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ranchi

  • Jul 20 2019 11:10AM
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झारखंड में पांच पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले नक्सली दस्ते के 4 सदस्य गिरफ्तार

झारखंड में पांच पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले नक्सली दस्ते के 4 सदस्य गिरफ्तार

रांची : झारखंड के कोल्हान प्रमंडल में स्थित सरायकेला-खरसावां जिला के तिरुलडीह में पांच पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में शामिल चार नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किये गये सभी नक्सली महाराजा प्रमाणिक दस्ता के सदस्य हैं. 14 जून को पेट्रोलिंग के लिए निकले पुलिसकर्मियों को नक्सलियों ने पहले चाकू मारी और फिर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी.

कोल्हान प्रमंडल के डीआइजी कुलदीप द्विवेदी ने कहा कि चार हार्डकोर नक्सलियों की गिरफ्तारी पुलिस की बहुत बड़ी सफलता है. इन लोगों ने हमारे पांच बहादुर जवानों को मौत के घाट उतार दिया था. पुलिस उस घटना में शामिल एक-एक नक्सली को गिरफ्तार करने और उन्हें उनके किये की सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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श्री द्विवेदी ने कहा कि इन नक्सलियों की गिरफ्तारी से पुलिस के हौसले बुलंद हैं. नक्सलियों के खिलाफ पुलिस का सघन अभियान और तेजी से चलाया जायेगा. यह अभियान तब तक चलता रहेगा, जब तक नक्सलियों का राज्य से खात्मा नहीं कर दिया जाता.

उधर, सरायकेला के एसपी कार्तिक एस ने आदित्यपुर में प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि तिरुलडीह थाना क्षेत्र में पुलिस की हत्या करने वाले नक्सली चौका एवं ईचागढ़ थाना क्षेत्र में सक्रिय हैं. सूचना के आधार पर सरायकेला जिला पुलिस की एक टीम बनायी गयी. टीम के सदस्यों की सूचना पर छापामारी के दौरान ईचागढ़ ब्लॉक के पास से हार्डकोर नक्सली सुनील टुडू को गिरफ्तार किया गया.

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सुनील टुडू ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. उसने बताया कि कुकड़ू हाट-बाजार में हुई घटना में वह शामिल था. यह भी बताया कि हमले की योजना रमेश उर्फ अनल ने बनायी थी. घटना को अंजाम देने वालों में महाराज प्रमाणिक दस्ता के सरगना महाराज प्रमाणिक, अमित मुंडा, अतुल, टीपू उर्फ टिपुरा, बुधुराम मार्डी, रामू उर्फ रामनरेश लोहार, श्रीराम मांझी के अलावा दस्ता के अन्य सदस्य भी शामिल थे. इनमें कुछ दस्ता के सक्रिय समर्थक थे, तो कुछ हार्डकोर नक्सली.

सुनील की निशानदेही पर एक और हार्डकोर नक्सली बुधुराम मार्डी, जो ईचागढ़ थाना क्षेत्र के पाटपुर गांव का रहने वाला है, को पाटपुर नहर रोड के पास से गिरफ्तार किया गया. बुधुराम से पूछताछ के बाद पुलिस उसके साले श्रीराम मांझी के घर पहुंची. यहां से पुलिस ने तिरुलडीह हमले में इस्तेमाल की गयी हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक (JH-05CC 1910) बरामद की.

यहां से कुछ नक्सली साहित्य और लोकसभा चुनाव के बहिष्कार से संबंधित कुछ पर्चे भी मिले. श्रीराम मांझी को खुचीडीह-बंसा रोड से गिरफ्तार किया गया. सुनील टुडू की निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य हार्डकोर नक्सली रामू उर्फ रामनरेश लोहार को घाटदुलमी-हेसाकोचा रोड से गिरफ्तार किया गया. उसके घर से एक हीरो एक्स-प्रो पैशन (JH-01BH 5495) को पुलिस ने जब्त कर लिया.

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गिरफ्तार किये गये नक्सलियों ने पुलिस को बताया कि तिरुलडीह में पुलिस दल पर हमला करने से पहले उस स्थल की कई बार रेकी की गयी थी. हमले से पहले इन लोगों ने अरहंजा के जंगल में डेरा डाल रखा था. योजना के मुताबिक, 14 जून 2019 को ये लोग सुबह अरहंजा के जंगल से निकले और सादे लिबास में सात मोटरसाइकिल से 21 लोगों ने कुकड़ू हाट-बाजार पहुंचे. यहीं से धारदार हथियार खरीदे और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते हुए अपनी योजना के मुताबिक, पुलिस दल पर हमला कर दिया.

घटना सरायकेला-खरसावां मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर तिरुलडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकड़ू हाट बाजार में हुई थी. नक्सली दस्ते ने दो एएसआइ समेत पांच पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छह बाइक से आये 10-12 नक्सलियों ने पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी. इसमें एएसआइ गोवर्धन पासवान, एएसआइ मानोधन हांसदा, कांस्टेबल धनेश्वर महतो, युधिष्ठिर और डिबरू पूर्ति की मृत्यु हो गयी. हालांकि, चालक सुखलाल कुदादा मौके से भाग गया था. जवानों की हत्या करने के बाद नक्सलियों ने उनके चार हथियार लूटे और बुंडू की ओर भाग गये. घटना के बाद सरायकेला-खरसावां और रांची जिला समेत कई जिलों की पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया गया था.

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