patna

  • Dec 11 2019 8:50AM
Advertisement

पटना : तेजस्वी यादव आज देंगे धरना, कार्यकर्ताओं से दगाबाज नेताओं से सतर्क रहने को कहा

पटना : तेजस्वी यादव आज देंगे धरना, कार्यकर्ताओं से दगाबाज नेताओं से सतर्क रहने को कहा
पटना : राजद के खुले अधिवेशन में मंगलवार को तेजस्वी यादव ने विरोधी दलों को चेतावनी दी कि उनके लोग भी टूटने या पाला बदलने की तैयारी में हैं. लोग संपर्क में हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे? हमें इसकी जरूरत भी नहीं है. 
 
हम सिर्फ जनता के बीच जायेंगे. पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री के रूप में पेश किये गये तेजस्वी ने कहा कि मैं जानता हूं कि लालू प्रसाद को उन्हीं लोगों ने धोखा दिया, जिन्हें उन्होंने एमएलए व सांसद बनाया. ऐसे लोग आगे भी हो सकते हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्होंने आह्वान किया कि वे ऐसे दगाबाज नेताओं से सतर्क रहें. उन्हें चुनाव में सबक सिखाएं. तेजस्वी ने अपने पिता लालू के जेल में होने पर कहा कि बहुतों को बेल मिल रही है, लेकिन उन्हें नहीं, क्योंकि वे उन ताकतों से लड़े जो आज सत्ता में हैं. गरीब व वंचितों की लड़ाई लड़ने की उन्हें सजा दी जा रही है. मैं भी गरीबों, वंचित व अपने पूर्वजों की लड़ाई लड़ता रहूंगा. इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने डाॅ सरोज कुमार गुप्ता की लिखी ' राष्ट्रीय जनता दल : दर्शन व विचारधारा' पुस्तक का विमोचन भी किया. 
 
पटना : विरोधी ताकतों से लड़ाई की जिम्मेदारी भी आपकी : शरद यादव
 
पटना : तेजस्वी को राजद की तरफ से सीएम व लालू के उत्तराधिकारी के रूप में पेश करने पर शुभकामना देते हुए वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कहा कि राजद को महागठबंधन में सबसे ज्यादा वोट मिले थे. 
 
इसलिए अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की बड़ी जिम्मेदारी भी उसी की है. तेजस्वी को चाहिए कि विरोधी दल के नेता की जवाबदेही निभाएं. हालांकि इसके लिए संघर्ष करना होगा. खुले अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि असली परीक्षा विधानसभा चुनाव में है. हमें मिल कर लड़ना है. 
 
राजद अपने प्रस्तावों को अमल में लाकर चुनाव में जीत दर्ज करायेगा. अधिवेशन को अब्दुल बारी सिद्दीकी, जयप्रकाश यादव, शिवानंद तिवारी, उदय नारायण चौधरी, कांति सिंह आदि ने  भी संबोधित किया. स्वागत भाषण प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने दिया. 
 
पटना : तेजस्वी यादव आज देंगे धरना
 
पटना : राजद नेता तेजस्वी यादव जेपी गोलंबर पर 11 दिसंबर बुधवार को धरने पर बैठेंगे. धरने पर दस बजे से बैठेंगे. राजद के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि राजद  नेता एनआरसी,नागरिक संशोधन विधेयक और बिहार में बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर धरना देंगे. धरने में प्रदेश राजद के सभी वरिष्ठ   नेता मौजूद रहेंगे.
 
विस चुनाव में भी सजायफ्ता के ही नाम की माला जपेगा राजद
 
पटना : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि नेतृत्व व मुद्दाविहीन राजद एक मुजरिम के नाम पर 2020 में भी किला फतह का दिवा स्वप्न देख रहा है. पार्टी के खुले अधिवेशन में एक सजायफ्ता को 11वीं बार कमान सौंप राजद ने सूबे की जनता को यह बता दिया है कि वह अपने पुराने ढर्रे पर ही चलेगा. यह बात अलग है कि सुप्रीमो जेल में बंद रहेंगे, लेकिन विस चुनाव में राजद उन्हीं के नाम की माला जपेगा. उन्होंने कहा कि राजद नेता तेजस्वी रोज-रोज अपराध व संविधान की बात कर एनडीए सरकार को पानी पी-पी कर कोसते हैं, लेकिन खुद एक आपराधिक व्यक्ति को राजनैतिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का समर्थन कर संविधान का मखौल उड़ा रहे हैं.
 
परिवार के लिए राजद अपने संविधान में करे संशोधन : लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा ने राजद पर हमला करते हुए कहा है कि राजद को अपने संविधान में संशोधन कर लेना चाहिए. पार्टी के सभी शीर्ष पदों पर लालू परिवार के सदस्य ही हमेशा के लिए काबिज रहेंगे. चाहे राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद हो या नेता प्रतिपक्ष अथवा विधान परिषद में नेता का. पार्टी के सभी महत्वपूर्ण पद उनके परिवार के पास ही हैं.
 
राजद अपनी पार्टी को लेकर कोई भी घोषणा कर सकता है : कांग्रेस
 
पटना : बिहार में महागठबंधन के प्रमुख घटक दल राजद ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प किया है. राजद के इस फैसले पर कांग्रेस की ओर से यह माना जा रहा है कि यह उनके दल का निर्णय है. 
 
कांग्रेस नेता राजद के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते  हैं. उनका कहना है  राजद अपने पार्टी को लेकर कोई भी घोषणा कर सकती है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री चुनने का अपना तरीका होता है. विस चुनाव के बाद कांग्रेस में सीएम का चुनाव विधायकों की आम सहमति के बाद लिया जाता है. 
 
राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ मदन मोहन झा ने कहा कि राजद के किसी निर्णय को लेकर कांग्रेस को क्या आपत्ति होगी. यह घोषणा महागठबंधन दलों का नहीं है, जब महागठबंधन दलों की बैठक होगी, तो उसमें नेता का चुनाव किया जायेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नीतिगत फैसला तो आलाकमान की ओर से लिया जाता है. 
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement