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politics

  • Nov 12 2019 8:35PM
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महाराष्ट्र : उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रपति शासन पर जतायी नाराजगी, बोले-कांग्रेस एनसीपी से चल रही है बात

महाराष्ट्र : उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रपति शासन पर जतायी नाराजगी, बोले-कांग्रेस एनसीपी से चल रही है बात

मुंबई : महाराष्ट्र में मंगलवार को राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद कांग्रेस-एनसीपी की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिवसेना को समर्थन देने को मंशा साफ किये जाने के बाद शिवसेना ने प्रेस वार्ता आयोजित की. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रपति शासन पर नाराजगी जतायी.

इसके साथ ही उन्होंने इस बात का दावा किया कि वह अभी भी सरकार बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी कांग्रेस-एनसीपी के साथ बातचीत चल रही है. हमें थोड़ा वक्त चाहिए. हम अअ भी सरकार बना सकते हैं. हमने राज्यपाल से भी सरकार बनाने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन राज्यपाल ने हमें समय नहीं दिया.

इसके साथ ही, उद्धव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब कश्मीर में महबूबा मुफ्ती के साथ मिलकर भाजपा सरकार बना सकती है, बिहार में नीतीश कुमार के साथ मिलकर सरकार बना सकती है और आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के साथ मिलकर सरकार बना सकती है, तो फिर हम कांग्रेस-एनसीपी का समर्थन लेकर सरकार क्यों नहीं बना सकते? उन्होंने कहा कि हमारी कांग्रेस और एनसीपी के साथ बातचीत चल रही है. कांग्रेस और एनसीपी ने शिवसेना से वक्त मांगा है.

उन्होंने करीब 30 साल के साथी भाजपा का साथ छोड़ने के सवाल पर कहा कि महाराष्ट्र के भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने जब सरकार बनाने से इनकार किया था, तो हमें एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए शुभकामनाएं दी थी. उन्होंने कहा कि अब तो राज्यपाल ने हमें छह महीने का समय दे दिया है. अब हम तीनों (कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना) न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर बात करेंगे. अब तक सिर्फ शिवसेना ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. ऐसे में हमारा दावा अब भी बरकार है.

हालांकि, उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री पद छोड़ने के लिए अरविंद सावंत का धन्यवाद दिया. सावंत कट्टर शिवसैनिक हैं. उनकी पार्टी को सम्मान नहीं मिला, तो उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया. उद्धव ने राज्यपाल पर तंज कसते हुए कहा कि हमने उनसे तीन दिन के लिए समय मांगा था, राज्यपाल ने छह महीने का समय दे दिया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के मसले को भी स्पष्ट करते हुए कहा कि हमने राष्ट्रपति शासन के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कोई याचिका दायर नहीं की है.

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