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ranchi

  • Apr 19 2019 8:28AM
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चुनाव में अंदरखाने चल रहा है जोड़-तोड़ का खेल, विभीषणों पर डोरा, वोट बैंक में सेंधमारी का फेरा

चुनाव में अंदरखाने चल रहा है जोड़-तोड़ का खेल, विभीषणों पर डोरा, वोट बैंक में सेंधमारी का फेरा
दूसरे दलों के विक्षुब्धों को अपने पाले में करने में जुटे हैं प्रत्याशी
रांची, लोहरदगा, गोड्डा, राजमहल, धनबाद सहित कई सीटों पर चुनावी रोमांच को बढ़ाया

आनंद मोहन
 
रांची : लोकसभा चुनाव में शह-मात का खेल चल रहा है़  एक-एक वोट का गणित दुरुस्त किया जा रहा है़ एनडीए-यूपीए के बीच चुनावी जंग में अंदरखाने खेल चल रहा है़   
 
दलों के विभीषणों पर पार्टियां डोरे डाल रही है़   ऐसे नेता, जिनको चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला, उनके वोट बैंक को समेटने की तैयारी है़   वोट बैंक में सेंधमारी कर बाजी पलटने की तैयारी है़   चुनाव मैदान में उपर-उपर जो दिख रहा है, उसके उलट खेल हो रहा है़   
 
रांची, लोहरदगा, गोड्डा, राजमहल जैसी सीटों पर विक्षुब्धों और नाराजगी रखनेवाले नेताओं के वोट को साधने की तैयारी है़   रांची में रामटहल चौधरी ने बगावत की है़   रामटहल चौधरी चुनाव में क्या गुल खिलायेंगे, यह समय बतायेगा, लेकिन प्रतिद्वंद्वी उनके सहारे सेंधमारी की रणनीति में जुटी है़   
 
लोहरदगा में चमरा लिंडा ने अपने को चुनाव से दूर रखा है, लेकिन वह यूपीए के साथ खुल कर नहीं है़   चमरा का अपना वोट बैंक है़   इस वोट बैंक को समेटने की तैयारी में प्रत्याशी लगे है़ं   समर्थकों को अपने खेमे में करने की तैयारी है़   हर तरह की रणनीति बन रही है़   उधर लोहरदगा से विधायक रहे कमल किशोर भगत का भी खास पॉकेट में आधार है़   
 
इस वोट पर भी प्रत्याशियों की नजर है़   संताल परगना के गोड्डा और राजमहल सीट पर चुनावी हित साधने के लिए शह-मात का खेल चल रहा है़   गोड्डा में फुरकान अंसारी को कांग्रेस ने मौका नहीं दिया़   फुरकान अंसारी और उनके बेटे इरफान अंसारी झाविमो के प्रत्याशी प्रदीप यादव का विरोध कर रहे है़ं   एक खास वोट बैंक में बिखराव की रणनीति बनायी जा रही है़   प्रत्याशी एक-दूसरे का रास्ता रोकने की कोशिश में लगे है़ं   राजमहल में भी झामुमो के एक पूर्व विधायक के समर्थकों को गोलबंद किया जा रहा है़   इस वोट बैंक पर भी नजर है़   कोयलांचल की राजनीति भी गरम है़   ददई दुबे का टिकट काट कर कांग्रेस ने कीर्ति आजाद को टिकट दिया है़   
 
यहां ददई सहित विक्षुब्ध दूसरे नेताओं को साधने की तैयारी है़  हजारीबाग में कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने अपनी बेटी अंबा प्रसाद को टिकट दिलाने का हरसंभव प्रयास किया़   दिल्ली में लॉबिंग की, लेकिन अंतत: यहां गोपाल साहू पर कांग्रेस ने भरोसा जताया़   अब योगेंद्र साव के समर्थकों की भूमिका को लेकर संशय की स्थिति है़   श्री साव का एक खास क्षेत्र में जनाधार है़   इस वोट पर भी सेंधमारी की तिकड़म लग रही है़  
 
राज्य में कई ऐसी सीटें हैं, जहां विक्षुब्ध भले ही खुल कर सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनके वोट बैंक पर सबकी नजर है़   ये चुनाव का परिणाम  बदलेंगे़  
 

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