ranchi

  • Aug 21 2019 1:21PM
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किसानों की आय दोगुनी करने के लिए स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर रही झारखंड सरकार, बोले रघुवर

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर रही झारखंड सरकार, बोले रघुवर

खेलगांव से पंकज कुमार पाठक

रांची : झारखंड की राजधानी रांची में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को ‘मिट्टी के डॉक्टर : सम्मान एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण’ कार्यक्रम की शुरुआत की. इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड को आनेवाले समय में विकसित राज्य की श्रेणी में ला सकते हैं. राज्य के 70 फीसदी लोगों की आजीविका कृषि पर निर्भर है. झारखंड का कृषि विकास दर 14 फीसदी है. दूसरे राज्यों की तुलना में यह ज्यादा है. कृषि वैज्ञानिक स्वामीनाथन ने कृषि को लाभदायक बनाने के लिए कई सुझाव दिये थे. उन्होंने पांच समस्याएं (मिट्टी, पीनी, बीमा, बिक्री और टेक्नोलॉजी) बतायी थी. राज्य ने इन पांचों समस्याओं को दूर करने की कोशिश की है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिट्टी की सेहत के बारे में जानकारी जरूरी है. देश के करोड़ों लोगों के पास हेल्थ कार्ड नहीं था. प्रधानमंत्री ने यहीं से आह्वान किया. योजना की शुरुआत की. सरकार पांच लाख हेल्थ कार्ड दे रही है. राज्य सरकार गोल्डेन कार्ड के लिए भी खर्च कर रही है. पीएम मोदी की सोच थी कि व्यक्ति के साथ किसान की जमीन का भी हेल्थ कार्ड हो. जमीन को ठीक करने के लिए क्या करना चाहिए, मिट्टी के डॉक्टर बतायेंगे. कृषि का डॉक्टर तैयार करके झारखंड ने दूसरे राज्यों को संदेश दिया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर एक दीदी एक दिन में मिट्टी के तीन सैंपल की जांच करती है, तो 14 हजार रुपये हर महीने का कमा लेगी. पीएम का सपना है वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो. घर की बहनें मिट्टी का डॉक्टर बनकर कमायेंगी. पुरुष अलग कमायेंगे. उन्होंने कहा कि लोग ईमानदारी से मेहनत करें. गांव को समृद्ध करने भगवान नहीं आयेंगे. गांव के लोगों को खुद गांव के विकास की चिंता करनी होगी.

उन्होंने कहा कि फसल की बुआई, कटाई का काम बहनें करती हैं. यही राज्य की शक्ति हैं. बहनों को समाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करने में सरकार जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को इस्राइल भेजा. सीएम ने कहा कि महिलाएं भी आंगनबाड़ी चलायेंगी. वह पुरुष के भरोसे नहीं रहेंगी. श्री दास ने मिट्टी की डॉक्टरों से अपील की कि वे अपने घर के बाहर अपने नाम का बोर्ड लगायें. बोर्ड में अपने नाम के साथ मिट्टी का डॉक्टर जरूर लिखें. उन्होंने कहा कि सरकार 100 किसानों को फिर इस्राइल भेजेगी. इसमें आधी महिलाएं होंगी. उन्होंने कहा कि किसान यह सुनिश्चित करें कि राज्य में किसी भी खेत में रसायन (केमिकल) का इस्तेमाल न हो.

झारखंड की महिलाएं सशक्त होंगी, किसानों की आय होगी दोगुनी : सुनील कुमार वर्णवाल

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा खेलगांव में आयोजित इस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा, ‘महिलाएं इस योजना से सशक्त होंगी. इससे किसानों की आय दोगुणी होगी. गांव की पूरी तस्वीर बदल जायेगी.’ उन्होंने कहा कि यहां से जाने के बाद लोग तुरंत काम शुरू करेंगे, ऐसी उम्मीद है.’

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मिट्टी की डॉक्टर पंचमी देवी ने कहा, ‘मैंने इंटर तक पढ़ाई की है. अब मेरी पहचान एक डॉक्टर के रूप में है. अब तक पांच हजार से ज्यादा मिट्टी के सैंपल की जांच कर चुकी हूं. दिल्ली जाकर झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. मिट्टी में क्या कमी है, हम इसकी जानकारी देते हैं. हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि हवाई जहाज में सफर करेंगे. लेकिन, सरकार की इस योजना से जुड़ने के बाद हमें यह मौका मिला.’

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