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ranchi

  • Jun 10 2019 8:46AM
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रांची : विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा बूथ प्रभारियों के प्रदर्शन का आकलन शुरू

रांची : विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा बूथ प्रभारियों के प्रदर्शन का आकलन शुरू
भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने बूथ प्रभारियों से बूथ पर पड़े मतों का आंकड़ा मांगा
विधानसभा चुनाव में दो तिहाई से अधिक सीट जीतने का लक्ष्य दिया सीएम ने
 
रांची : झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. विधानसभा में पार्टी ने दो तिहाई से अधिक सीट लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसको लेकर रणनीति बनायी जा रही है. लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा ने इसका आकलन शुरू कर दिया है. बूथ प्रभारियों के प्रदर्शन का आकलन कराने का काम शुरू किया गया है. 
 
भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने बूथ प्रभारियों से बूथ पर पड़े मतों का आंकड़ा मांगा है. इन्हें बताने को कहा गया है कि उनके बूथ पर पार्टी उम्मीदवार को कितना मत मिला. बूथ के अधीन रहने वाले पार्टी के प्रमुख नेताओं से उन्हें कितना सहयोग मिला. 
 
जिन बूथों पर पार्टी को अपेक्षा कम वोट मिले हैं, उनमें फेरबदल करने की योजना बनायी जा रही है. बूथों पर 10-10 सदस्यों की कमेटी बनायी गयी थी. इन्हें पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में वोट दिलाने को लेकर लोगों को मोटिवेट करने का काम सौंपा गया था. साथ ही प्रदेश नेतृत्व की ओर से बूथ की सारी व्यवस्था की गयी थी. 
 
हालांकि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए  14 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की. भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में भी 12 सीटों जीती थीं. पांच जून को पार्टी के शानदार प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने संगठन की बैठक बुलायी थी. इसमें पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के प्रति अाभार जताया था. साथ ही विधानसभा में चुनाव को लेकर दो तिहाई से अधिक सीट जीतने का लक्ष्य दिया है. 
 
बूथ कमेटी थी, तो कैसे मिले 10 से कम मत : लोकसभा चुनाव को लेकर राज्य में 29000 से अधिक बूथ थे. बूथों को फोकस कर पार्टी की ओर से योजना बनायी गयी थी. इसके बावजूद कई राजधानी रांची समेत कई बूथों पर भाजपा प्रत्याशियों को 10 से कम मत मिले है. पार्टी इस बात को लेकर चिंतित है कि बूथ कमेटी में 10 सदस्य रहने के बावजूद कैसे प्रत्याशी को कम मत मिले.  
 
25112 बूथों पर बनी थी भाजपा की कमेटी
 
भाजपा की ओर से राज्य में 25112 बूथों पर कमेटी बनायी गयी थी. बूथ प्रभारियों को 23 सूत्री टास्क भी दिये गये थे. इनसे मतदाता सूची, कार्यकर्ताओं के मोटरसाइकिल सूची, व्हाट्सएेप से जुड़े कार्यकर्ताओं की सूची के साथ-साथ उनके बूथ में पड़ने वाले केंद्र व राज्य सरकार के  लाभुकों की सूची भी जमा करायी गयी थी. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ-साथ प्रदेश नेतृत्व के आला नेताओं ने कई बार बूथ प्रभारियों के साथ बैठक कर इनके कार्यों का आकलन भी किया था.
 

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