाधान पर जोर दें. पुराने ढर्रे पर न चलते हुए नये भारत के निर्माण में अपना योगदान दें. ‍व्यापारी-उद्यमी हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. वे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा करते हैं. 
 
राज्य में रोजगार पैदा होने से पलायन जैसा कलंक झारखंड से मिटेगा. यही हमारी सरकार का पहला लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि झारखंड में निवेश को इच्छुक निवेशकों एवं उद्योगपतियों को शुरुआत से ही प्रत्येक स्तर पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है. पिछले चार साल से भी कम समय में हमारी नीतियों से प्रेरित होकर राज्य में टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग इत्यादि कई उद्योग स्थापित हुए हैं. 
 
उन्होंने कहा कि पिछले दो से तीन वर्ष के बीच राज्य में करोड़ों का निवेश हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं. वर्ष 2016 से अब तक जियाडा ने 430 उद्योगों को भूमि उपलब्ध कराया है, जिससे प्रत्यक्ष रूप से 60,778 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं.
 
उद्योग की स्थापना होगी, तभी गरीबी पूर्ण रूप से दूर होगी
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योग की स्थापना होगी, तभी राज्य से गरीबी पूर्ण रूप से दूर होगी और पलायन भी रुकेगा. सरकार यह चाहती है कि राज्य में ही लोगों को रोजगार मिले और यहां के युवक-युवतियों को दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े. छोटी-छोटी नौकरियों के लिए राज्य से बच्चियां पलायन कर जाती हैं. दूसरे राज्यों में बच्चियों का मानसिक और शारीरिक शोषण होता है, जो दिल में ठेस पहुंचाती है. 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबों को यह भी प्रयास करना है कि सरकारी मशीनरी और निवेशक मिल कर इस कार्य को आगे बढ़ायें. अपने देश को विश्व में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए टॉप फिफ्टी में लाकर एक अच्छा उदाहरण बनकर झारखंड को आगे ले जायें. 
 
भ्रष्टाचार को दूर करने में आइटी का करें अधिक उपयोग 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में झारखंड से भ्रष्टाचार और घोटाले की इमेज को मिटाने के लिए सरकार ने प्रतिबद्धता के साथ प्रयास किया है. 
 
यह अथक प्रयास का ही परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार पर किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा है. मेक इन इंडिया के उद्देश्य को पूरा कर हमें नया झारखंड और नया भारत का निर्माण करना है. भ्रष्टाचार को दूर करने में सभी विभाग आइटी का अधिक से अधिक उपयोग करें. सभी कार्य को ऑनलाइन करने का प्रयास करें, ताकि आम जनता के बीच पारदर्शिता बनी रहे. 
 
सारी व्यवस्था ऑनलाइन हो : मुख्य सचिव  
 
मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने कहा कि अधिकारी निवेशकों के साथ ऐसा व्यवहार करें, जैसा वे अपने परिवार के साथ करते हैं. उन्होंने कहा कि सारी व्यवस्था ऑनलाइन हो. कोई भी कार्य ऑफलाइन स्वीकार नहीं किया जायेगा. 
 
सभी विभाग और कार्यालय प्रत्येक सोमवार की सुबह 10:30 बजे अपनी आंतरिक समीक्षा बैठक करें. जो अधिकारी दायित्वों का निर्वहन समय से नहीं कर रहे हैं, उनके वार्षिक कार्य प्रतिवेदन में प्रतिकूल प्रविष्टि की जाये. 
 
अधिकारियों को मिला सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस सम्मान
 
मुख्यमंत्री ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया. ऊर्जा विभाग के मुख्य अभियंता विजय कुमार सिन्हा, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कृष्णचंद्र चौधरी, उत्पाद विभाग के गजेंद्र कुमार सिंह, गृह कारा, अग्निशमन सेवा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सुधीर कुमार वर्मा, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के साहब सिद्दीकी एवं झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के सुनील कुमार सिंह को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया
बैठक में अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार, उद्योग सचिव के रवि कुमार, संबंधित विभाग के सचिव, निदेशक उद्योग, राज्य सरकार के अन्य विभागों के आला अधिकारी, सभी जिलों के सर्विस प्रोवाइडर एवं फील्ड ऑफिसर समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
 
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