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ranchi

  • Nov 20 2019 7:41AM
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रांची : अमृत योजना का काम समय से पूरा करें, एक्सटेंशन नहीं मिलेगा

रांची : अमृत योजना का काम समय से पूरा करें, एक्सटेंशन नहीं मिलेगा

नगर विकास सचिव ने समीक्षा बैठक में कंपनियों के प्रतिनिधियों को दिया निर्देश 

रांची : नगर विकास व आवास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को केंद्र प्रायोजित अमृत योजना की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने शहरी पेयजल आपूर्ति योजना व सीवरेज स्कीम की प्रगति देखी. साथ ही संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों समय से काम पूरा करने को कहा. ऐसा नहीं करने पर एक्सटेंशन नहीं मिलेगा. अगर वे बार-बार एक्सटेंशन की मांग करेंगे, तो प्रोजेक्ट लागत की 10 फीसदी राशि काट ली जायेगी. श्री सिंह प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में बैठक कर रहे थे.  

 स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक  शशि रंजन ने  निर्माण कंपनियों  को मैन पावर  और  गैंग की संख्या  बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी नगर निकायों को यह निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों में बैठक कर योजनाओं की समीक्षा करें.  बैठक में रांची और धनबाद जलापूर्ति योजना फेज-वन, चास, गिरिडीह, आदित्यपुर जलापूर्ति योजना के साथ-साथ आदित्यपुर सीवरेज योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गयी. रांची स्मार्ट सिटी अंतर्गत निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर की प्रगति की भी समीक्षा की गयी. 

बैठक में ये थे मौजूद : बैठक में मुख्य अभियंता राजीव कुमार वासुदेवा, जुडको के पीडीटी रमेश कुमार, स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी के उप निदेशक  रामकृष्ण कुमार, जुडको के कई महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में रांची, धनबाद, आदित्यपुर, चास, हजारीबाग के पदाधिकारी, जुडको और रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड के पदाधिकारी, विभिन्न निर्माण कंपनियों व पीएमसी के प्रतिनिधि थे.

एक्सटेंशन की मांग करेंगे, तो प्रोजेक्ट लागत की 10% राशि काट ली जायेगी

बैठक में लिये गये निर्णय

डीपीआर के मुताबिक निर्माण कार्य को जमीन पर उतारने से पहले उसका थ्री डी मॉडल प्रस्तुत करें. मॉडल संबंधित शहर के नक्शे के अनुसार बनेगा. 

20 दिसंबर से पहले उन सभी योजनाओं का थ्री डी मॉडल प्रस्तुत करें, जिन्हें शुरू किया जाना है. जलमीनार के लिए जगह नहीं मिलने की स्थिति में परियोजना के क्रियान्वयन में  विलंब न करें.  उसकी वैकल्पिक व्यवस्था करें. दूसरी जगह चिह्नित कर उसका इस्तेमाल जिला प्रशासन से एनओसी प्राप्त कर करें. जमीन नहीं मिलने की स्थिति में 15 दिसंबर से पहले या तो साइट बदल दें या फिर वैकल्पिक व्यवस्था करें. 

भविष्य में सड़कों की चौड़ीकरण की संभावना को देखते हुए पाइप लाइन बिछाने की योजना पर काम करें, ताकि फिर से पाइप को शिफ्ट नहीं करना पड़े.  रांची, धनबाद व आदित्यपुर में वाटर सप्लाई  और सीवरेज की योजना  का एक साथ प्लानिंग हो. आदित्यपुर में सीवरेज और वाटर सप्लाई का कंबाइंड थ्री डी बनायें. 

विभिन्न विभागों से जुड़ी जमीन व अन्य  एनओसी  के मुद्दों  के समाधान से विभाग को अवगत करायें. 

विभाग और स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी की ओर से सभी विभागों को पत्र लिखकर समस्या बतायी जाये. उन विभागों के साथ भी समन्वय के लिए बैठक की जाये. अधिकारी इन योजनाओं की समीक्षा समय-समय पर करें, ताकि इसकी प्रगति और तेज हो सके.

13 रूटों पर चलाने की थी योजना, पर सिर्फ दो रूटों पर चल रही हैं सिटी बसें

नगर निगम की लापरवाही का खमियाजा भुगत रहे आम लोग

कचहरी से राजेंद्र चौक व कचहरी से बिरसा चौक तक 25-25 बसों का हो रहा है परिचालन

रांची : शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए वर्ष 2010-11 में रांची नगर निगम ने 70 सिटी बसों की खरीदारी की थी. बाद में सिटी बसों की संख्या 91 हो गयी. शुरुआत के चार सालों तक इन बसों का परिचालन झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेटीडीसी) के माध्यम से शहर के चार रूटों पर होता रहा. बाद में जेटीडीसी ने बस चलाने में असमर्थता जताते हुए इन बसों को रांची नगर निगम को हैंडओवर कर दिया. 

इसके बाद नगर निगम ने इन सिटी बसों को शहर के 13 रूटों पर चलाने की योजना बनायी. इस दौरान यह बताया गया था कि ये बसें शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर तो चलेंगे ही, इस सेवा का विस्तार रिंग रोड तक भी किया जायेगा, लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि सिटी बसों का परिचालन शहर के सिर्फ दो रूट पर हो रहा है.  पहला रूट कचहरी से कांटाटोली होते हुए बिरसा चौक व दूसरा रूट कचहरी से अलबर्ट एक्का चौक होते हुए राजेंद्र चौक तक है. इन दोनों रूटों पर 25-25 सीटों बसों का परिचालन हो रहा है. 

आज से सभी बसों का होगा परिचालन : ऑपरेटर किशोर मंत्री द्वारा नगर निगम को सौंपी गयी 25 बसों में से पांच बसों को मंगलवार को सड़कों पर उतारा गया. ये बसें रातू रोड से कचहरी व कांटा टोली होते हुए बिरसा चौक तक गयीं. कम बसें चलने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई. वहीं ऑटो चालकों ने इसका खूब फायदा उठाया व लोगों से मनमाना भाड़ा वसूला. कम बसें चलने के संबंध में निगम के सिटी मैनेजर ने बताया कि बुधवार को सभी बसों को शहर की सड़कों पर उतारा जायेगा.

बकरी बाजार स्टोर में खड़ी-खड़ी कबाड़ हो रहीं 41 बसें  

रांची नगर निगम की 41 सिटी बसें पिछले 21 माह से बकरी बाजार स्टोर में खड़ी हैं. इन बसों को शहर की सड़कों पर चलाने के लिए नगर निगम ने नौ बार टेंडर निकाला, लेकिन किसी ऑपरेटर ने इसमें रुचि नहीं ली. इस कारण ये बसें बकरी बाजार स्टोर में खड़ी-खड़ी कबाड़ होती जा रही हैं.  

स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन  के हवाले होंगी सिटी बसें 

रांची नगर निगम की 41 सिटी बसों को अब स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के हवाले किया जायेगा. कॉरपोरेशन ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है. इसके तहत पूरे शहर में पीपीपी मोड पर 250 से अधिक बसें चलाये जाने की योजना है. निगम के सिटी मैनेजर नंदलाल बड़ाइक ने कहा कि बहुत जल्द स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन निगम की बसों का असेसमेंट करेगा. जो बसें दुरुस्त रहेंगी, उन बसों को कॉरपोरेशन को हैंडओवर कर दिया जायेगा.

 
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