patna

  • Dec 15 2019 4:03AM
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1876 वार्डों में बढ़ेगा ग्राउंड वाटर लेवल, बनेंगे दो-दो सोख्ते, कुओं को दोबारा किया जा रहा जिंदा

1876 वार्डों में बढ़ेगा ग्राउंड वाटर लेवल, बनेंगे दो-दो सोख्ते, कुओं को दोबारा किया जा रहा जिंदा

 पटना  : राज्य के 1876 वार्डों में ग्राउंड वाटर लेवल बढ़ाने के लिए दो-दो सोख्ते बनाये जायेंगे. यह जिम्मेदारी जल- जीवन- हरियाली अभियान के तहत पीएचइडी को दी गयी है. इन सभी 1876 वार्डों में जमीन के नीचे का पानी सूख गया था, जिससे लोगों के लिए जल संकट पैदा हो गया था. वहां बोरिंग की मनाही हो गयी थी. इन वार्डों को क्रिटिकल जोन में शामिल किया गया था. 

 
 आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि राज्य भर की 1876 ऐसी पंचायतें थीं, जिनमें ग्राउंड वाटर लेवल इस वर्ष  पांच से 10 फुट  तक नीचे गया था. इनमें 138 पंचायतें अत्यधिक  क्रिटिकल जोन में थीं. इन जिलों में  ग्राउंड वाटर लेवल तीन से 10 फुट तक गिर गया था.  
 
सबसे अधिक जल संकट औरंगाबाद, जहानाबाद, जमुई,  गया, नालंदा, पटना, लखीसराय, नवादा, वैशाली, सारण, समस्तीपुर और दरभंगा  जिलों के वार्डों में था. इस कारण से पीएचइडी ने इन क्षेत्रों में दोबारा कुएं को जिंदा करने के साथ-साथ दो-दो सोख्ता बनाने का निर्णय लिया है.  
 
कुओं को दोबारा किया जा रहा जिंदा
जल-जीवन-हरियाली के  बिहार के सभी जिलों में पहले से आहर व पइन जो खत्म हो गये हैं, उनको दोबारा से अस्तित्व में आने की कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है. वहीं, तालाब एवं जल निकायों  की उड़ाही का काम शुरू किया गया है. पीएचइडी व लघु जल संसाधन विभाग  इस काम में जुट गया है और विभाग फिलहाल  600 कुओं को दोबारा जिंदा किया जा चुका है.  
 
राज्य भर में भेजा जा रहा है नोटिस  
विभाग सोख्ता बनाने के साथ ही सभी जिलाें के डीएम के माध्यम से वैसे लोगों को नोटिस भेज रहा है, जिन्होंने पइन व आहर पर अतिक्रमण कर घर बनाया है. कुओं को भर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक अब तक राज्य भर में 6000 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा गया है, इनमें सबसे अधिक ऐसे लोग हैं, जिन्होंने आहर व पइन को भरकर मकान बना लिया है. इन सभी के घरों को पुराने खतियान से मिलान करने के बाद सीओ के स्तर से तोड़ा जायेगा. 
 
पटना के  58.38 प्रतिशत क्षेत्रों से तालाब व पोखर गायब 
पीएचइडी अधिकारियों के मुताबिक राज्य भर में तालाब, पोखर व जल्ला को भर कर लोगों घर बना लिया है और अब भी बना रहे हैं. पटना जिले की बात करें, तो   58.38 प्रतिशत क्षेत्रों से तालाब व पोखर गायब हो गये हैं. 
 
पटना में जल संकट हर साल तेजी से बढ़ रहा है. पानी पीने के लिए लोगों को बहुत दूर तक जाना पड़ रहा है. आहर, पइन और कुओं पर अतिक्रमण करने वालों को पटना डीएम के निर्देश पर  570 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा गया है.
 
राज्य भर में भेजा जा रहा है नोटिस  
विभाग सोख्ता बनाने के साथ ही सभी जिलाें के डीएम के माध्यम से वैसे लोगों को नोटिस भेज रहा है, जिन्होंने पइन व आहर पर अतिक्रमण कर घर बनाया है. 
 
कुओं को भर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक अब तक राज्य भर में 6000 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा गया है, इनमें सबसे अधिक ऐसे लोग हैं, जिन्होंने आहर व पइन को भरकर मकान बना लिया है. इन सभी के घरों को पुराने खतियान से मिलान करने के बाद सीओ के स्तर से तोड़ा जायेगा. 
 
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