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ranchi

  • Jun 12 2019 8:07AM
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कैबिनेट का फैसला : पांच साल के अनुभव वाले मनरेगा कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी

कैबिनेट का फैसला : पांच साल के अनुभव वाले मनरेगा कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी
रांची : कैबिनेट ने पांच साल और उससे अधिक काम करने का अनुभव रखने वाले संविदा पर नियुक्त मनरेगा कर्मचारियों और पदाधिकारियों को दिये जाने वाले मानदेय में वृद्धि का फैसला लिया. अब पांच वर्ष का अनुभव रखने वाले ग्राम रोजगार सेवक को 6,050 रुपये की जगह 7,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जायेगा. 
 
पांच से 10 वर्ष का अनुभव रखने वाले रोजगार सेवक को 8,500 और 10 वर्ष से अधिक का अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को 9,050 रुपये प्रतिमाह दिये जायेंगे. वहीं, पांच वर्ष का अनुभव रखने वाले मनरेगा के लॉग प्रोग्राम अफसर को 19,500 और पांच वर्ष से अधिक अनुभव रखने वालों को 20,000 रुपये मानदेय मिलेगा. 
 
इसी तरह असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, एकाउंट असिस्टेंट व कंप्यूटर असिस्टेंट का मानदेय भी निर्धारित किया. असिस्टेंट इंजीनियर को 19,234 व 19,734, जूनियर इंजीनियर को 17,520 व 18,020, एकाउंट असिस्टेंट व कंप्यूटर असिस्टेंट को 10,500 व 10,000 रुपये मानदेय के रूप में मिलेगा. 
मुख्यमंत्री किसान आशीर्वाद योजना के लाभुकों का कट ऑफ डेट तय
 
कैबिनेट ने पांच एकड़ तक कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व रखने वाले किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना में संशोधन की स्वीकृति दी. अगले पांच वर्षों के लिए योजना के लाभुकों के योग्यता के निर्धारण के लिए कट ऑफ डेट 30 मई 2019 तय किया. 
 
योजना के अंतर्गत लाभुकों को मिलने वाली राशि दो या दो से अधिक किस्तों में दी जायेगी. योजना के लाभुकों की सूची की अपने स्तर से जांच करते हुए संबंधित उपायुक्त डीबीटी के माध्यम से लाभुकों के खाते में राशि हस्तांतरित करेंगे. योजना का लाभुक नहीं होने की  आहर्ता प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए निर्धारित शर्तों के अनुरूप होगी.
 
झारखंड कैबिनेट का फैसला : 15 प्रस्ताव पर लगी मुहर
50 लाख पेयजल योजनाओं पर खर्च करना अनिवार्य
 
कैबिनेट ने विधायक योजना के तहत विधायकों की अनुशंसा पर ली जाने वाली कार्यों की सूची में पेयजलापूर्ति योजनाओं को शामिल करने पर सहमति दी. साथ ही  विधायक योजना के तहत आवंटित किये जाने वाले चार करोड़ रुपये में से कम से कम 50 लाख रुपये का व्यय जलापूर्ति योजनाओं पर करने की बाध्यता तय की. विधायक योजना की राशि से मुख्यमंत्री जन जल योजना की जलापूर्ति योजना का क्रियांवयन एवं शहरी क्षेत्रों के लिए स्वीकृत पाइपलाइन जलापूर्ति योजना में अतिरिक्त विस्तार या सुदृढ़ीकरण के लिए किया जायेगा.
सीओ कैंप लगा कर लगान के मामले सुलझायेंगे
 
कैबिनेट ने ऑनलाइन लगान व्यवस्था में खतियान से मिलान के बाद ही रसीद निर्गत करने के प्रावधान की वजह से आ रही परेशानियों के निदान के लिए सीओ को कैंप लगा कर मामले सुलझाने का आदेश दिया. खतियान का डिजिटलाइजेशन पूरा नहीं होने या खतियान की अनुपलब्धता की वजह से रसीद का पूर्व के खतियान के साथ मिलान नहीं हो पा रहा था. इससे लोगों का ऑनलाइन लगान नहीं कट पा रहा था. इसी वजह से आदेश दिया. 
 
बिहार को तेनुघाट की 40% बिजली देने का फैसला
 
कैबिनेट ने तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) से उत्पादित 40 प्रतिशत बिजली बिहार को देने का फैसला किया. बिजली की दर का निर्धारण विद्युत नियामक आयोग करेगा. 
 
अन्य महत्वपूर्ण फैसले  
 
स्वर्णकार जाति को झारखंड राज्य के पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची - दो) के क्रमांक 29 पर अंकित सोनार (सुवर्ण वनिक), अष्ट लोही कर्मकार के साथ शामिल करने की स्वीकृति
 
राजकीयकृत विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन निर्धारण की स्वीकृति
 
झारखंड स्वैच्छिक सांस्कृतिक संस्थाओं को सहायता अनुदान स्वीकृति के लिए नीति निर्देशिका एवं शर्तों के निर्धारण के लिए नियमावली के गठन की स्वीकृति 
 
झारखंड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अंतर्गत कर दर से संबंधित निर्गत अधिसूचनाओं पर घटनोत्तर स्वीकृति
 
अन्य महत्वपूर्ण फैसले  
 
झारखंड कारखाना नियमावली, 1950 के नियम पांच के उप नियम (दो) में संशोधन पर स्वीकृति. इससे अनुज्ञापत्र की वैधता एक से 10 वर्ष की जगह एक से 15 वर्ष तक की होगी
 
झारखंड कृषि अधीनस्थ (सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति) नियमावली, 2013 से संबंधित अधिसूचना में संशोधन की स्वीकृति 
 
पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर अंचल में सात एकड़ टाटा लीज क्षेत्र की भूमि को पुनरग्रहित करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण के लिए नगर विकास विभाग का हस्तांतरित करने पर सहमति झारखंड मोटर गाड़ी नियमावली 2001 (अंगीकृत बिहार मोटर गाड़ी नियमावली, 1992) में संशोधन की स्वीकृति. 
 
वाहनों के प्रदूषण जांच व प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना के लिए शुल्क का निर्धारण वित्तीय वर्ष 2019-20 में डीवीसी एवं अन्य के बकाया भुगतान के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को 300 करोड़ अनुदान के रूप में एकमुश्त विमुक्त करने की मंजूरी
 

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