politics

  • Dec 10 2019 9:53PM
Advertisement

CAB 2019: शिवसेना से बोली NCP - 'धीरे-धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है'

CAB 2019: शिवसेना से बोली NCP - 'धीरे-धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है'

मुंबई : नागरिकता संशोधन बिल (CAB, कैब, सीएबी) को लेकर इन दिनों राजनीतिक पार्टियों के बीच खींचतान चल रही है. लोकसभा में शिवसेना ने नागरिकता संशोधन बिल पर मोदी सरकार का समर्थन किया और बिल पास हो गया. अब बुधवार को यह बिल राज्यसभा में पेश होगा. हालांकि राज्यसभा में मोदी सरकार को शिवसेना का समर्थन मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं.

इसकी वजह है शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का वह बयान, जिसके मुताबिक जब तक नागरिकता संशोधन बिल पर चीजें साफ नहीं हो जाती हैं, तब तक शिवसेना इसका समर्थन नहीं करेगी. इससे पहले शिवसेना के सांसद संजय राउत ने ट्वीट किया- राजनीति में अंतिम कुछ नहीं होता... चलता रहता है.


संजय राउत के इस ट्वीट के बाद से ही कयास लगाये जा रहे थे कि शिवसेना नागरिकता संशोधन बिल पर मोदी सरकार का साथ छोड़ सकती है.

यहां यह जानना गौरतलब है कि महाराष्ट्र में पिछले दिनों सरकार को लेकर काफी खींचतान हुई, जिसके बाद शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन ने नयी सरकार बनायी. महीनेभर चली खींचतान के दौरान शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने रोजाना ट्विटर पर शायरी लिखकर भाजपा पर निशाना साधा था. संजय राउत ने कई दिनों तक हर रोज सुबह कुछ पंक्तियां ट्वीट करते रहे थे.

अब महाराष्ट्र की सत्ता में शिवसेना की सहयोगी एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने संजय राउत के हालिया ट्वीट के जवाब में ट्विटर पर ही कुछ पंक्तियां लिखी हैं. राउत को टैग करते हुए नवाब मलिक ने लिखा है- 'धीरे-धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है.


मलिक के इस फिल्मी ट्वीट को सीधे तौर पर राउत के उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें सीएबी को लेकर उन्होंने कहा था कि कल लोकसभा में क्या हुआ, वह भूल जाइए.

नागरिकता संशोधन विधेयक पर शिवसेना नेता संजय राउत द्वारा दिये गए बयान के बाद आये ट्विस्ट के बाद अब एनसीपी नेता नवाब मलिक ने भी ट्वीट कर संकेत दिये हैं कि राज्यसभा में शिवसेना शायद अपना स्टैंड बदल दे.

हालांकि, इस बीच एनसीपी ने मंगलवार को कहा कि दोनों पार्टियां अलग हैं और उनके लिए हमेशा सभी मुद्दों पर समान विचार रखना मुमकिन नहीं है. एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने इस बाबत कहा कि पार्टियां यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि महाराष्ट्र में किसी के साथ भी धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न हो.

मालूम हो कि लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद अब इसे बुधवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा. बिल को पास कराने के लिए भाजपा को कई अन्य पार्टियों के सहयोग की आवश्यकता है. ऐसे में शिवसेना के तीन राज्यसभा सांसदों का वोट भी काफी महत्वपूर्ण है. वहीं, बिल का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है.

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement