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patna

  • Dec 16 2017 7:17AM

गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर कर सकता है दिल को बीमार

पटना : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखना बहुत ही जरूरी होता है. जब गर्भवती महिलाओं में रक्तचाप की समस्या 140/90 के ऊपर हो जाती है तो वह मां और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए बड़ा ही खतरनाक साबित होता है. इस स्थिति में गर्भ में पल रहे शिशु का भार कम हो जाता है और यह मूत्र में प्रोटीन, हाथ एवं पैरों में असामान्य सूजन और सिरदर्द जैसे लक्षण पैदा कर देता है. 
 
यह कहना है स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ मंजू गीता मिश्रा व पीएमसीएच की डॉ अलका पांडे का. वे पटना ऑव्सटेट्रिक एवं गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा राष्ट्रीय संस्था फॅग्सी के बैनर तले शुक्रवार से आयोजित कार्यशाला आईकोब-2017 में बोल रही थीं. इसमें अमेरिका, इंग्लैंड, नीदरलैंड, आयरलैंड, शारजाह एवं नेपाल के अलावा भारत के प्रत्येक राज्य के प्रख्यात डॉक्टर शामिल रहीं. पहले दिन आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन डॉ मंजू गीता मिश्रा व डॉ प्रमिला मोदी ने किया. 
 
आधुनिक तरीकों से कम की जा सकती हैं जटिलताएं : डॉ अमिता ने बताया कि इसका उद्देश्य गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं को आधुनिक तरीके से कम कर सुरक्षित प्रसव कराना है. वहीं सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ अनिता सिंह व कार्यशाला की को-ऑर्डिनेटर डॉ कल्पना सिंह ने कहा कि पहले दिन सीनियर व विदेशों आये डॉक्टरों की टीम ने हाई रिस्क व क्रिटिकल प्रेग्नेंसी के दौरान इलाज और सावधानियां आदि के बारे में विस्तार से बताया.  
 
अहमदाबाद से आये डॉ अल्पेश गांधी ने कहा कि हर 100 में 10 महिलाएं हाई रिस्क व तीन महिलाएं क्रिटिकल प्रेग्नेंसी की शिकार होती हैं. इसलिए मां को अपने गर्भ में पल रहे शिशु को ध्यान में रखते हुए अपने  रक्तचाप पर कंट्रोल रखना चाहिए. डॉ गांधी ने कहा कि अगर महिला को कोई दवा लेने की सलाह दी गयी हो तो  उन्हें समय पर लेना न भूलें और यदि डॉक्टर ने घरेलू उपायों की ओर ध्यान  देने को बोला है तो इन बातों को हमेशा ध्यान में रखें.
 
बीपी वाली महिला में दिल की होती है बीमारी : यूके से आयी डॉ अनिता कुमारी ने कहा कि हाल ही में सामने आये एक अध्ययन में बताया गया है कि जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप की शिकायत रहती है उनमें सामान्य महिलाओं के मुकाबले  दिल की गंभीर बीमारियां होने का खतरा दोगुना तक बढ़ जाता है. 
 
वहीं  गर्भावस्था के बाद ऐसी महिलाओं में अवसाद का शिकार होने का खतरा 5 गुना तक  बढ़ जाता है. गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप की शिकायत के कारण प्रीक्लैंपसिया जैसी गंभीर स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है जो मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक है.  
स्वस्थ रहने के दिये टिप्स : 
 
-गर्भावस्था में अधिक नमक खाना महिला के लिए नुकसानदायक हो सकता है इसलिए महिला 3 ग्राम से अधिक नमक न लें 
-रक्तचाप कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल लें. नमक या शर्करा रहित फल और सब्जियों के रसों को भी ले सकते हैं 
-गर्भावस्था में महिला जितना ज्यादा पोषक तत्व लेगी इतना ही बच्चे के लिए फायदेमंद होगा. स्वस्थ आहार में गहरे हरे रंग वाली पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए 
 
-रक्तचाप को कंट्रोल करने के लिए कॉड लिवर ऑयल, अखरोट का टोफू आदि जरूर लें
- गर्भावस्था में रक्तचाप कम करने के लिए लहसुन लें, यह धमनियों की थकान को कम कर हृदय को कंट्रोल करता है
-उच्च रक्तचाप हो तो टहलना चाहिए. टहलने से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर हो सकती हैं
 

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