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ranchi

  • Feb 20 2019 8:25AM
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झारखंड जगुआर के स्थापना दिवस पर बोले डीजीपी, दुश्मन को ढूंढ़ कर मारेंगे

झारखंड जगुआर के स्थापना दिवस पर बोले डीजीपी, दुश्मन को ढूंढ़ कर मारेंगे
रातू : राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर दुश्मनों द्वारा चुनौती दी जा रही है. बदलते परिवेश में देश की सुरक्षा के लिए बहादुर अधिकारी व जवानों ने सीमा पर शहादत दी है. 
 
शहीदों की कुर्बानी को लेकर संकल्प लेना है कि दुश्मनों को ढूंढ़-ढूंढ़ कर मारेंगे. झारखंड जगुआर ने इसकी मुकम्मल तैयारी कर ली है. रक्त का तिलक लगाकर मैदान में निकलने की बारी है. एक गोली एक दुश्मन का संकल्प लेना है. उक्त बातें डीजीपी डीके पांडेय ने मंगलवार को टेंडर ग्राम स्थित झारखंड जगुआर (एसटीएफ) के 11वें स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि कही. 
 
उन्होंने पुलवामा में गुमला के शहीद विजय सोरेंग की शहादत को याद कर कहा कि 2019 में उग्रवादियों का समूल विनाश करने से जी उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि मिल सकेगी. विगत 10 वर्षों में विषम परिस्थितियों में रहते हुए भी जवान युद्ध की कला को निखारते रहे हैं. कैंपस में मूलभूत संरचना की कमी है. इस चुनौती को दरकिनार कर झारखंड जगुआर ने आगे बढ़ने का काम किया है. 
 
इन कमियों को दूर कर युद्ध नीति को आगे बढ़ाना है तथा जीत ही लक्ष्य का संकल्प पूरा कर उग्रवादियों का समूल विनाश करना है. स्वागत करते हुए डीआइजी आशीष बत्रा ने झारखंड जगुआर की उपलब्धि बतायी. कहा कि जवान राज्य को नक्सल मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाएंगे. संचालन कर्नल जेके सिंह व धन्यवाद ज्ञापन डीआइजी साकेत कुमार सिंह ने किया.  
 
शहीद के परिजन हुए सम्मानित:  इस मौके शहीद के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वाले में सरिता कुजूर, रूबी कुमारी, ममता शारदा देवी, ममता कुमारी, नवीना नोपाने, अनीता ओड़िया, ममता इंदु, सविता लकड़ा, शोभा मुंडा, संगीता देवी, लालती देवी, राम सेवक शर्मा, ममता देवी, मंजू सरिता बाखला शामिल थीं. वहीं परिसर के तीन बैरक व पार्क का नामकरण शहीदों के नाम पर कर उसका उद्घाटन शहीद के परिजनों द्वारा किया गया.
 

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