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ranchi

  • Oct 20 2019 4:29PM
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अब सेनेटरी पैड नहीं, मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करेंगी महिलाएं

अब सेनेटरी पैड नहीं, मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करेंगी महिलाएं

रांची : झारखंड में महिलाएं अब सेनेटरी नैपकिन नहीं, मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करेंगी. इसके लिए महिलाओं को प्रेरित किया जा रहा है. विकास भवन स्थित सभागार में महिलाओं को माहवारी स्वच्छता उत्पाद के बारे में जानकारी देने के लिए रविवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को मासिक धर्म कप के इस्तेमाल एवं इसके लाभ के बारे में जानकारी दी गयी.

कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि वे डिस्पोजेबल सेनेटरी नैपकिन के बारे में लोगों को जागरूक करें. अधिकारियों एवं कर्मियों को मासिक धर्म के दौरान इस्तेमाल होने वाले सेनेटरी नैपकिन की बर्बादी को कम करने और इससे जुड़े सभी मिथकों को उजागर करने की भी जानकारी दी गयी.

कार्यशाला में बताया गया कि यह एक मिथक है कि मासिक धर्म कप का इस्तेमाल खर्चीला होगा. बताया कि मासिक धर्म कप की लागत अधिक तो है, लेकिन एक मासिक धर्म कप 10 साल तक चलता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए, महिला के मासिक धर्म के दौरान डिस्पोजेबल सेनेटरी नैपकिन पर खर्च की गयी राशि मासिक धर्म के कप में निवेश की तुलना में लगभग 10 गुणा अधिक है.

एक मासिक धर्म कप को कार्यशाला के प्रत्येक प्रतिभागी को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में उपयोग करने और मासिक धर्म के कचरे को कम करने के लिए वितरित भी किया गया.

इस अवसर पर रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने कहा कि महिलाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने लिए उपलब्ध सुरक्षित मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों के बारे में जागरूक हों. माहवारी वर्जित नहीं है. जिला प्रशासन महिलाओं के लिए इस बारे में बात करने, बोलने के लिए मंच बनाने की दिशा में काम कर रहा है.

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