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ranchi

  • Oct 12 2019 9:09PM
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झारखंड और भारत में अभी नहीं है शांति, रांची में बोले सीपीआइ नेता डी राजा

झारखंड और भारत में अभी नहीं है शांति, रांची में बोले सीपीआइ नेता डी राजा

मिथिलेश झा

रांची : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने कहा है कि झारखंड और भारत में अभी शांति नहीं है. देश में कभी भी मॉब लिंचिंग की घटना हो सकती है. यह सब हो रहा है भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वजह से. संघ लगातार भाजपा के जरिये देश पर अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रहा है. भाजपा के शासन में आम लोगों के अधिकारों, उनकी सभ्यता एवं संस्कृति, उनकी भाषा और उनके धर्म पर हमले हो रहे हैं. भाजपा और संघ मिलकर देश की विविधता में एकता की पहचान को मिटाने पर तुले हुए हैं. सभी राजनीतिक दलों को मिलकर इसका प्रतिकार करना होगा.

रांची के सत्य भारती में शनिवार को ‘एसोसिएशन फॉर सोशियो-पॉलिटिकल जस्टिस’ विषय पर श्री राजा ने अपने व्याख्यान में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भाजपा और नरेंद्र मोदी की सरकार में संविधान और लोकतंत्र के साथ-साथ संसद की गरिमा को भी कम किया गया है. मोहन भागवत भारत को हिंदू राष्ट्र बताने पर आमादा हैं. यह संविधान का अपमान है. उन्होंने कहा कि जिस संसद और संविधान के सामने प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी शीश झुकाते हैं, उसी संविधान की मोहन भागवत तौहीन करते हैं.

श्री राजा ने कहा कि भारत के संविधान में ‘हम भारत के लोग’ कहा गया है. इसमें कहीं भी हम भारत के हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई या आदिवासी नहीं कहा गया है. संविधानसभा में जब बहस हुई, तो हिंदू महासभा ने डॉ बीआर आंबेडकर पर जबर्दस्त दबाव बनाया था, भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए. लेकिन, डॉ आंबेडकर ने ऐसा नहीं किया. डॉ आंबेडकर ने कहा कि यदि भारत को हिंदू राष्ट्र बना दिया गया, तो यह एक आपदा साबित होगी.

आंबेडकर ने की थी सबको समान अधिकार की बात

डॉ आंबेडकर ने कहा था कि देश में सबको समान अधिकार होना चाहिए. व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि लोग एक-दूसरे को प्यार करें. सामाजिक न्याय को सर्वोपरि रखना होगा. लेकिन, आज के दौर में ये सारी चीजें खतरे में है. हमारा देश बहु-संस्कृति वाला देश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में समुद्र के तट पर तमिल संगीत और नृत्य का आनंद लेते हैं. कहते हैं कि तमिल विश्व की सबसे प्राचीनतम भाषाओं में एक है. वहीं, अमित शाह एक देश, एक भाषा की बात कर रहे हैं. ऐसे में सामाजिक न्याय कैसे सुनिश्चित हो पायेगी.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का राजनीतिक हथियार है भाजपा

श्री राजा ने कहा कि यह खतरा संघ की वजह से है. भाजपा, जो इस वक्त सत्ता में है, संघ के राजनीतिक हथियार के अलावा कुछ भी नहीं है. उन्होंने कहा कि संघ और मोहन भागवत हमारे लोकतंत्र और संविधान को नये ढंग से परिभाषित करने की कोशिश कर रहे हैं. हम सबको मिलकर इसके खिलाफ संघर्ष करना होगा. भाकपा महासचिव ने कहा कि आंबेडकर ने दो चीजों को देश का सबसे बड़ा दुश्मन बताया था. जातिवाद और पूंजीवाद. जातिवाद खत्म करके ही देश में सामाजिक न्याय की व्यवस्था स्थापित हो सकती है.

दो शब्द याद रखें : इन्कलाब जिंदाबाद

श्री राजा ने कहा कि परिस्थितियां विपरीत हैं, लेकिन हमें घबराना नहीं है. भगत सिंह ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया था. जब उन्हें फांसी देने के लिए समय से पहले बुलाया गया, तो वह एक पुस्तक पढ़ रहे थे. उन्होंने सजा को स्वीकार किया. फांसी से पहले भगत सिंह से उनकी अंतिम इच्छा पूछी गयी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें नकाब न पहनाया जाये. वह चाहते हैं कि जब उनकी सांसें थमें, तो उनकी नजरों के सामने उनका मादर-ए-वतन हो. श्री राजा ने कहा कि भगत सिंह ने मरते वक्त दो शब्द कहे थे - इन्कलाब जिंदाबाद. हर भारतीय को इन दो शब्दों को याद रखना चाहिए.

श्री राजा ने कहा कि भारत को आजाद हुए करीब सात दशक बीत गये. अब इस आजादी को बचाये रखने की जिम्मेवारी हम सब पर है. हम मिलकर संघर्ष कर रहे हैं. इस संघर्ष को जारी रखना होगा. मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए हम अनवरत संघर्ष करते रहेंगे. हम जानते हैं कि हमारी ताकत बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन जितनी ही ताकत है, उतनी ही ताकत से हम लड़ेंगे और भाजपा और संघ की विचारधारा को पराजित करेंगे. भारत की आजादी को बचाये रखेंगे.

पूरे देश में लागू नहीं होने देंगे एनआरसी

भाकपा महासचिव डी राजा ने कहा कि देश भर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू नहीं होने दिया जायेगा. उनकी पार्टी और वामदलों का स्पष्ट मत है कि इसे देश भर में लागू नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संघ के इस एजेंडे के निशाने पर सिर्फ मुस्लिम हैं. श्री राजा ने कहा कि फॉरन ट्रिब्यूनल को इस मामले में फैसले लेने का कोई न्यायिक अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि सिर्फ चुनावी फायदे के लिए भाजपा ने इस मुद्दे को उछाला है. उनका उद्देश्य पश्चिम बंगाल के चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण करना है. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि संघ भारतीय और भारतीयता को नये ढंग से परिभाषित करने का प्रयास कर रहा है. कार्यक्रम में एके रासमिली, केडी सिंह, राजेंद्र राम रामलू, इफ्तिखार मोहम्मद और महेंद्र पटेल मौजूद थे.

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