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ranchi

  • Feb 11 2019 2:38PM

देश में बच्चों की कुल आबादी 40 प्रतिशत, फिर भी नहीं मिल पा रहा स्वस्थ और खुशहाल बचपन

देश में बच्चों की कुल आबादी 40 प्रतिशत, फिर भी नहीं मिल पा रहा स्वस्थ और खुशहाल बचपन

 
रांची :  स्वस्थ और खुशहाल बचपन के बिना किसी भी राष्ट्र का नवनिर्माण संभव नहीं है, पर दुखद यह है कि आज भी हमारे देश में बच्चों को उनका वाजिब हक नहीं मिल पाया है. झारखंड जैसे राज्य में बच्चों में कुपोषण की स्थिति भयावह है, झारखंड के 47.8 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 के अनुसार झारखंड में पांच वर्ष तक के 47.8 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं. राज्य पोषण मिशन के बेसलाइन सर्वे से यह पता चला है कि इनमें से करीब चार लाख बच्चे अति कुपोषित हैं. 

बच्चों के खिलाफ होने वाले अन्य अपराध हैं- घरेलू हिंसा, यौन शोषण और बाल मजदूरी. इस परिदृश्य में यह कहना गलत नहीं होगा कि देश का बचपन खतरे में है. लेकिन ‘सेव द चिल्ड्रेन’, वर्ल्ड विजन इंडिया और झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों को उनका बचपन लौटाने के लिए लगातार प्रयासरत है. चूंकि 2019 में लोकसभा चुनाव होना है और देश एक नयी सरकार को चुनने वाला है, साथ ही हम महात्मा गांधी की 150वीं  जयंती वर्ष मना रहे हैं, तो बच्चों ने अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक घोषणापत्र राजनीतिक दलों के नेताओं को सौंपा और उनसे यह गुजारिश की कि वे अपने-अपने घोषणापत्र में उन मुद्दों को स्थान दें.  नौ फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में बच्चों का यह घोषणापत्र लॉन्च किया गया. इस घोषणा पत्र में राज्य के 6 जिलों के 2050 बच्चों की आवाज शामिल है.

गौरतलब है कि देश में बच्चों की कुल आबादी देश की आबादी का लगभग 40 प्रतिशत है बावजूद उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानित जीवन के लिए सरकारें उस तरह से खर्च नहीं करतीं जैसा कि करना चाहिए. इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपने लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता, बाल श्रम का उन्मूलन, बाल पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष POCSO और JJA अदालतों का गठन करने की मांग की. साथ ही 0-5 वर्ष तक के बच्चों की निमोनिया और डायरिया से होने वाली मौतों को रोकने के लिए भी पहल करने की मांग की.

इस कार्यक्रम में कई राजनीतिक दलों के नेताओं, प्रवक्ताओं ने शिरकत और बच्चों की चिंता से सहमति जतायी और उन्हें आश्वत किया. कार्यक्रम में झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षआरती कुजूर ने बच्चों की तरह से आवाज बुलंद की और वास्तविक स्थिति से नेताओं को अवगत कराया. 


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