ranchi

  • Jan 22 2020 6:10AM
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एडमिशन के नाम पर ठगी का प्रयास, दो छात्र धराये

एडमिशन के नाम पर ठगी का प्रयास, दो छात्र धराये
रांची : लखनऊ स्थित इंस्पायर लिविंग मैनेजमेंट एकेडमी संस्थान में फर्जी नामांकन करा कमीशन लेने के आरोप में चुटिया पुलिस ने बीटेक के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है. 
 
गिरफ्तार एक छात्र मो साउद उर्फ विक्की इटकी का रहनेवाला है. जबकि, दूसरा छात्र  जुल्कर नैन उर्फ रवि गया के कोतवाली थाना क्षेत्र का रहनेवाला है. दोनों की गिरफ्तारी रांची स्टेशन रोड स्थित होटल रेडियंट से हुई है. पुलिस ने मंगलवार को दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. वर्तमान में दोनों ठाकुरगांव स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक कर रहे थे. अजहर आलम भी इटकी में मो साउद के साथ रहता था. दोनों के खिलाफ चुटिया थाना प्रभारी रवि ठाकुर की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. 
 
प्राथमिकी के अनुसार, चुटिया पुलिस को सोमवार को सूचना मिली थी कि इंस्पायर लिविंग एकेडमी के डॉयरेक्टर से साउल आलम और जुल्कर नैन एडमिशन के नाम पर फर्जी पेपर बनाकर ठगी कर रहे हैं. पुलिस ने सोमवार को होटल में छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान होटल के लॉबी में दो युवक बैठककर कागजात मिला रहे थे. पुलिस को देखते ही वे भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन दोनों को पकड़ लिया गया. 
 
कई छात्रों के प्रमाण पत्र और बैंक ड्राफ्ट बरामद
 
साउद आलम के पास से  शशि कुमार, सौरभ कुमार दुबे, अंकित कुमार सोनी, नीरज प्रताप महतो, गौरी शंकर गुप्ता, हेमंत कुमार महतो, सौरभ खत्री, इंद्रजीत कुमार, धनंजय साहू, कृष्णा महतो के जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बैंक ड्राफ्ट बरामद किये. 
 
ड्राफ्ट लखनऊ स्थित इंस्पायर लिविंग मैनेजमेंट एकेडमी के नाम पर था. वहीं, दूसरी ओर जुल्कर नैन के पास से अभय कुमार, विनय कुमार, मंजीत कुमार, विवेक कुमार गुप्ता, अंजु मुंडा, हर्षित कुमार, मिर हसन, बिट्टू मंडल, शादिया अबरार, राहुल उरांव का फर्जी सर्टिफिकेट और जाली बैंक ड्रॉफ्ट बरामद किया गया. दोनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है इंजीनियर की पढ़ाई के दौरान ही दोनों छात्रों को यह जानकारी मिली थी कि बाहर के कॉलेज में छात्रों का एडमिशन कराने पर कमीशन दिया जाता है. दोनों भी जल्द पैसे कमाने की चाहत थे. इसलिए दोनों ने ठगी की योजना तैयार की. 
 
कंप्यूटर से तैयार करते फर्जी प्रमाण पत्र
 
तैयार योजना के तहत दोनों ने कंप्यूटर के जरिये अलग-अलग नाम और पते पर करीब 20 छात्रों के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किया हैं. इसके साथ ही उनके एडमिशन की रकम के लिए जाली ड्राफ्ट भी तैयार किया था.
 
दोनों छात्रों की योजना थी कि वे  20 छात्रों के एडमिशन के लिए उनके नाम का फर्जी प्रमाण पत्र और ड्राफ्ट संस्था को देते. प्रति छात्र का एडमिशन कराने के एवज में संस्था से 20-20 हजार रुपये कमीशन लेकर उन्हें ठग लेते. इसलिए उन्हें संस्था को लोगों को फोन कर बैठक के लिए होटल में बुलाने की योजना भी तैयार की थी, लेकिन इससे पहले दोनों पकड़े गये.
 
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