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patna

  • May 16 2019 3:46AM
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सप्लाइ होनी हैं 225 तरह की दवाएं, मिल रहीं महज 77

 पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वर्तमान समय में मरीजों को 77 तरह की दवाएं व सर्जिकल आइटम मिल पा रहे हैं, जबकि बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) को हर महीने 225 तरह की दवाएं व सर्जिकल आइटम देने हैं. 

 
 यह खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हुआ है. दरअसल शहर के रहने वाले विकास चंद्र  (गुड्डू बाबा) ने पीएमसीएच में दवाओं की संख्या व सप्लाइ को लेकर सूचना के अधिकार के तहत जवाब मांगा था. इसमें अस्पताल प्रशासन के दिये गये जवाब के अनुसार दवाओं की संख्या सिर्फ 77 ही बतायी गयी है. 
 
दोनों की खींचतान में मरीजों की मुसीबत
एक तरफ जहां बीएमएसआइसीएल की ओर से दवाओं की पूरी सप्लाइ नहीं हो रही. दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन की ओर से दवाओं के टेंडर के लिए हुए रेट निर्धारण के बाद भी दवाओं की खरीदारी नहीं हो पायी. नतीजा मरीजों को पूरी तरह से नि:शुल्क दवाएं नहीं मिल पा रही हैं. पूरी दवाएं नहीं मिलने की वजह से मरीजों को निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है. 
 
जो दवाएं पीएमसीएच में नहीं हैं, वे दवाएं महंगे दामों पर बाहर से खरीदते हैं. इतना ही नहीं भंडार में दवा नहीं रहने का पूरा फायदा दलाल भी उठाते हैं. मरीजों को 10 प्रतिशत कम दर में दवाएं देने का झांसा दे मरीज चिह्नित दुकान से दवाएं खरीदने को ले जाते हैं. 
 
दो आरटीआइ के जवाब में यह हुआ खुलासा
30 अप्रैल, 2019 पत्रांक संख्या 162/96/19 व ऑर्डर संख्या 48एफ 942039 के तहत जवाब भी दिया गया है. इसमें बताया गया कि 173/69/19 के तहत दो तरह के जवाब मिले हैं. एक पत्र के जवाब में पाया गया है कि अस्पताल में सिर्फ 77 तरह की दवाएं हैं, जबकि 225 तरह की दवाएं व सर्जिकल आइटम होनी चाहिए. वहीं दूसरी ओर 2019-20 के तहत अभी हाल ही में अस्पताल प्रशासन ने टेंडर जारी किया है. 
 
क्या कहते हैं अधिकारी
बीएमएसआइसीएल की वेबसाइट पर दवाओं व सर्जिकल आइटम को जारी कर दिया गया है. करीब हमारे पास 160 से अधिक तरह की दवाएं व करीब 80 तरह की सर्जिकल आइटम हैं. जरूरत पर सप्लाइ की जाती है. पीएमसीएच में 77 तरह की दवाएं क्यों हैं, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है.
डॉ विश्व प्रकाश प्रधान, डीजीएम, 
बीएमएसआइसीएल (ड्रग)
 
दवाओं की खरीदारी व सप्लाइ के बारे में मुझे जानकारी नहीं है. लोक सूचना के अधिकार के तहत क्या जवाब दिया गया और पूरा मामला क्या है, इसके बारे में मैं कुछ नहीं बता पाऊंगा. 
डॉ रंजीत कुमार जमैयार, उपाधीक्षक, पीएमसीएच
 
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