patna

  • Jul 17 2019 8:05AM
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मॉनसून सत्र : बीते वर्ष बिहार के लोगों ने सबसे ज्यादा दवाइयों पर किया खर्च : डिप्टी सीएम

मॉनसून सत्र : बीते वर्ष बिहार के लोगों ने सबसे ज्यादा दवाइयों पर किया खर्च : डिप्टी सीएम
वाणिज्य कर विभाग के बजट पर रखा गया पक्ष
पटना : विधानसभा में डिप्टी सीएम सह वाणिज्य कर मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बीते 2018-19 के दौरान बिहार में सबसे ज्यादा नौ हजार 98 करोड़ की दवाएं बाहर से आयी हैं. बिहार कंज्यूमर स्टेट होने के कारण यहां बाहर से ही सभी सामानों को मंगवाना पड़ता है. इस पर जीएसटी का लाभ राज्य को प्राप्त होता है. विभागीय मंत्री वाणिज्य कर विभाग के बजट पर वक्तव्य दे रहे थे. 
 
राज्य में दवाइयों के अलावा पांच हजार 849 करोड़ के सीमेंट, पांच हजार 524 करोड़ के मोबाइल फोन, चार हजार 869 करोड़ की मोटरसाइकिल, चार हजार 180 करोड़ की कार, तीन हजार 368 करोड़ का आयरन, तीन हजार करोड़ के ट्रैक्टर और आठ हजार 672 करोड़ के कॉटन एवं पॉलिस्टर कपड़ों की राज्य के बाहर से आकर बिक्री हुई. वित्तीय वर्ष 2017-18 की तुलना में 2018-19 में 26.17 प्रतिशत की वृद्धि राजस्व संग्रह में हुई है.
 
इसमें रिकॉर्ड संग्रह 25 हजार 583 करोड़ का हुआ है. बिहार में जीएसटी के बाद निबंधित टैक्स देने वालों में दो लाख 44 हजार की बढ़ोतरी हुई है. इनकी संख्या एक लाख 63 हजार से बढ़कर चार लाख आठ हजार हो गयी है. 
 
नयी पेंशन स्कीम में राज्य में भी जल्द बढ़ोतरी : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नयी पेंशन स्कीम में केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार भी बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है.  केंद्र ने अपना अंशदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है. जबकि,  कर्मियों का अंशदान 10 प्रतिशत ही है. राज्य सरकार भी इसमें अपना अंशदान 10  प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है. 
 
डिप्टी सीएम ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष से ही सभी विभागों में इ-कोषागार की व्यवस्था लागू हो  जायेगी. सभी कोषागार ऑनलाइन होने जा रहे हैं. इससे यहां का कोई व्यक्ति  विदेश में बैठकर भी टैक्स या चालान जमा कर सकता है. उन्होंने कहा कि झारखंड और बिहार के बीच रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन का विवाद सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. परंतु तत्काल व्यवस्था के तहत जनसंख्या  अनुपात के मुताबिक झारखंड ने एक हजार 403 करोड़ दिया है. फिर भी 310 करोड़ अभी बकाया है. 

विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

सूबे में एमबीबीएस की बढ़ीं 1140 सीटें
 
पटना : राज्य के मेडिकल काॅलेजों में अगले साल से एमबीबीएस की 1140 सीटें बढ़ जायेंगी. इन काॅलेजों में 2020 में 2440 सीटों पर एमबीबीएस के पहले साल में नामांकन हो सकेगा. विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने यह जानकारी दी.
 
उन्होंने सदन को बताया कि मधेपुरा सहित सरकारी मेडिकल कॉलेजों व निजी क्षेत्र के प्राइवेट कॉलेजों की स्वीकृति मिलने के बाद एमबीबीएस में 2440 सीटों पर नामांकन हो सकेगा. वर्तमान में राज्य के विभिन्न मेडिकल काॅलेजों में एमबीबीएस की 1300 सीटें हैं. केदारनाथ पांडेय के ध्यानाकर्षण के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार मेडिकल कॉलेजों व इनमें सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील है. 
 
निजी क्षेत्र में मधुबनी व सहरसा में दो नये मेडिकल कॉलेजों की मान्यता भारत सरकार द्वारा दी गयी है. सरकारी नौ  मंत्री ने कहा कि मधेपुरा के अतिरिक्त पूर्णिया, समस्तीपुर, छपरा, झंझारपुर, सीतामढ़ी, बक्सर, जमुई, सीवान, बेगूसराय, महुआ व आरा में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है. निजी क्षेत्र में तुर्की में 150 व बिहटा में सौ एमबीबीएस नामांकन क्षमता के साथ नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किया गया है. 
 
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवनों का िनर्माण प्रगति पर
 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कटिहार मेडिकल कॉलेज में सौ से बढ़ा कर 150 सीटें करने के लिए भी अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किया गया है. पुराने छह मेडिकल कॉलेज की नामांकन क्षमता में और वृद्धि के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज में सौ व शेष पांच मेडिकल कॉलेजों में 50-50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों की वृद्धि के लिए एमसीआइ की अनुमति मांगी गयी है. 
 
वहीं, कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि 187 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नये भवन को भवन निर्माण विभाग ने हस्तांरित कर दिया है. पांच का निर्माण प्रगति पर है. आठ को जमीन नहीं मिली है. एक का नक्शा पास नहीं हुआ है. नये भवन में उपकरण की स्थापना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
 
आयुष्मान योजना : एक करोड़ आठ लाख लाभुक चयनित
 
पटना : विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में एक करोड़ आठ लाख लाभुक चयनित हैं. शहरी क्षेत्र में आठ लाख 65 हजार 916 व ग्रामीण क्षेत्र में 99 लाख 34 हजार 84 हैं. 
 
राधाचरण साह के तारांकित सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि एसइसीसी 2011 आधारित जनगणना के छह मानकों पर लाभुकों का चयन हुआ है. भोजपुर में केंद्र सरकार द्वारा दो लाख 41 हजार 699 व बक्सर में एक लाख सात हजार 799 लाभार्थियों का चयन किया गया है.  
 
प्रो नवल किशोर यादव के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मानसिक आरोग्यशाला कोइलवर में प्रथम चरण में 128़ 96 करोड़ से 272 बेड के अस्पताल का निर्माण होगा. तीन साल में निर्माण पूरा होगा. निर्माण कार्य के लिए 35 करोड़ आवंटित किये जा चुके हैं. एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि राजवंशी नगर अस्पताल में पांच जुलाई से मुफ्त में एक्सरे की सुविधा शुरू की गयी है. 12 करोड़ 52 लाख से 30 बेड का ट्रॉमा सेंटर बनेगा. पांच जीएनएम संस्थान को फार्मेसी संस्थान के रूप में खोलने का निर्णय लिया गया है. 
 
पटना : बढ़ सकती है कबीर अंत्येष्टि योजना की राशि : मंत्री
 
पटना : कबीर अंत्येष्टि योहना की राशि को तीन हजार से बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह ने विधानसभा को इसकी जानकारी दी. 
 
उन्होंने बताया कि सामाजिक-आर्थिक व जातीय जनगणना (एसइसीसी) से  कबीर अंत्येष्टि योजना को जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है. कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत बीपीएल परिवारों के किसी भी आयु वर्ग के सदस्य के निधन पर तीन हजार की सहायता दी जाती है. 2007 के बाद से बीपीएल सूची को अपडेट नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए एसइसीसी को मानक माना गया है. 
 
मंत्री ने स्वीकार किया कि सरकार कबीर अंत्येष्टि योजना की तीन हजार रुपये की राशि में वृद्धि पर विचार कर सकती है. कांग्रेस की अमिता भूषण ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से इस संबंध में जवाब की मांग की थी. कला संस्कृति एवं युवा मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज में एसबीजेएम उच्च विद्यालय में स्टेडियम बनाने के लिए सात बार जिलाधिकारी को स्मार पत्र भेजा गया है. 
 
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