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ranchi

  • Nov 9 2019 3:00AM
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खूंटी के डॉ राजेश ने बनायी देश की पहली आयुर्वेदिक एंटी वायरल दवा

खूंटी के डॉ राजेश ने बनायी देश की पहली आयुर्वेदिक एंटी वायरल दवा
रांची : खूंटी निवासी डॉ राजेश कुमार गंझू ने देश की पहली आयुर्वेदिक एंटी वायरल औषधि बनायी है. गांझूवीर नामक इस दवा (सिरप व टैबलेट) का पेटेंट करा लिया गया है तथा यह बाजार में उपलब्ध है. डॉ गंझू ने शुक्रवार को  नामकुम स्थित आयुष निदेशालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी. 
 
डॉ राजेश ने बताया कि गांझूवीर दवा का निर्माण झारखंड की जड़ी-बूटियों से किया गया  है, जिसे बनाने में 14 वर्ष अनुसंधान करना पड़ा. रिसर्च एंड डेवलपमेंट सहित क्लिनिकल ट्रायल का काम पुणे में हुआ है. लोकमान्य मेडिकल रिसर्च सेंटर, पुणे में हुए ट्रायल को सफल माना गया है. 
 
खासकर डेंगू के इलाज में यह दवा कारगर रही है. ट्रायल के दौरान पाया गया कि मरीज में वायरल लोड कम हो रहा है. इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों को सामान्य दिनों से कम रहना पड़ा. डॉक्टर का दावा है कि यह दवा वायरल बीमारियों जैसे- डेंगू, चिकनगुनिया, हरपेस, फ्लू, हेपेटाइटिस, चिकेन पॉक्स आदि में लाभदायक है. एचआइवी के इलाज में भी इसके लाभप्रद होने का दावा किया जा रहा है. यह दवा शरीर में वायरल असर कम करके प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है. 
 
पुणे में है डॉ गंझू की फर्म   : मूल रूप से खूंटी के तोरपा रोड निवासी डॉ राजेश गंझू ने दसवीं तक की पढ़ाई सेवेंथ डे स्कूल, तोरपा रोड खूंटी से की है. इसके बाद इसी स्कूल के प्राचार्य की सलाह पर वह 11वीं व12वीं की पढ़ाई करने आंध्र प्रदेश चले गये. फिर बायोकेमेस्ट्री में पीएचडी तक की शिक्षा उन्होंने पुणे में रह कर ली. डॉ गंझू ने कहा कि  अपने ही देश में दवा विकसित करने के लिए उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी तथा विदेश जाने का अॉफर छोड़ दिया. उन्होंने पुणे में ही अपनी फर्म राधिका आयुर्वेद रिसर्च एंड डेवलपमेंट बनायी है.
 
दवा को मिला पेटेंट
 
डेंगू, चिकनगुनिया, फ्लू, हेपेटाइटिस और चिकेन पॉक्स सहित एचआइवी जैसी वायरल बीमारियों में लाभ देनेवाली है दावा
 
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