ranchi

  • Dec 9 2019 10:20AM
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झारखंड में चुनाव ड्यूटी पर तैनात छत्तीसगढ़ के जवान ने कंपनी कमांडर को गोली मारी, फिर कर ली आत्महत्या

झारखंड में चुनाव ड्यूटी पर तैनात छत्तीसगढ़ के जवान ने कंपनी कमांडर को गोली मारी, फिर कर ली आत्महत्या

रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव ड्यूटी पर आये छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की एक बटालियन के जवान ने आपसी विवाद के बाद सोमवार तड़के अपने कंपनी कमांडर की गोली मारकर हत्या कर दी. बाद में जवान ने अपने ही हथियार से खुद को भी गोली मार ली. इस क्रम में एक जवान नंद किशोर कुशवाहा को भी पैर में गोली लग गयी. पूरी घटना राजधानी रांची के खेलगांव स्टेडियम परिसर में हुई.

कंपनी कमांडर की पहचान मेला राम कुर्रे और आत्महत्या करने वाले जवान की पहचान विक्रमादित्य रजवाड़े के रूप में की गयी है. दोनों छतीसगढ़ सशस्त्र बल 4 बटालियन बी कंपनी में तैनात थे. रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 6:30 बजे खेल गांव परिसर में हुई, जहां इन जवानों को द्वितीय चरण के मतदान के बाद ठहराया गया था. इन्हें सोमवार को हजारीबाग जिला के चौपारण में चुनाव की ड्यूटी पर जाना था.

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार, कंपनी कमांडर और जवान में किसी बात को लेकर विवाद हुआ. इसके बाद गुस्से में जवान ने अपने हथियार से कंपनी कमांडर को गोली मार दी. मौके पर ही कंपनी कमांडर मेला राम कुर्रे की मौत हो गयी. इस घटना के बाद जवान ने अपने ही हथियार से आत्महत्या भी कर ली.

कंपनी कमांडर मैना राम कुर्रे

गोलीबारी की इस घटना में दो अन्य जवानों को छर्रे लगे हैं. उन्हें घायल स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी गयी है. नंद किशोर कुशवाहा के अलावा बेनुधर धुप को भी हल्की चोट आयी है. दीवार से टकराकर एक गोली उनको छूते हुए निकल गयी. बताया जाता है कि गुस्से में विक्रमादित्य रजवाड़े ने करीब 15 राउंड गोली चलायी.

फायरिंग करने वाला जवान विक्रमादित्य रजवाड़े.

कंपनी कमांडर मेला राम कुर्रे 20 दिन के बाद सेवा से रिटायर होने वाले थे. वहीं, आरक्षी विक्रमादित्य युवा था और अब तक उसका विवाह भी नहीं हुआ था. फॉरेंसिक विभाग की टीम जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंच गयी है. एसएसपी श्री गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद इसके वास्तविक कारणों की जानकारी हो सकेगी.

घटनास्थल पर जांच करती फॉरेंसिक विभाग की टीम.

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के कमांडेंट डीआर अचला ने घटना के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि कंपनी कमांडर मेला राम और आरक्षी विक्रमादित्य के बीच कहा-सुनी के बाद कुछ विवाद हुआ था. हालांकि, यह विवाद छुट्टी को लेकर नहीं था. उन्होंने बताया कि कंपनी कमांडर मेला राम ने विक्रमादित्य की शिकायत की थी कि वह शराब पीता है. इसके बाद कमांडेंट ने सभी जवानों को संबोधित किया था और उन्हें समझाया था कि वे शराब का सेवन न करें.

कमांडेंट ने बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के सभी कर्मचारियों से कहा था कि चुनाव के दौरान यदि शराब पीकर कुछ भी गलत आचरण करेंगे, तो इससे उनकी छवि खराब होगी. इसलिए नशे से दूर रहें. उन्होंने यह भी बताया कि गोली चलाने वाला विक्रमादित्य मानसिक रूप से परेशान रहता था. कमांडेंट ने यह भी बताया कि वह दो-तीन दिन पहले विक्रम से मिले थे और उसे समझाया था.

असिस्टेंड कमांडेंट और डिप्टी कमांडेंट ने पूरी कंपनी को ब्रीफ किया था. विक्रम को भी समझाया था कि नशे में कोई अनुशासनहीनता न करें. कंपनी कमांडर की शिकायत पर कमांडेंट ने कुछ जवानों को हटा दिया था. 4-5 जवानों को इंटर कंपनी चेंज कर दिया था. कमांडेंट यह नहीं बता पाये कि उसकी मानसिक परेशानी की असल वजह क्या थी. उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी 20 नवंबर को चुनाव कराने के लिए झारखंड आयी थी. पहले चरण में गुमला और दूसरे चरण में चाईबासा का चुनाव कराकर यहां आयी थी. तीसरे चरण का चुनाव संपन्न कराने के लिए उनकी कंपनी को सोमवार (9 दिसंबर, 2019) को हजारीबाग जिला के चौपारण जाना है. चौपारण जाने से पहले ही ऐसी घटना हो गयी.

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