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ranchi

  • Nov 16 2019 1:24PM
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रांची में जल्द खुलेगा ‘हुनर हब’, तीन साल में 2.5 लाख लोगों को मिला रोजगार

रांची में जल्द खुलेगा ‘हुनर हब’, तीन साल में 2.5 लाख लोगों को मिला रोजगार

रांची/नयी दिल्ली : झारखंड की राजधानी रांची समेत देश के सभी राज्यों में ‘हुनर हाट’ खोले जायेंगे. यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यह घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि ‘हुनर हाट’ देश भर के दस्तकारों, शिल्पकारों के ‘हुनर के हौसले का हब’ बन गया है और आने वाले समय में नरेंद्र मोदी सरकार हर राज्य में ‘हुनर हब’ स्थापित करेगी, जिससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.

नकवी ने शुक्रवार को नयी दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा 14 से 27 नवंबर 2019 तक आयोजित किये जा रहे ‘हुनर हाट’ का औपचारिक उद्घाटन किया. उन्होंने कहा, ‘अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा देश के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किये जा रहे ‘हुनर हाट’ में जहां एक ओर लाखों लोग आकर कारीगरों, दस्तकारों की हौसलाअफजाई कर रहे हैं, वहीं प्रत्येक ‘हुनर हाट’ में दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी हस्तनिर्मित दुर्लभ उत्पादों की करोड़ों रुपये की बिक्री भी हो रही है.’

उन्होंने कहा, ‘दस्तकारों, शिल्पकारों के साथ-साथ इनमें से हर एक कारीगर/दस्तकार से जुड़े लगभग 100 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं.’ नकवी ने कहा कि वर्ष 2019-2020 में आयोजित होने वाले सभी ‘हुनर हाट’ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के थीम पर आधारित होंगे. अगला ‘हुनर हाट’ मुंबई में 20 से 31 दिसंबर, 2019 तक आयोजित किया जायेगा. मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 5 वर्षों में दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी हुनर को बाजार की जरूरतों के हिसाब से तराशने एवं प्रोत्साहित करने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय सभी राज्यों में ‘हुनर हब’ स्थापित करने के मिशन पर तेजी से काम कर रहा है.

दस्तकारों/शिल्पकारों का ‘एम्पावरमेंट एक्सचेंज’ साबित हुआ ‘हुनर हाट’

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 ‘हुनर हब’ स्वीकृत किये हैं. इन ‘हुनर हब’ में दस्तकारों, शिल्पकारों, पारम्परिक खानसामों को वर्तमान जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग दी जायेगी. उनके हुनर को और निखारा जायेगा.’ नकवी ने कहा कि ‘हुनर हाट’, दस्तकारों/शिल्पकारों का ‘एम्पावरमेंट एक्सचेंज’ साबित हुआ है.

उन्होंने कहा कि पिछले 3 वर्षों में देश के प्रसिद्ध आर्थिक केंद्रों में आयोजित एक दर्जन से ज्यादा ‘हुनर हाट’ के जरिये 2 लाख 50 हजार से ज्यादा कारीगरों, शिल्पकारों, दस्तकारों, खानसामों और उनसे जुड़े हुए लोगों को रोजगार और रोजगार के मौके मुहैया कराये हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला कारीगर भी हैं. मंत्री के मुताबिक, अगले 5 वर्षों में मोदी सरकार ‘हुनर हाट’ के माध्यम से लाखों ‘हुनर के उस्ताद’ कारीगरों, शिल्पकारों, दस्तकारों और पारंपरिक खानसामों को रोजगार और रोजगार के मौके मुहैया करायेगी.

उत्पाद के साथ देश भर के कारीगर पहुंचे नयी दिल्ली

भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में आयोजित इस ‘हुनर हाट’ में कारीगर हस्तनिर्मित दुर्लभ उत्पाद लाये हैं, जिनमें आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार तथा अन्य राज्यों से बाटिक, बाघ प्रिंट, बंधेज, बाड़मेर एप्लिक, केन, कारपेट, चंदेरी, चिकनकारी, कॉपर बेल प्रोडक्ट, गोल्डन ग्रास, हैंडलूम और होम फर्निशिंग इत्यादि शामिल हैं. आने वाले दिनों में ‘हुनर हाट’ का आयोजन गुरुग्राम, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, अहमदाबाद, देहरादून, पटना, इंदौर, भोपाल, नागपुर, रायपुर, हैदराबाद, पुडुचेरी, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, शिमला, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, रांची, भुवनेश्वर, अजमेर में किया जायेगा.

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